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Wednesday, January 24, 2018

नगर बक्सवाहा में गूंजे महावीर के जयकारे


फईम उद्दीन/बकस्वाहा- सकल दिगम्बर जैन समाज बकस्वाहा के  तत्वावधान में हो रहे सिद्ध चक्र महामंडल विधान के आखिरी दिन  आचार्य विधासागर के परम शिष्य ब्रह्रचारी राजेन्द्र भाईया जी के मार्गदर्शन में समापन की बेला को यादगार बनाने के लिए श्री जी एक बिशाल शोभा यात्रा का आयोजन किया गया। 16 तारीख से शुरू श्री 1008 सिद्ध चक्र महामंडल विधान के आखिरी दिन श्रद्धालुओं की उपस्थिति में खासी बढ़ोतरी देखने को मिली । आज विधान के आखिरी दिन सुबह 6 बजे से पंडाल में भक्तो की भीड़ लगनी शुरू हो गई सुबह 6:30 पर भगवान का तीन बेदीयो पर बारी बारी अभिषेक पूजन व् संगीतमय आरती हुई तद्पश्चात सौधर्म इंद्र विनोद जैन, कुबेर बीरेंद्र जैन व् सभी इंद्र इंद्रनियो ने भक्ति की उसके उपरान्त विधान का हवन किया गया व् विधान कार्यक्रम में बने इंद्र सुकमाल जैन, नवनीत जैन, पंकज जैन, आलोक जैन के साथ साथ सभी इन्द्रो ने भगवान की संगीतमय भक्ति की। कुबेर बीरेंद्र जैन ने धन वर्षा की उसके उपरांत भगवन  की शोभा यात्रा को पंडाल से शुरू कर नगर के मुख्य मार्गो से होते हुए पुनः पंडाल में लाया गया फिर भगवान का अभिषेक कर मंदिर जी में भगवन को बिराजमान किया गया।

रोचक दृश्य  तीन ड्रोन( हेलीकाप्टर) से शोभा यात्रा में धर्म ध्वजा फहराई गई व् भगवान के ऊपर पुष्प वर्षा की गई। शोभा यात्रा घोडा बग्गी ,रथ, स्वर्ण विमान ,रजत विमान व् गाजे बाजे के साथ बड़े ही धूम धाम S नगर में निकली शोभा यात्रा में श्रद्धालुओ ने  सिर पर 108 कलश रख कर  हाथो में धर्म ध्वजा ले कर सारे नगर में भ्रमण करते हुए  बिशाल जुलुस के रूप में मंदिर पहुचेशोभा यात्रा को देखने भारी तादाद में भक्तो की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में बड़ी मात्रा में नगर व् छेत्रीय श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।

Tuesday, January 23, 2018

ट्रेवल एजेंसी संचालक बृजेश लेंगे जैनेश्वरी दीक्षा

ट्रेवल एजेंसी संचालक बृजेश लेंगे जैनेश्वरी दीक्षा
बडामलहरा में हुई गोद भराई रस्म

नरेन्द्र दीक्षित/बडामलहरा-  सेठ बृजेश जैन उर्फ किन्ना भैया अगले माह फरवरी  में जैनेश्वरी दीक्षा लेंगे जिनकी गोद भराई रस्म बडामलहरा में श्रेयांश फौजदार के निवास पर सम्पन्न हुई। देश की मायानगरी मुम्बई में ट्रेवल एजेंसी का संचालन करने वाले सागर जिले के शाहगढ़ निवासी सेठ बृजेश जैन ऊर्फ किन्ना भैया संसार को असार जानकर  तथा मोह माया को तजकर अपना घर परिवार से विरक्त होकर वैराग्य धारण कर अगले माह फरवरी में दिगम्बर जैनाचार्य देवनंदी महाराज से मुनि दीक्षा धारण कर आत्म कल्याण की ओर अग्रसर होगें मुनि दीक्षा लेने के पूर्व बृजेश उर्फ किन्ना भैया की गोद भराई की रस्म देश के विभिन्न नगरों,महानगरों में सम्पन्न हो रही है इसी क्रम में बडामलहरा में भी श्रेयांश फौजदार के निवास पर एक आयोजन के माध्यम से किन्ना भैया का गोद भराई कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें नगर की जैन समाज के लोगों ने हिस्सा लिया आयोजित हुये इस कार्यक्रम में पंचायती जैन समाज के प्रतिनिधियों के अलावा अखिल भारतीय महिला परिषद की गुरुभक्ति शाखा की महिलाओं ने गोद भराई की रस्म निभाई इस अवसर पर दीक्षा धारण करने के लिये अग्रसर किन्ना भैया ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी किया।

Saturday, January 20, 2018

श्री सिद्धचक्र महामंडल नौ दिवसीय विधान का चौथा दिन


बकस्वाहा - श्री सिद्ध चक्र विधान का नौ दिवसीय अनुष्ठान स्थानीय पुराना बस स्टैंड गांधी चबूतरा प्रांगण में 16 तारीख से प्रारंभ हुआ जो कि 24 तारीख तक चलेगा आज सिद्ध चक्र महामंडल विधान का चौथे दिन में हो रहे सिद्ध चक्र महामंडल विधान में आज 128 अर्ध चढ़ाये गये अब कल 256 अर्ध चढाये जायेगे। सुबह 6:30 बजे से भगवान का अभिषेक किया गया। तदउपरान्त शान्ती धार कि गई व् बाहुबली भगवान के मस्तकाभिषेक के 108 कलशों की बोलिया लगाई गई जोकि श्रद्धालुओं ने बड़ चढ़कर ली कार्यक्रम में मुख्य पात्र की भूमिका में सौ धर्म इन्द्र  विनोद कुमार जैन और शचि इंद्राणी ज्योति जैन ने बताया की पूजन और अर्ध के माध्यम से भगवान से विश्व शान्ती की कामना की जा रही है। संगीतमई विधान में अशोकनगर से पधारे संगीतकार राजीव जैन और उनके साथी कलाकारों द्वारा संगीतमई पूजन और विधान कराया जा रहा है और वो अपनी मनमोहक आवाज से पूजन और विधान में इन्द्रो और इन्द्रणीयो को झूमने पर मजबूर कर देते हैं इस पूजन विधान में जिसमें लगभग 125 जोड़े एक साथ पूजन विधान कर रहे हैं रात में होने वाली सांस्कृतिक कार्यक्रमों में महेंद्र जैन भगवॉ और उनके साथियों द्वारा मनमोहक नाटिकाएं प्रस्तुत की जा रही है। इस धार्मिक कार्यक्रम में आसपास से गांव से लोगों का आने का तांता लगा है इसी क्रम में आज बम्हौरी महिला क्लब द्वारा द्रव लेकर, सकल दिगंबर जैन समाज वाॅसा, महिला क्लब दमोह , महिला क्लब बम्होरी और  धर्मिक  कार्यक्रम में सहभागिता निभाई गई।
वही मुनिसुब्रतनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर से मुलायम फट्टा जी, सुनील बन्ना, अनिल जैन, खेमचंद फट्टा, अभय फट्टा, प्रदीप जैन, नवनीत जैन, पंकज बन्ना एवं महिला क्लाब द्वारा आज एक शोभायात्रा के रूप में मंदिर प्रांगण से कार्यक्रम स्थल तक द्रव्य लेकर कार्यक्रम में सहभागिता प्रदान की।

धर्म सभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के परम शिष्य ब्रहमचारी श्री राजेंद्र भैया जी ने कहा की श्री सिद्ध चक्र विधान एक ऐसा अनुष्ठान है, जिससे मनुष्य की सभी विपत्तियां दूर होती हैं। उन्होंने कहा कि जैन अनुष्ठानों में इस विधान का सर्वोपरी स्थान है। इस अनुष्ठान को करने वाला अथवा कराने वाला अथवा रंच मात्र भी सहयोग करने वालों को ऐसा पुण्य लाभ होता है जो कभी कम अथवा नष्ट नहीं होता। उन्होने ने कहा कि जैन धर्म समेत लगभग सभी धर्मो में चक्र का विशेष महत्व है। यह धर्म चक्र तीर्थकरों के आगे-आगे चलता है। इसलिए अ‌र्न्तत्मा के साथ श्रद्धापूर्वक पूजन करने से अलौकिक पुण्य को प्राप्त कर हमारे जीवन को धन्य बनाता है। ट्रस्ट के प्रबंध समिति के सभी सदस्यों के प्रति अपने आर्शीवचन में उन्होंने सभी के सुख-समृद्धि की कामना करते हुए उनके और अधिक धार्मिक व सामाजिक उत्थान हेतु कार्यरत रहने की कामना 
सौ धर्म इन्द्र विनोद कुमार जैन  बताया कि अनुष्ठान के पहले दिन सिद्ध भगवान के आठ गुणों की पूजा की गयी। 

अनुष्ठान में इन्द्र , इन्द्राणी व जैन समाज के समस्त सदस्य आदि  पूजा-अर्चना की।

जैन मिलन अधिवेशन सम्पन्न


नरेन्द्र दीक्षित/बड़ामलहरा- भारतीय जैन मिलन क्षेत्र क्र 10 का  क्षेत्रीय अधिवेशन कार्यक्रम सिद्धक्षेत्र द्रोणगिरि के देवनन्दी हाल में सपन्न हुआ जिसमें भारतीय जैन मिलन के समारोह गौरब सुरेश जैन, ऋतुराज मेरठ राष्टीय अध्यक्ष, कपिल मलैया मुख्य अतिथि, नरेशचंद देहरादून राष्टीय महामंत्री ,नरेश जैन राजकमल बड़ौत सगंठन महामन्त्री,विजय जैन गुना कार्यवाहक अध्यक्ष सत्यनारायण  राष्टीय स्वयंसेवक, भीष्म जैन क्षेत्रीय अध्यक्ष क्षेत्र क्र 10, कमलेन्द्र जैन क्षेत्रीय महामंत्री ने शिरकत की। 

अधिवेशन मे मुख्यअतिथि ने दीपप्रज्वलन किया इसके बाद सागर से आई वीरांगना बहनों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया और अधिवेशन शुरू किया गया इस आयोजन में क्षेत्रीय मंत्री कमलेंद्र जैन ने बताया कि जैन मिलन की सागर संभाग में 57 शाखा सभी हाल में संचालित की जा रही है जिसमे जैन मिलन मुख्य शाखा, युवा मिलन शाखा ,एवम वीरांगना जैन मिलन की शाखाएं शमिल है इस संगठन को पूरे देश में आगे बढ़ने के लिए हम सब को निरंतर कार्य करना होगा अधिवेशन के राष्टीय अध्यक्ष सुरेश जैन ऋतुराज मेरठ ने सब को संबोधित करते हुए कहा कि जिस लगन के साथ आप सब कार्य कर रहे हैं वो बहुत ही सराहनीय है क्षेत्र क्र 10 सभी क्षेत्रों में एक जुटता से धर्म की प्रभावना बढ़ाने के लिए जाना जाता है हमारी जैन मिलन संस्था नही ही दिगम्बर, शेवताम्बर, तेरह पंथी, स्थानवासी, हम सब एक पंथ के अनुयायी है और हम सब एक देव के विश्वासी है इसी आशा के साथ कार्य कर रहे हैं इसलिए हम सबको एक साथ आगे आकर सब मत भेद भुला कर जैन मिलन का कार्य करना होगा इसके पूर्व  बड़ामलहरा शाखा के  नितिन चौधरी पत्रकार ने अपनी शाखा के बारे में बताया कि जिस प्रकार मकान की नींव को मजबूत किया जाता है उसकी प्रकार जैन धर्म को मजबूती देने के लिए जैन पाठशालाओ को संचालित किया जाना चाहिए जिससे जैन धर्म की नीव भी मजवूत हो सके इस अधिवेशन में  बड़ामलहरा के कमल जैन सूरजपुरा अध्यक्ष मुख्य शाखा,पंकज जैन युवा अध्यक्ष,सन्दीप फ़ौजदार, नितिन चौधरी,प्रमोद जैन गट्टू, शुभम जैन,पवन जैन,आशीष जैन,विमल जैन,सहित घुवारा, भगवा, सेन्दपा, हीरापुर,शाहगढ़, बंडा, दमोह, हटा, सागर, मकरोनिया, सहित सभी क्ष्रेत्र क्र 10 की शाखाओ के वीर, वीरांगना मौजूद रहे ।

Friday, January 19, 2018

श्री 1008 सिद्ध चक्र महामंडल विधान के तीसरे दिन उमडे श्रद्धालु

बकस्वाहा- सकल दिगम्बर जैन समाज बकस्वाहा के तत्वावधान में हो रहे सिद्ध चक्र महामंडल विधान को आचार्य विधासागर के परम शिष्य ब्रह्रचारी राजेन्द्र भईया जी के सानिध्य में कराया जा रहा है 16 तारीख से शुरू श्री 1008 सिद्ध चक्र महामंडल विधान के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की उपस्थिति में खासी बढ़ोतरी देखने को मिली ।

आज विधान के तीसरे दिन सुबह 6 बजे से पंडाल में भक्तो की भीड़ लगनी शुरू हो गई सुबह 6:30 पर भगवान का तीन बेदीयो पर बारी बारी अभिषेक ,पूजन  व् संगीतमय आरती हुई तद्पश्चात सौधर्म इंद्र,कुबेर व् सभी इंद्र इंद्रनियो ने भक्ति की उसके उपरान्त विधान के 64 अर्ग चढ़ाये गए व् विधान कार्यक्रम में बने इंद्र सुकमाल जैन,नवनीत जैन,पंकज जैन ,आलोक जैन के साथ साथ सभी इन्द्रो ने भगवान की संगीतमय भक्ति की वहीँ  सकल दिगंबर जैन समाज बम्होरी ,सुनवाहा,मड़देवरा ने विधान कार्यक्रम में सम्मलित हो कर विधान के लिए द्रव्य दान की। वही शाम को संगीतमय आरती व् प्रवचन हुए उसके उपरांत धार्मिक नाटक व् नृत्य कार्यक्रम के साथ तीसरे दिन का विधान संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी मात्रा में नगर व् छेत्रीय श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।

Friday, November 3, 2017

कार्तिक पूर्णिमा: श्रद्धालुओं ने लगाया संगम में डूबकी


संगम नगरी इलाहाबाद में कार्तिक पूर्णिमा के स्नान पर्व के मौके पर गंगा यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी पर श्रद्धालुओं का सैलाब उड़ पड़ा है. सुबह से श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं.

इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम तट पर पूजा अर्चना के साथ ही दानपुण्य भी कर रहे हैं. साथ ही संगम तट पर ही श्रद्धालु सत्यनारायण की कथा का श्रवण भी कर रहे हैं. कार्तिक पूर्णिमा के स्नान पर्व का विशेष महत्व भी है.
संगम के तट पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
ऐसी मान्यता है कि कार्तिक मास के आखिरी स्नान पर्व कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियों में स्नान मात्र से ही सभी मनोकामनायें पूर्ण होती हैं और पापों से भी मुक्ति मिलती है. इस मौके पर गंगा और यमुना नदियों में श्रद्धालु दीपदान भी करते हैं और कार्तिक पूर्णिमा को ही देव दीपावली का भी पर्व मनाया जाता है.

Tuesday, October 10, 2017

धन प्राप्ति करना चाहते हैं तो बुधवार के दिन करें ये चार उपाय

यदि आप घर में सुख शांति व समृद्धि चाहते हैं तो ये उपाय करें-

  1. बुधवार के दिन प्रात: काल स्नान आदि से निवृत्त होकर गणेशजी के मंदिर में दूर्वा की 11 या 21 गांठ अर्पित करें। ऐसा करने से आपको नौकरी या अपने कार्य में जल्द ही शुभ फल मिलने लगेंगे।
  2. प्रत्येक बुधवार को गाय को हरी घास खिलाएं। घास न हो तो कोई हरी सब्जी भी हो सकती है। ऐसा करने से आपके घर के समस्त क्लेश दूर हो जाते हैं और घर में सुख-शांति तथा समृद्धि बनी रहती है।
  3. बुधवार के दिन भगवान गणेश को सिंदूर चढ़ाएं। उन्हें सिंदूर चढ़ाने से व्यक्ति की सभी परेशानियां दूर होती हैं। ये परेशानियां आपकी नौकरी या घर किसी से भी संबंधित हो सकती हैं।
  4. यदि आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा का भंडार है शुक्ल पक्ष में बुधवार के दिन अपने घर की साफ-सफाई करने के बाद गणपति की सफेद रंग की प्रतिमा स्थापित करें। ऐसा करने से घर में रहने वाली सभी नकारात्मक शक्तियां तथा ऊपरी बाधाएं जैसे भूत-प्रेत आदि का प्रभाव खत्म हो जाता है।

Thursday, September 28, 2017

खण्डहर भवन चामुंडा मंदिर के लिए बना खतरा, नगर पालिका व प्रशासन मौन

रुद्रप्रयाग। अलकनंदा व मंदाकिनी के संगम स्थल पर स्थित मां चामुंडा मंदिर पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। आलम यह है कि मंदिर के पीछे खण्डहर पुजारी आवास कभी भी ढह सकता है, जबकि मंदिर से नदी तक पहुंच मार्ग पर रैलिंग न होने से श्रद्धालुओं को नदी में गिरने का भय बना रहता है। आपदा के बाद से लेकर आज तक सत्संग भवन भी जीर्ण-शीर्ण हालत में है, जिसके पुनर्निर्माण को लेकर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।


ब्रदी-केदार यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव और अलकनंदा व मंदाकिनी के संगम स्थल पर विराजमान मां चामुंडा मंदिर की ओर प्रशासन और नगर पालिका का कोई ध्यान नहीं है। हर वर्ष यात्राकाल के दौरान लाखों तीर्थ यात्री संगम स्थल पहुंचते हैं और नारदशिला के दर्शन करने के साथ ही मां चामंुडा मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद अपने अगले पड़ाव की ओर प्रस्थान करते हैं। यहां से श्रद्धालु बद्री-केदार की यात्रा पर निकलते हैं, लेकिन दुर्भाग्य यह कि आपदा के चार साल बाद भी चामुंडा मंदिर से संगम स्थल तक सुरक्षा रैलिंग नहीं लगाई गई है, जबकि आपदा में तबाह हुए सत्संग भवन का निर्माण आज तक नहीं हो पाया है। दुख का विषय यह भी कि खण्डहर भवन की ओर भी प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। यह खण्डहर भवन कभी भी धराशायी होकर चामुंडा मंदिर को नुकसान पहुंचा सकता है। 

स्थानीय लोगों की ओर से कई बार प्रशासन और नगर पालिका को अवगत कराया जा चुका है, बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। आपदा के बाद से मंदिर के पास ऐसी कोई भी स्थान नहीं है, जहां पर यात्री कुछ देर विश्राम करें या फिर भजन-कीर्तन किये जांय। मंदिर की महंत सोमवार गिरी का कहना है कि आपदा में मंदिर का सत्संग भवन क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद से आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासन और नगर पालिका संगम स्थल की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। मंदिर के पीछे पुजारी भवन भी खण्डहर हालत में है, जो कभी भी ढह सकता है और इससे मंदिर को भी भारी नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से भी श्रद्धालुओं को खतरा बना हुआ है। हर शाम संगम में गंगा आरती की जाती है। इस दौरान श्रद्धालुओं के गिरने का भय बना हुआ रहता है। 

भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र रावत ने कहा कि ब्रदीनाथ और केदारनाथ यात्रा पड़ाव और अलकनंदा-मंदाकिनी के संगम स्थल की कोई सुधन नहीं ली जा रही है। लाखों की संख्या में श्रद्धालु संगम में पहुंचते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं। मंदिर की स्थिति को देखकर श्रद्धालुओं को भी दुख होता है और वे यहां के पालिका और प्रशासन को कोसते हैं। उन्होंने कहा कि संगम स्थल पर सत्संग भवन और पुजारी भवन क्षतिग्रस्त होने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, जिससे श्रद्धालुओं को भी भारी नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने पुजारी भवन के नवनिर्माण के साथ ही श्रद्धालुआंे की सुरक्षा के लिए रैलिंग लगाने की मांग की। वहीं इस संबंध में जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि अलकनंदा व मंदाकिनी का संगम स्थल धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। यह स्थल श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि संगम के सौन्दर्यीकरण और सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान रखा जायेगा और जल्द ही निर्माण कार्य करवाया जायेगा। 

Wednesday, August 16, 2017

श्रीगणेश के ये चमत्कारी मंत्र जीवन को खुशियों से भर देंगे


विघ्न विनायक श्रीगणेश का जन्मोत्सव आने को है। शास्त्रों के अनुसार भगवान गणपति को कुछ मंत्रों के जरिए आसानी से रिझाया जा सकता है। यहां तक कि मनचाहा आशीर्वाद तक पाया जा सकता है। आइए जानें कुछ ऐसे ही मंत्रों का सार- 

ॐ गं गणपतये नमः । 
एेसा शास्त्रोक्त वचन हैं कि गणेश जी का यह मंत्र चमत्कारिक और तत्काल फल देने वाला मंत्र हैं। इस मंत्र का पूर्ण भक्तिपूर्वक जाप करने से समस्त बाधाएं दूर होती हैं। षडाक्षर का जप आर्थिक प्रगति व समृध्दिदायक है। 

ॐ वक्रतुंडाय नमः । किसी के द्वारा कि गई तांत्रिक क्रिया को नष्ट करने के लिए, विविध कामनाओं कि शीघ्र पूर्ति के लिए उच्छिष्ट गणपति कि साधना किजाती हैं। उच्छिष्ट गणपति के मंत्र का जाप अक्षय भंडार प्रदान करने वाला हैं। 

ॐ हस्ति पिशाचि लिखे स्वाहा । 
आलस्य, निराशा, कलह, विघ्न दूर करने के लिए विघ्नराज रूप की आराधना का यह मंत्र जपे ।
 
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