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Thursday, March 1, 2018

बोर्ड परीक्षाएं प्रारंभ: पर्चा देखते ही खिल उठे विद्यार्थियों के चेहरे, खुशी-खुशी आए बाहर


राणापुर( मुकेश वसुनिया )आज से  माध्यमिक शिक्षा मंडल मप्र भोपाल द्वारा आयोजित कक्षा 12वीं (हायर सेकेंडरी) की परीक्षा का आगाज हाे गया, पेपर के प्रथम दिवस कक्षा 12वीं का हिंदी विषय का पेपर था जिसके लिये नगर में दाे परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिनमें शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में कुल 263 छात्र-छात्राएं दर्ज थे, जिनमें से 246 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, तथा 17 अनुपस्थित रहे इस केंद्र पर केंद्र अध्यक्ष के रूप में रविन्द्र सिसोदिया एवं सहायक केंद्र अध्यक्ष के रुप में बाबुसिंग साेलंकी को परीक्षा संचालित कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दूसरा परीक्षा केंद्र शासकीय कन्या शाला बनाया गया है। परीक्षा  सुबह 9:00 से दाेपहर 12:00 बजे की पारी में हुई। पहला पेपर विशिष्ट हिंदी का हाेने से सभी परीक्षार्थियों के चेहरे पर खुशी नजर आई। छात्र-छात्राएं निर्धारित समय से करीब आधे घंटे पूर्व ही अपने-अपने परीक्षा  केंद्र पर पहुंच गये थे। केंद्रों के बाहर लगे सूचना पटल पर अपने-अपने राेल नंबर एवं कक्षाें की जानकारी देखी,  प्रवेश करने से पहले ड्यूटी पर माैजुद शिक्षकों ने छात्र छात्राओं का राेल नम्बर चैक किया आैर उन्हें चिन्हित शीट पर बिठाया, पहले दिन हाेने से कई परीक्षार्थियों को अपना राेल नम्बर खोजने में परेशानी हुई। परीक्षार्थियों के जूते चप्पल कक्ष के बाहर उतराकर शिक्षकों ने प्रत्येक विद्यार्थी की सघन तलाशी लेने के बाद ही कक्षाें में प्रवेश दिया गया था। परीक्षार्थियों निर्धारित समय पर जहां पहले उत्तर पुस्तिका आैर फिर प्रश्नपत्रों का वितरण किया गया। इसी के साथ सभी परीक्षार्थियों ने उत्तर कापियाें पर लिखना शुरू किए। परीक्षा के दौरान पहले दिन कोई भी प्रकरण नहीं बना। केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण हुई। प्रथम पेपर देने के बाद विद्यार्थियों के चेहरे खिले-खिले नजर आए। परीक्षा खत्म होने के बाद छात्र-छात्राएं एक दूसरे का पर्चा देखकर सवाल के जवाब पूछे प्रश्नों के अंकाें को जोड़ते हुए उन्हें इस पेपर में कितने अंक प्राप्त होगें इसका गुणा भाग भी करती नजर आई। परीक्षार्थियो ने बताया कि हिंदी का पेपर बहुत सरल था। राणापुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लगभग सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक स्तर पर प्रबंध किये गये थे। साथ ही साथ इन केंद्रों पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल भी तैनात था।


हाईस्कूल की परीक्षा 5 मार्च से 

माशिंम द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं की परीक्षा सोमवार से शुरू हाेगी। यह परीक्षा निर्धारित किए गए समयानुसार सुबह 9:00 से दाेपहर 12:00 बजे तक संपन्न होगी। हाईस्कूल के विद्यार्थियों का प्रथम प्रश्न पत्र संस्कृत विषय का रहेगा। बोर्ड की परीक्षाएं होने से इन दिनों विद्यार्थी पूरी मेहनत एवं लगन के साथ अध्ययन कार्य में लगे हुए हैं।

मेघनगर में किशोरी बालिकाओ का एक दिवसीय कार्यक्रम हुवा आयोजित


 मेघनगर (सिंघम न्यूज़ )झाबुआ जिले के मेघनगर में किशोरी बालिकाओ का न्यूट्रिशन लिटरेसी एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया  इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला परियोजना अधिकारी श्री रणजीत सिंह जमरा उपस्थित थे परियोजना मेघनगर स्तर पर  सभी  सेक्टरों में आयोजित किया गया।उक्त आयोजन मेघनगर में भी आयोजीत  किया गया। किशोरी बालिकाओ को सम्बोधित करते हुवे श्री जमरा ने  किशोरियों को न्यूट्रिशन,लालिमा एवं उदिता के बारे में जानकारी दी  गई । इस आयोजन में किशोरी  सबधित फ़िल्म भी बताई गई। जनरल नॉलेज संबधित प्रश्न पूछे गए, खेल कूद गतिविधियां करवाई गई जिसमें खो-खो,रस्सी खींच, चेयर रेस ,रंगोली एवं रेस का आयोजन किया गया । एवं पुरस्कार वितरण किया गया। एवं किशोरियो को भोजन भी करवाया गया। इन कार्यक्रम को परियोजना अधिकारी लीला परमार  एवं सेक्टर सुपरवाइजर अर्चना सांकते ने भी सम्बोधित किया ,इस कार्यक्रम में सुपर वाईजर  मंगी पाल , सविना खडिया आदि भी उपस्थित थी  । 

Wednesday, February 28, 2018

गुजरात की इस बालिका ने दाहोद का नाम किया रोशन


        दाहोद  ( फिरोज एफ लिमखेडा )  दाहोद शहर अपने आप मे ऐसी कई विशेषताऐ समेटे हुए हे । यहा की माटी ने कई विद्वानो को जन्म दिया हे तो कई कलाकार भी इस माटी मे जन्मे हे । आज दाहोद शहर स्मार्ट सिटी की जद मे आकर सौ स्मार्ट सिटी की दौड मेरे खडा हे । ऐसे मे दाहोद की एक बेटी ने शिक्षा के क्षेत्र मेरे अव्वल  आकर दाहोद शहर को समुचे देश के नक्शे पर ला दिया । उक्त बिटिया ने न सिर्फ प्रथम आकर बल्कि भारत सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढाओ के श्लोगन की भी प्रासंगिकता बढा दी हे । वही नारी सशक्तिकरण को भी हवा दी हे । 

बचपन से ही शिक्षा के क्षेत्र मे अव्वल रहने वाली किसी नाम की मोहताज न होकर स्वयं के नाम से दाहोद शहर की पहचान बन रही हे । बल्कि सैकड़ो छात्र छात्राओ की प्रेरणा भी बन रही हे । दाहोद शहर की कुमारी रूकैया पिता मुफद्दल भाई शाकिर ने C S फाउंडेशन प्रोग्राम ऑफ एक्जाम के नाम से शोहरत हासिल ऐन्टरन्स  एक्जाम मे समुचे गुजरात मे प्रथम आई हे । द इंस्टिट्यूट  ऑफ कंपनी सेक्रेटरी  ऑफ इंडिया (Icsi) कोर्स अहमदाबाद की C S इंस्टीट्यूट गुजरात मे प्रथम अंक के साथ भारत भर  मे 14 वा रेंक प्राप्त कर गुजरात के दाहोद शहर को गौरवान्वित किया हे । कुमारी रूकैया अहमदाबाद चैप्टर मे कुल परिणाम  63॰38%आऐ हे । दाहोद शहर के MG रोड के पिछे सैफी मोहल्ला मे दाऊदी बोहरा समाज की कुमारी रूकैय्या मुफद्दल शाकिर ने शुरूआती शिक्षा मदरसा से  7 वी तक की व बाद मे सेंट स्टीफन दाहोद मे 12 वी 75% अंक से पास होकर अहमदाबाद मे शिक्षा गृहण की बाद मे कैंक करने की इच्छा शक्ती ने CS फाउंडेशन से श्रेष्ठ परिणाम प्राप्त किये । आगामी पढाई पर चर्चा करते हुए बताया कि  आने वाले वर्षो मे एक्जिक्यूटिव व तीन वर्ष पश्चात प्रोफेशनल मेरे भी मेहनत कर उत्तम परिणाम की चाह हे । स्मरण रहे कुमारी रूकैय्या को बचपन से ही पढाई मेहनत रूची थी तथा माता पिता भी उसके पसंदीदा क्षेत्र मे जाने के लिए हमेशा प्रेरित करते हे । यह कारण हे कि आज कुमारी रूकैय्या ने दाहोद शहर का नाम समुचे भारत मेहनत किया कुमारी रूकैय्या की इस अप्रत्याशित  उपलब्धि पर परिवार सहित शहर के समाज जन एवं शहर वासीयो ने कुमारी रूकैय्या शाकिर को बधाई प्रेषित कर रहे हे 

Monday, February 26, 2018

कॉफी विथ सीएम का बिगड़ा टेस्ट, शिवराज के लिए BJP ने चुना विवादित कॉलेज


भोपाल I मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सबसे विवादित और फर्जीवाड़े के आरोपों से घिरे मानसरोवर डेंटल कॉलेज में 'सीएम विद कॉफी' का कार्यक्रम किया जा रहा है. ये कॉलेज बीडीएस फर्जीवाड़े के कारण चर्चा में आया था.

दरअसल, एमपी एसटीएफ ने 2013 में इस कॉलेज पर शिकंजा कसा था. एसटीएफ ने बीडीएस परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारी सचिन जैन, पूर्व प्रिंसिपल विनय कुमार और अकाउंटेंट बसंत वर्मा को गिरफ्तार किया था. आरोप है कि कॉलेज के जिम्मेदारों ने आंसरशीट में अंकों में हेराफेरी कर परीक्षार्थियों को पास कराया था.

बताया जा रहा है कि बीयू से 700 कॉपियां मूल्यांकनकर्ता प्रोफेसरों के नाम इश्यू कराईं थीं. इश्यू की गई 700 कॉपियां मूल्यांकनकर्ताओं के पास नहीं पहुंचीं और फर्जी तरीके से जांचने के बाद सभी कॉपियां को सीधे बीयू में जमा करा दिया गया. आंसरशीट में की गई हेराफेरी की वजह से एसटीएफ ने एफआईआर दर्ज की थी. इस विवादित डेंटल कॉलेज में 'कॉफी विद सीएम' का कार्यक्रम होना है.

युवा मोर्चा के कार्यक्रम 'सीएम विद कॉफी' के आयोजन स्थल को लेकर उठे सवालों पर अब सियासत भी शुरू हो गई है. कांग्रेस की वरिष्ठ नेता विभा पटेल ने आरोप लगाते हुए कहा है कि बीजेपी हमेशा से भ्रष्टाचारियों का साथ देती आई है. यही वजह है कि उसकी ओर से ऐसे आयोजन स्थल को चुना गया है जो बीडीएस घोटाले से जुड़ा हुआ है.
वहीं दूसरी तरफ बीजेपी प्रवक्ता लोकेंद्र पाराशर ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि विपक्ष को कार्यक्रम स्थल के बजाए उसके पीछे के मकसद को देखना चाहिए.

Sunday, November 26, 2017

पहाड़ों में शिक्षा की स्थिति को बदलने का प्रस्ताव, कुंडली मारकर बैठा शिक्षा विभाग


उत्तराखंड के पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए बेहद ज़रूरी शर्त अच्छी क्वालिटी की शिक्षा गांवों तक पूरा कराने का सपना बस पूरा होने को है लेकिन राज्य का शिक्षा विभाग ही नहीं चाहता कि ऐसा हो. तभी निजी क्षेत्र के एक बेहद आकर्षक और पहाड़ों में शिक्षा की स्थिति को आमूलचूल परिवर्तन करने में सक्षम प्रस्ताव पर यह विभाग कुंडली मारकर बैठा है.

पलायन रोकने के तीन आधार 

उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए तीन अनिवार्य शर्तें पूरा किए जाने की ज़रूरत है. पहला है रोज़गार, फिर शिक्षा और स्वास्थ्य. रोज़गार के लिए आदमी दिल्ली-मुंबई जा रहा है तो शिक्षा, स्वास्थ्य के लिए परिवार देहरादून, हल्द्वानी उतर रहा है. राज्य सरकार के आंकड़े बताते हैं कि उत्तराखंड में राज्य के अंदर 35 फ़ीसदी लोग शहरी क्षेत्रों की ओर पलायन करते हैं और 35 फ़ीसदी राज्य के बाहर. 29 फ़ीसदी लोग कस्बों की ओर पलायन करते हैं और एक फ़ीसदी विदेश जाते हैं
यह बात आम आदमी और विशेषज्ञ एक ज़ुबान से कह रहे हैं कि अगर यह तीनों चीज़ें गांव में ही मिल जाएं कस्बों, राज्य के शहरी क्षेत्रों और शहरों की ओर पहाड़ों से मजबूरी में होने वाला पलायन ख़त्म हो सकता है.

सतपुली में हंस के बनाए अस्पताल के साथ पहाड़ों में उच्च स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं की शुरुआत हो गई है. राज्य की जैसी माली हालत है उसमें निजी क्षेत्र या धर्मार्थ संस्थाओं (एनजीओ) के साथ इस तरह के सहयोग से ही स्वास्थ्य और शिक्षा की बेहद खस्ता हालत को सुधारा जा सकता है. स्वास्थ्य क्षेत्र में हंस फ़ाउंडेशन के रूप में राज्य को एक बड़ा सहयोगी मिल गया है और अब सबके लिए स्वास्थ्य का सपना साकार होता दिख रहा है.

रोज़गार, स्वरोज़गार के लिए सरकार कई तरह की योजनाएं चला रही है जिनमें उसे केंद्र का और निजी क्षेत्र का भी सहयोग मिल रहा है.

शिक्षा मिलेगी, पलायन रुकेगा 

लेकिन पलायन रोकने के लिए तीसरी सबसे बड़ी शर्त, अच्छी शिक्षा, को पूरा कैसे किया जाएगा. राज्य में सरकारी स्कूलों की स्थिति किसी से छुपी नहीं है. राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार पलायन की सबसे बड़ी वजह शिक्षा है. कुल पलायन का सबसे अधिक 31 प्रतिशत शिक्षा की वजह से होता है 

Sunday, October 1, 2017

जाने-राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से जुड़ी कुछ अनसुनी घटनाएं

भारत में महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता कहकर संबोधित किया जाता है। अपने जीवन में अहिंसा को सबसे बड़ा धर्म सिद्ध करने वाले बापू का जीवन आदर्शो से भरा है। आज के समय में बेशक गांधी जी द्वारा बताए गए मार्ग पर चलना सबको आसान ना लगे लेकिन इस सत्य से भी कोई मुख नहीं मोड़ सकता है कि अगर एक बार उनके बताए गए मार्ग पर चल दें तो संपूर्ण जीवन ही सरल हो जाए।



गांधी जी की कहानियां
महात्मा गांधी के बारें में हम सबने बचपन में अवश्य पढ़ा होगा लेकिन किताबों में सिमटी गांधी जी की कहानियां उनके जीवन का एक अंश मात्र है। हो सकता है आप अब शायद गांधी जी से जुड़ी कई बातों को भूल गए हो इसलिए हम आपके ज्ञान को एक बार फिर रिफ्रेश करने के लिए गांधी जी से जुड़ी कुछ विशेष बातों को लेकर आएं।
गांधी जी का जीवन
महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचन्द गांधी था। गांधी जी का जन्म गुजरात के पोरबंदर नामक स्थान पर 2 अक्टूबर सन् 1869 को हुआ था। गांधी जी के जन्मदिवस को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में विश्व भर में मनाया जाता है। इनके पिता का नाम करमचंद गांधी था जो राजकोट के दीवान थे और माता का नाम पुतलीबाई था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा काठियावाड़ में हुई।

पढ़ाई में नहीं थे खास, पर विचारों से थे महान
गांधी जी पढ़ाई में अधिक तेज नहीं थे। उन्होंने पोरबंदर से मिडिल और राजकोट से हाई स्कूल पास किया। दोनों परिक्षाओं में शैक्षणिक स्तर वह एक औसत छात्र रहे। 4 सितम्बर 1888 को गांधी जी यूनिवर्सिटी कॉलेज लन्दन में कानून की पढाई करने और बैरिस्टर बनने के लिये इंग्लैंड चले गये। वहां से लौटने के बाद उन्‍होंने बंबई में वकालत शुरू की।
सामाजिक अन्याय के प्रति जागरुकता
1893 में वे भारतीय फर्म के लिये केस लड़ने दक्षिण अफ्रीका गए। वहॉ उन्हें रंग भेद का सामना करना पड़ा। उन्हें प्रथम श्रेणी कोच की वैध टिकट होने के बाद तीसरी श्रेणी के डिब्बे में जाने से इन्कार करने पर ट्रेन से बाहर फेंक दिया गया। इन घटनाओं ने उन्हें सामाजिक अन्याय के प्रति जागरुक किया तथा सामाजिक सक्रियता की व्याख्या करने में मददगार सिद्ध हुईं।
जीवन बना सबसे बड़ा शिक्षक
एक सामान्य विद्यार्थी थे लेकिन उनके लिए समय सबसे बड़ा शिक्षक साबित हुआ। उनके बचपन की जुड़ी कुछ घटनाओं ने उनके आने वाले भविष्य को रूप देने में अहम भूमिका निभाई। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि गांधी जी को भी युवावस्था में गलत आदतों का सामना करना पड़ा था।
जीवन बना सबसे बड़ा शिक्षक
गांधी जी ने बीड़ी पीने से लेकर पैसे चुराने तक के काम किए हैं लेकिन उन्हें समय रहते अपनी गलतियों का अहसास हुआ और उन्होंने दोबारा वह गलतियां नहीं की। एक महान शख्स वही है जो अपनी गलतियों से सीखे और उसे जीवन में दोबारा ना दोहराएं।
पिताजी से सीखा अहिंसा का गुण
गांधी जी के जीवन में अहिंसा का पाठ उनके पिताजी ने पढ़ाया। बचपन में एक बार चोरी करने की आत्मग्लानि से जुझते हुए उन्होंने अपनी व्यथा अपने पिताजी को लिखकर बताई। जब उनके पिताजी को वह पत्र मिला तो उसे पढ़ते-पढ़ते उनके आंसू निकल गए। उन्होंने पत्र पढ़कर उसे गांधीजी को वापस कर दिया। गांधी के मन-मस्तिषक पर यह बात घर कर गई कि उनके पिता चाहते तो उनके साथ अहिंसा से भी पेश आ सकते थे लेकिन उन्होंने शांत रहने का रास्ता चुना जो दिखने में बेशक मामूली लगे लेकिन उससे दर्द गांधी जी को बहुत हुआ। इसी दिन से गांधी ने ठान लिया कि जीवन में वह कभी भी लड़ाई-झगड़े का साथ नहीं देंगे अपितु अहिंसा और सत्य के मार्ग पर चलते हुए जीवन जीएंगे।
कम उम्र में विवाह
गांधी जी ने अपनी जीवन में हमेशा बाल-विवाह का विरोध किया लेकिन वह खुद इसके शिकार भी हुए। जब वह मात्र 13 साल के थे तो उनका विवाह 14 वर्षीय कस्तूरबा जी से कर दिया गया। कस्तूरबा जी गांधी जी से एक साल बड़ी थी। 1885 में जब गांधी जी 15 वर्ष के थे तब इनकी पहली सन्तान ने जन्म लिया। लेकिन वह केवल कुछ दिन ही जीवित रही। इसी साल उनके पिता करमचन्द गांधी जी की असमय मृत्यु हो गई। गांधी जी की चार संतान हुई। 1888 में हरीलाल गांधी, 1892 में मणिलाल गांधी, 1897 में रामदास गांधी और 1900 में जन्में थे देवदास गांधी। गांधी जी कस्तूरबा जी को प्यार से बा कहते थे। गांधी जी के साथ वह हर आंदोलन में कदम से कदम मिलाकर चली। गांधी जी के सत्य के खोज के कठिन समय में भी उन्होंने कभी विरोध नहीं किया।
गांधीजी के आध्यामिक विचार
दक्षिण अफ्रीका में रहते हुए गांधीजी ने ईसाई, इस्लाम और हिन्दू धर्म की गहराई से अध्ययन किया। विद्वानों के साथ बातचीत और निजी अध्ययन के द्वारा वह इस तथ्य पर पहुंचे कि सभी धर्म सत्य हैं और फिर भी हर एक धर्म अपूर्ण है। क्योंकि धर्म की व्याख्या करने वालों ने अपनी रुचि और सहूलियत के अनुसार धर्म में बदलाव कर दिए हैं।
सबसे पहले किसने बुलाया महात्मा
गाँधी जी को महात्मा के नाम से सबसे पहले 1915 में राजवैद्य जीवराम कालिदास ने संबोधित किया था।
गांधी जी और ब्रह्मचर्य के प्रयोग
सत्य के प्रयोग के अंतर्गत गांधी जी ने ब्रह्मचर्य को लेकर भी कुछ प्रयोग किए जिनके कारण अकसर लोग उनकी उपेक्षा करते हैं। आपको यह जानकर बड़ी हैरानी होगी कि उनके इस प्रयोग से सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे बड़े नेता भी खफा थे। दरअसल इस दौरान गांधी जी खुद पर प्रयोग कर यह सिद्ध करना चाहते थे कि अगर मन पर संयम है तो ब्रह्मचर्य को अपनाया जा सकता है। इस दौरान उनके प्रयोग में सहयोग दिया मनुबेन ने। मनुबेन गांधी की प्रमुख निजी सेविका थीं। वे मालिश और नहलाने से लेकर उनका खाना पकाने तक सारे काम करती थीं।
शाकाहारी थे गांधी जी
महात्मा गांधी जी ना केवल विचारों से अहिंसावादी थे बल्कि अपने कर्मों में भी वह पूर्णत: अहिंसा रखते थे। वह केवल शाकाहार भोजन करते थे। लंदन में पढ़ने के दौरान उन्हें कई बार इस कारण शर्मिंदगी भी झेलनी पड़ी थी लेकिन उन्होंने कभी अपने पांव पीछे नहीं खींचे। उनके जीवन में शाकाहार बनने की प्रेरणा उनकी मां ने दी थी जो जैन धर्म से काफी लगाव रखती थी।
जीवन चक्र की समाप्ति
30 जनवरी, 1948 को दिल्ली के बिरला हाउस में शाम 5:17 बजे नाथूराम गोडसे ने महात्मा को गोली मार दी। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि गांधी जी का जन्म शुक्रवार को हुआ था। देश को आजादी भी शुक्रवार को मिली थी और गांधी जी की हत्या भी शुक्रवार के दिन ही हुई थी। यह कुछ ऐसी बड़ी घटनाएं थी जिनसे गांधी जी का जीवन स्पष्ट होता है। 

Sunday, July 23, 2017

डीएम ने सभी परीक्षा केन्द्रों का किया निरीक्षण


अवध भारती/नवादा (बिहार)
         
नवादा:- जिले में टीइटी परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त वातावरण में सम्पन्न हुई!
जिला पदाधिकारी मनोज कुमार ने दोनों पालियों में परीक्षा से ठीक आधा घंटा पूर्व सभी केन्द्रों पर जिले के वरीय एवं तेज तर्रार पदाधिकारियों के उपस्थिति में परीक्षा केन्द्रों के प्रतिनियुक्त वीक्षकों के कमरे का आवंटन रैंडमाइजेषन के द्वारा करवाया!
गौरतलव हो कि कदाचारमुक्त परीक्षा को लेकर कुछ लोगों द्वारा जो अटकलें लगायी जा रही थी, डीएम के इस कदम ने उस पर पूर्ण विराम लगा दिया। डीएम द्वारा अंतिम क्षणों में प्रतिनियुक्त सभी सातों वरीय दण्डाधिकारी अपने-अपने संबंधित केन्द्रों पर अंतिम समय पर डटे रहे!
जिला पदाधिकारी मनोज कुमार ने लगभग सभी केन्द्रों पर जाकर चल रही परीक्षा का जायजा लिया!
इनके साथ डीपीआरओ परिमल कुमार भी थे!
डीएम सभी केन्द्रों पर लगभग सभी कमरों में चल रही परीक्षा का निरीक्षण किया एवं प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारी, पुलिस पदाधिकारियों को भी आवष्यक दिषा निर्देष देते हुए देखे गए!
प्रथम पाली में कुल 1147 परीक्षार्थी उपस्थित हुए एवं जिसका प्रतिषत 92.72 प्रतिषत रहा!
द्वितीय पाली में 4077 परीक्षार्थी उपस्थित हुए एवं 272 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे!
उपस्थित परीक्षार्थियों का प्रतिषत 93.74 प्रतिषत रहा!
परीक्षा में कुल चार उड़नदस्ता, चार गस्तीदल, एवं 14 स्टैटिक दण्डाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी के अतिरिक्त 7 जिला स्तर के वरीय पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गयी थी! परीक्षा केन्द्र के आस-पास पूरी तरह से निषेधाज्ञा लागू की गयी थी।

             

Friday, July 21, 2017

बिहार में 19864 शिक्षकों की होगी जल्द बहाली, शिक्षा मंत्री ने की घोषणा


पटना, सनाउल हक़ चंचल-

राज्य के सरकारी हाईस्कूल व प्लसटू विद्यालयों में शिक्षक, स्टाफ समेत तमाम कार्यबल की समस्या के तत्काल समाधान में शिक्षा विभाग जुट गया है। शिक्षा मंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने शुक्रवार को बताया कि राज्य के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालयों में जल्द ही सभी विषयों के 19 हजार 864 शिक्षक बहाल किये जाएंगे। इसके लिए पद चिह्नित कर पदवर्ग समिति को भेजे गये हैं। इसी माह समिति इस पर निर्णय लेगी। इसके बाद नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होगी।

शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में शुक्रवार को शिक्षक और स्नातक क्षेत्र के विधान पार्षदों के साथ शिक्षक और विद्यालयों की समस्या पर लम्बा विमर्श हुआ। 19 विन्दुवों पर हुए इस विमर्श में शिक्षा मंत्री ने विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन समेत सभी आलाधिकारियों की मौजूदगी में विभाग की कार्ययोजना रखी। बैठक के बाद शिक्षा मंत्री ने कहा कि राजकीय एवं प्रोजेक्ट माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति 30 सितम्बर के पूर्व हो जाएगी। हाईस्कूलों में चतुर्थ श्रेणी के कर्मियों की किल्लत दूर कर ली गयी है। जनशिक्षा के अनुदेशकों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर विभाग ने नियुक्त किया है। इनमें से एक-एक कर्मी को प्यून के रूप में सितम्बर तक सभी हाईस्कूल में तैनात कर दिया जाएगा।

डॉ. चौधरी ने बताया कि हाईस्कूलों में क्लर्क के खाली पद अगस्त में कर्मचारी चयन आयोग को नियुक्ति के लिए भेज दिये जाएंगे। इसके लिए सभी जिलों से क्लर्क के रिक्त पदों का ब्योरा मांगा गया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि हाईस्कूलों को राज्य सरकार ने संसाधनों से लैस किया है। इनके उपस्करों की सुरक्षा जरूरी है। इसके लिए राज्य के चार हजार हाईस्कूलों में एक-एक रात्रि प्रहरी नियुक्त किए जाएंगे। फिलहाल चार हजार रुपए मासिक के मानदेय पर नियुक्ति होगी। बाद में सुरक्षा प्रहरियों की स्थायी नियुक्ति सरकार करेगी।

Monday, July 10, 2017

जीरो से हीरो बनाता है,कुरुक्षेत्र सैन्य संस्थान बिहार शरीफ

 
जमुई संजीत कुमार बर्णवाल

जमुई:- कुरुक्षेत्र संस्थान की ओर से प्रगतिशील क्लास रेस में कुरुक्षेत्र सैनिक संस्थान में दाखिला के लिए टेस्ट परीक्षा लिया गया जिसमें जमुई जिला के 320 बेरोजगार लड़कों ने भाग लिया जिसमें पीआरओ नवीन कुमार ने बताया कुरुक्षेत्र बेरोजगार युवाओं को एकमात्र ऐसी संस्था है जहां पर हर युवा एक नई ऊंचाई देती है और रोजगार के साथ-साथ देश की सेवा मै भागिदार बनाता है,कुरुक्षेत्र एक मात्र ऐसी संतान है,जहा हर वर्ग के युवा आपने सपने को हासिल कर पाया है ,प्रगतिशील क्लास सेज जो जमुई के हर युवा वर्ग के लिए सफलता प्राप्त कर सकती है,जो कुरुक्षेत्र सैन्य संस्थान के लिए तैयार किया जाता हैं जो पिछले साल जमुई से करीबन चालीस युवा को रोजगार प्रप्त हुवा है,प्रगतिशील के निर्देशक विनोद कुमार वर्मा ने बताया कि प्रगति शील क्लाससेज जो हर युवा को मार्गदर्शन देता है,जहाँ युवा का मनोबल टूट चुकी हो या जो हर जगह से अपना उमीद तोड़ चुकी है,उसे मैं प्रगतिशील उसे युवा को एक नई सोच के साथ उड़न भारत है,उपस्थित छात्र छात्रा और कुरुक्षेत्र के निर्देशक गौतम कुमार सहायक शिक्षक अरुण यादव विपुल कुमार छात्र नंदन कुमार प्रशांत कुमार सहित सेकड़ो लोग ने भाग लिया।

Saturday, July 8, 2017

मैट्रिक में स्क्रूटिनी के लिए 72 हजार छात्रों ने किया आवेदन


पटना, सनाउल हक़ चंचल-

बिहार । मैट्रिक परीक्षा में अपने रिजल्ट से असंतुष्ट 72, 383 विद्यार्थी ने स्क्रूटिनी के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। वहीं 273 परीक्षार्थियों ने ऑफलाइन आवेदन किया। मैट्रिक में दोनों मिलाकर 1 लाख 8 हजार 391 उत्तर पुस्तिकाओं की स्क्रूटिनी की जाएगी। स्क्रूटिनी के लिए 27 जून से 6 जुलाई तक आवेदन लिया गया। मैट्रिक परीक्षा में 8 लाख 56 हजार से अधिक छात्र फेल हो गए थे, पर स्क्रूटिनी के लिए आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या बहुत कम है। इसकी जांच की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। कंपार्टमेंटल की परीक्षा के लिए 33 हजार आवेदन : बोर्ड द्वारा कंपार्टमेंटल और विशेष परीक्षा में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन लिया जा रहा है। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 12 जुलाई तक है। अब तक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या 33 हजार 747 पहुंची है। कंपार्टमेंटल की परीक्षा 27 जुलाई से 3 अगस्त तक होना है। अगर छात्र समय पर ऑनलाइन आवेदन नहीं करते हैं तो बाद में मौका नहीं मिलेगा। मैट्रिक के कंपार्टमेंटल की परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों के पास आवेदन के शेष पांच दिन बचे हैं।

मैट्रिक में स्क्रूटिनी के लिए 72 हजार छात्रों ने किया आवेदन

पटना, सनाउल हक़ चंचल-

बिहार । मैट्रिक परीक्षा में अपने रिजल्ट से असंतुष्ट 72, 383 विद्यार्थी ने स्क्रूटिनी के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। वहीं 273 परीक्षार्थियों ने ऑफलाइन आवेदन किया। मैट्रिक में दोनों मिलाकर 1 लाख 8 हजार 391 उत्तर पुस्तिकाओं की स्क्रूटिनी की जाएगी। स्क्रूटिनी के लिए 27 जून से 6 जुलाई तक आवेदन लिया गया। मैट्रिक परीक्षा में 8 लाख 56 हजार से अधिक छात्र फेल हो गए थे, पर स्क्रूटिनी के लिए आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या बहुत कम है। इसकी जांच की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। कंपार्टमेंटल की परीक्षा के लिए 33 हजार आवेदन : बोर्ड द्वारा कंपार्टमेंटल और विशेष परीक्षा में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन लिया जा रहा है। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 12 जुलाई तक है। अब तक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या 33 हजार 747 पहुंची है। कंपार्टमेंटल की परीक्षा 27 जुलाई से 3 अगस्त तक होना है। अगर छात्र समय पर ऑनलाइन आवेदन नहीं करते हैं तो बाद में मौका नहीं मिलेगा। मैट्रिक के कंपार्टमेंटल की परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों के पास आवेदन के शेष पांच दिन बचे हैं।

Wednesday, July 5, 2017

10 जुलाई से TET का प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे अभ्यर्थी, 23 जुलाई को 348 केन्द्रों पर परीक्षा

नीरज कुमार / खगड़िया
पटना - बिहार प्रारंभिक शिक्षक (प्रशिक्षित) पात्रता परीक्षा-2017 का आयोजन 23 जुलाई को सूबे के 348 केंद्रों पर होगा। प्रवेश पत्र 10 जुलाई के बाद बोर्ड की वेबसाइट (www.bsebonline.net ) पर अपलोड कर दिया जाएगा। समिति अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि सुधार के कई अवसर दिए जाने के बाद 2,43,459 अभ्यर्थियों के आवेदन सही प्राप्त हुए हैं। इनका प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा। पेपर वन (कक्षा एक से पांच तक) की परीक्षा में शामिल होने के लिए 50,950 और पेपर टू (कक्षा छह से आठ तक) के लिए 1,92,509 अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा। प्रथम पाली में पेपर वन की परीक्षा सुबह 10:00 से 12:30 बजे होगी। दूसरी पाली में पेपर टू की परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से 4:30 के बीच होगी। दोनों पेपर में एक-एक अंक के 150 प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमें से 30 हजार से अधिक अभ्यर्थी ऐसे हैं जो पेपर वन और टू दोनों की परीक्षा में शामिल होंगे।

राजधानी में बनाए गए 30 केंद्

सूबे में सबसे अधिक राजधानी में 30 केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर 15,555 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इनमें पेपर वन की परीक्षा में 2,446 और टू में 13,109 अभ्यर्थी शामिल हैं।

Saturday, July 1, 2017

तिलकामांझी यूनिवर्सिटी मे आत्मदाह की धमकी पर देता है रिजल्ट

नीरज कुमार / खगड़िया
बिहार में एक ऐसा यूनिवर्सिटी भी हैं जहां आत्मदाह की धमकी देने के बाद रिजल्ट सुधारा जाता है। जी हां, हम बात कर रहे हैं भागलपुर के तिलकामांझी यूनिवर्सिटी की जहां कुछ ऐसा ही वाक्या पेश आया है। कोशी कॉलेज खगडिया के छात्र और हॉकी कोच विकाश कुमार का दो साल से अटक हुआ रिजल्ट भागलपुर विवि आत्मदाह की धमकी के बाद सुधारने को तैयार हुआ। गुरुवार को विकाश विवि पहुंचा और परीक्षा नियंत्रक, प्रॉक्टर से लेकर अन्य पदाधिकारियों से मिला। फिर आत्मदाह की धमकी दी तो उसे प्रतिकुलपति से मिलवाया गया। विकाश ने बताया की उसके स्नातक पार्ट एक और तीन का रिजल्ट क्लियर है केवल पार्ट दो में ऑब्जेक्टिव प्रश्नों का मूल्यांकन नहीं किये जाने से वह दो साल से रिजल्ट के लिए विवि का चक्कर लगा रहा है। वह रायपुर स्पोर्ट्स कॉलेज में अभी पढ़ रहा है जहाँ से उसे रिजल्ट नहीं रहने के कारण हटाने की बात कही जा रही है। ऐसा हुआ तो वह आत्मदाह कर लेगा। इसके बाद प्रतिकुलपति ने परीक्षा नियंत्रक को उसका रिजल्ट सुधारने के लिए फौरन निर्देश दिया।

Thursday, June 22, 2017

सिमुलतला विद्यालय की छात्रा भव्या कुमारी ने 464 अंक लाकर राज्य में दूसरा स्थान प्राप्त की,वही टॉप टेन में 6 छात्र व छात्राओ ने जगह बनाया

वरुण कुमार सिमुलतला (जमुई)
जमुई(बिहार):-सिमुलतला आवासीय विद्यालय के छात्र छात्राओं ने वर्ष 2017 मैट्रिक की परीक्षा में सफलता की हैट्रिक लगाई है। हलांकि इस वर्ष विद्यालय ने राज्य टॉपर देने में कामयाबी हासिल नहीं कर सका। विद्यालय से जो उम्मीद राज्यवासी लगा रखा था उस अनुरूप सफलता विद्यालय के छात्र-छात्राओं के परीक्षा फल से नहीं आये। विद्यालय से 6 छात्र छात्राओं ने टॉप टेन में स्थान बनाकर विद्यालय के साथ पूरे राज्य को गौरान्वित करने का काम किया है। इस वर्ष सिमुलतला आवासीय विद्यालय से कुल 117 परीक्षार्थियों ने मैट्रीक की परीक्षा में शामिल हुए थे। जिसमें से 56 छात्र एवं 57 छात्राएं हैं। इस विद्यालय से  तीसरी बार छात्र छात्राओं ने मैट्रिक की परीक्षा में शामिल हुए। विद्यालय के छात्रा बेगूसराय निवासी भव्या कुमारी 464 अंक लाकर सूबे में दूसरा स्थान लाया वहीं हर्षिता कुमारी 462 अंक लाकर तीसरा, शिवम कुमार 460, दिपालोक कौशिक 459, मानव गोपाल 458 एवं प्रज्ञा आनंद 458 अंक,शुभम कुमार 454, पल्लवी भारती 455, मो0 जाहिर 455, ईरशाद आलम्ब455, कांतेश कुमार 456 बिहार टॉप टेन में स्थान बनाने में कामयाब हुए। इस वर्ष कुल 17 लाख 63 हजार चार सौ 23 परीक्षार्थी मैट्रीक की परीक्षा में फॉर्म भरा।
 8 लाख 97 हजार एक सौ 68 छात्र एवं 8 लाख 66 हजार 32 सौ 55 छात्राएं फॉर्म भरे। 51.3 प्रतिशत परीक्षाथियों ने सफलता हासिल किया। जिसमें से 40 प्रतिशत छात्रा एवं 49.6 प्रतिशत छात्र सफल रहे। सिमुलतला विद्यालय के प्राचार्य डॉ0 राजीव रंजन ने कहा कि रिजल्ट अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो सका। सफल छात्र-छात्राओं को बधाई दी। वही विद्यालय के छात्र-छात्राएं कैसे और बेहतर करे इसके लिए विशेष तैयारी की जायेगी। इसके बारे में बिचार विमर्श भी किया गया।

Wednesday, May 31, 2017

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2016 के नतीजे घोषित, केआर नंदिनी ने किया टॉप

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2016 के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं. कर्नाटक की केआर नंदिनी ने टॉप किया है.वहीं अनमोल शेर सिंह बेदी और गोपालकृष्‍ण रोनांकी क्रमश: दूसरे और तीसरे नंबर पर रहे.

यूपीएससी की ओर से बुधवार को नतीजे घोषित किए गए. इसके तहत 1099 उम्‍मीदवारों के नाम सरकारी सेवा के लिए भेजे गए हैं. 220 उम्‍मीदवारों के नाम वेटिंग लिस्‍ट में रखा गया है.

टॉप 10 में तीन महिलाएं हैं. नंदिनी के अलावा सौम्‍या पांडे और श्‍वेता चौहान भी टॉप-10 में रहीं.  नतीजों में  जनरल कैटेगरी से 500, ओबीसी से 347,एससी से 163 और एसटी से89 उम्‍मीदवार चुने गए.

सिविल सेवा उत्‍तीर्ण करने वाले उम्‍मीदवार भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय विदेश सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और केंद्रीय सेवा ए व बी के लिए चुने जाते हैं.
 
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