DO NOT MISS
Showing posts with label राष्ट्रीय. Show all posts
Showing posts with label राष्ट्रीय. Show all posts

Sunday, February 25, 2018

पीएनबी स्कैम: नीरव-चौकसी पर कसता ईडी का शिकंजा, दूसरे देशों से भी जानकारी मांगने की तैयारी


प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) हीरा कारोबारी नीरव मोदी और गीतांजलि जेम्स के मालिक मेहुल चौकसी की विदेशी संपत्तियों व कारोबार के बारे में दर्जन से भी अधिक देशों से जानकारी मांगेगा. इस बारे में जल्द ही अनुरोध पत्र भेजने की तैयारी की जा रही है.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एजेंसी इस बारे में मुंबई में सक्षम अदालत से संपर्क कर इस संबंध में अनुरोध पत्र (एलआर) जारी करने का आग्रह करेगी. ये अनुरोध पत्र उन 15-17 देशों को भेजे जाने है जहां उसे नीरव मोदी, उसके मामा चौकसी व उनसे जुड़े अन्य लोगों के स्वामित्व वाली फर्मों के हीरा व स्वर्ण आभूषण कारोबार होने के संके​त मिले हैं.

उक्त देशों में बेल्जियम, हांगकांग, स्विटजरलैंड, अमेरिका, ब्रिटेन, दुबई, सिंगापुर व दक्षिण अफ्रीका शामिल है. सूत्रों ने कहा कि एजेंसी से एजेंसी स्तर पर सूचनाएं प्रदान करने के कुछ आग्रह भी विभिन्न देशों को भेजे जाएंगे.

इस तरह के अनुरोध पत्र भेजने का उद्देश्य नीरव मोदी और चौकसी की विदेशी वित्तीय आस्तियों का ब्यौरा हासिल करना है.

इस बीच नीरव मोदी, उसकी पत्नी एमी और चौकसी को ईडी ने कल उसके मुंबई ऑफिस में हाजिर होने का सम्मन जारी किया है. सूत्रों ने अनुसार अगर इस सम्मन की तामील नहीं होती है तो ईडी पीएमएलए की अदालत में अर्जी देकर गैर जमानती वारंट जारी करने का आग्रह कर सकता है.

गौरतलब है कि हीरा कारोबारी नीरव मोदी और गीतांजलि जेम्स के मालिक मेहुल चौकसी 11,356 करोड़ के पीएनबी बैंक फ्रॉड में आरोपी हैं. इन लोगों पर पीएनबी के अफसरों से मिलीभगत कर फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स (LoUs) के जरिये विदेशी खाते में कई हजार करोड़ की रकम ट्रांसफर करने का आरोप है.

सीएम शिवराज ने श्रीदेवी को दी श्रद्धांजलि, कहा- कला जगत के लिए बड़ी क्षति


मध्य प्रदेश I मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बॉलीवुड अभिनेत्री श्रीदेवी के निधन पर दुख जताया है. उन्होंने श्रीदेवी को श्रद्धांजलि दी. शिवराज ने कहा कि एक बड़ी औऱ उम्दा अदाकारा हमारे बीच नहीं रही.

सीएम ने कहा कि अदाकारा का यूं दुनिया से चले जाना कला जगत के लिए बड़ी क्षति है. उन्होंने कहा कि कम उम्र में दुनिया छोड़कर चले जाना दुखद है.

शिवराज ने कहा कि अपने अभिनय से उन्होंने पूरे देश को प्रभावित किया. वो बहुत कम उम्र में इस दुनिया से विदा हो गईं. मैं उनके चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं.


 
Saddened by the untimely demise of actress . Through versatile performances in her entire career she touched the hearts of millions of people. My deepest condolences to the family and fans.


Thursday, February 1, 2018

कहीं खुशी-कहीं गम: आम आदमी को यहां हुआ घाटा और फायदा


नई दिल्ली, मोदी सरकार ने गुरुवार को अपना चौथा बजट पेश किया. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट में कई नई घोषणाएं की. लेकिन टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया, जिससे मिडिल क्लास में नाराज़गी है. हालांकि, सरकार का ध्यान पूरी तरह से खेती, किसान और ग्रामीण इलाकों पर ही रहा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बजट की जमकर तारीफ की और न्यू इंडिया का बजट बताया. बजट में ऐसी कई चीज़ें हैं जो आम आदमी के फायदे की हैं, लेकिन कुछ ने आम आदमी को झटका भी दिया है.
आम आदमी के फायदे की बात...

# किसानों को 1.5 गुना समर्थन मूल्य
# 10 करोड़ गरीब परिवारों को 5 लाख रुपए का सालाना बीमा
# 40 हज़ार रुपए मानक कटौती की घोषणा से नौकरी पेशा लोगों को फायदा
# 8 करोड़ महिलाओं को उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन
# 6 करोड़ शौचालय बने, 2 करोड़ और बनाएंगे.

आम आदमी पर यहां पड़ी मार...

# 1 फीसदी स्वास्थ्य व शिक्षा उपकर बढ़ाया, अब तीन से बढ़ाकर चार फीसदी कर दिया गया.
# 10 हज़ार से अधिक भुगतान पर ट्रस्ट को देना होगा टैक्स
# 31 जनवरी 2018 के बाद खरीदे शेयरों पर 10 फीसदी टैक्स
# लॉन्ग टर्म कैपिटल पर 10 फीसदी टैक्स
# टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं
# कस्टम ड्यूटी बढ़ाने से कई चीज़ें महंगी. खाद्य तेल, बाइक, मोबाइल, टीवी समेत कई चीज़ों के दाम बढ़े.

बजट पर मनमोहन का वार

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार को पेश किए गए बजट में किसानों की आय दोगुनी करने को लेकर किए गए दावों पर खारिज कर दिया. विश्व प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ने कहा कि ये संभव ही नहीं कि 2022 तक किसानों की आय दो गुनी कर दी जाए. मनमोहन सिंह ने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दोगुना करना तब तक संभव नहीं है जब तक कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 12 प्रतिशत तक नहीं पहुंच जाती. और जब तक हम इसे पा नहीं लेते, यह केवल जुमला ही है.

मोदी का सांसदों को निर्देश घर-घर पहुंचाओ बजट की बातें

मोदी सरकार अपने आखिरी पूर्णकालिक बजट को आम जन तक पहुंचाने के लिए अभियान चलाएगी. पीएम मोदी ने आज संसदीय दल की बैठक में बजट को ‘सबका साथ सबका विकास’ का डॉक्यूमेंट बताते हुए अपने सभी सांसदों से कहा है कि वे इसकी खूबियों के बारे में जन-जन को बताएं. पीएम ने इस काम के लिए बाकायदा सभी सांसदों को निर्देश भी दिया कि वे इस काम के लिए सोशल मीडिया का भरपूर प्रयोग करें.

मनमोहन ने कहा- 2022 तक किसानों की आय दोगुना करना असंभव


पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार को पेश किए गए बजट में किसानों की आय दोगुनी करने को लेकर किए गए दावों पर खारिज कर दिया. विश्व प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ने कहा कि ये संभव ही नहीं कि 2022 तक किसानों की आय दो गुनी कर दी जाए.
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा कि साल 2022 तक किसानों की आय दो गुनी करने को लेकर केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है. लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री और ख्यात अर्थशास्त्री  मनमोहन जेटली के दावों से असहमति जताई.
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दोगुना करना तब तक संभव नहीं है जब तक कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 12 प्रतिशत तक नहीं पहुंच जाती. और जब तक हम इसे पा नहीं लेते, यह केवल जुमला ही है.

नई दिल्ली में विपक्ष की बैठक के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने मनमोहन सिंह का बयान पब्लिक के सामने रखा.
पूर्व प्रधानमंत्री ने मनमोहन सिंह ने यह भी कहा कि, 'राजकोषीय घाटे में वृद्धि हुई है.' इससे पहले, सिंह ने कहा था कि यह देखना होगा कि सरकार अपने वादों को कैसे पूरा करेगी.

उन्होंने कहा, 'मैं नहीं समझता कि मैं यह कह सकता हूं कि यह बजट चुनावों में फायदा हासिल करने की मंशा से पेश किया गया है, लेकिन मुझे इस बात की चिंता है कि वित्तीय अंकगणित में कुछ गड़बड़ है.'
जब पूर्व प्रधानमंत्री ये यह पूछा गया कि क्या बजट रिफॉर्म के एजेंडे को आगे बढ़ाता दिख रहा है? इस पर मनमोहन सिंह ने कहा कि इस शब्द का कई बार उपयोग और दुरुपयोग हुआ है.
क्या कृषि संकट पिछली सरकारों की वजह से है और यदि नहीं तो इसे किस तरह डील किया जाना चाहिए के सवाल पर उन्होंने किसी तरह की टिप्पणी करने से इंकार कर दिया.

बजट के बाद शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 300 अंक गिरकर धड़ाम


नई दिल्ली, बजट में इक्विटी पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स लगाए जाने से बाजार का सेंटीमेंट कमजोर हुआ है. इसकी वजह से शुक्रवार को बाजार में इस महीने की अब तक की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली है.
इस कारोबारी हफ्ते के आख‍िरी दिन शेयर बाजार ने भारी गिरावट के साथ शुरुआत की है. शुक्रवार को सेंसेक्स 300 अंक गिरकर खुला. वहीं, निफ्टी भी 10950 के स्तर के नीचे आ गया है.

फिलहाल सेंसेक्स 269.56 अंकों की गिरावट के साथ 35,637.10 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. वहीं, निफ्टी 50 79.20 अंकों की गिरावट के साथ 10,937.70 के स्तर पर कारोबार कर रहा है.
जनवरी महीने में लगातार 11000 के पार रहने के बाद निफ्टी पहली बार इस स्तर से नीचे आया है. सेंसेक्स भी 36000 के नीचे आ गया है.

शेयर बाजार को बजट से काफी उम्मीदें थीं, लेक‍िन इक्व‍िटी पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स लगाए जाने से निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर हुआ है. इसका असर गुरुवार को बंद होने के दौरान ही बाजार पर दिख गया था.
गुरुवार को सुबह बजट से बेहतर उम्मीदें पाले शेयर बजार में सकारात्मक रुख दिखा. इसकी वजह से बजट भाषण से पहले सेंसेक्स में जहां 136 अंकों की तेजी देखने को मिली. वहीं, निफ्टी में भी बढ़त रही और यह 40 अंकों की बढ़ोतरी के साथ आगे बढ़ रहा था.  बंद होने के दौरान भी बाजार में गिरावट का दौर दिखा.

Tuesday, January 30, 2018

चिदंबरम का मोदी सरकार पर हमला- 'एक साथ चुनाव' को बताया नया जुमला


देश के पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने आम बजट 2018 के आने से पहले केंद्र सरकार की कई नीतियों पर सवाल खड़ा किया है. उन्होंने कहा है कि सरकार ने 2017-18 में 70 लाख नौकरियां पैदा होने का नया शिगूफा छोड़ा है, ऐसा असल में होना संभव ही नहीं है.

उन्होंने कहा है कि चीन की जीडीपी भारत के मुकाबले पांच गुना ज्यादा है और वहां साल में केवल 50 लाख नौकरियां पैदा हो रही हैं तो भारत में कैसे 70 लाख नौकरियां पैदा हो सकती हैं.

उन्होंने अपनी यूपीए सरकार की उपलब्धि गिनाते हुए कहा कि उन्होंने रोजगार, शिक्षा और कृषि क्षेत्र के लिए काम किया. उन्होंने कहा कि हाल ही में वित्त मंत्री के पेश किए गए इकोनॉमिक सर्वे से भी यही बात निकलकर सामने आई है.

इसके अलावा, चिदंबरम ने प्रधानमंत्री मोदी के मिशन बताए जा रहे 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' को नया जुमला बताया है. उन्होंने कहा कि भारत का संविधान किसी भी राज्य को शासन के लिए तय समयावधि नहीं देता है. चिदंबरम ने कहा है कि जब तक आप संविधान में परिवर्तन नहीं करते हैं, यह संभव ही नहीं हो सकता है.

देश के पूर्व वित्त मंत्री और गृह मंत्री रह चुके चिदंबरम ने कहा है कि केवल राज्यों के चुनावों को पहले कराकर या आगे टालकर ही उन्हें लोकसभा चुनावों के साथ कराया जा सकता है. उन्होंने कहा है कि 'एक राष्ट्र- एक चुनाव' भी 'एक राष्ट्र- एक टैक्स' की तरह एक जुमला ही है.

चिदंबरम ने यह बातें अपनी किताब  'स्पीकिंग ट्रुथ टू पावर' के उद्घाटन के मौके पर कहीं. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि 10 में से 9 कांग्रेस राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में देखना चाहते थे.

बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने कहा, कासगंज दंगा कांग्रेस की साजिश




उन्नाव से बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने कासगंज दंगे के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं. विवादित बयानों को लेकर सुर्ख़ियों में रहने वाले फायरब्रांड बीजेपी नेता ने कहा कि देश में भारत माता की जय बोलने वाले पर कोई हमला नही करेगा. इतना बड़ा दंगा भड़काने से ही हुआ है और इस साजिश में कांग्रेस शामिल है. साक्षी महाराज ने कहा कि विपक्ष मोदी और योगी राज में दंगे न होने से परेशान था, इसलिए जानबूझकर साजिश रची गई.

उन्नाव स्थित पार्टी ऑफिस में बोलते हुए साक्षी महाराज ने कहा, “ जब से केंद्र में मोदी सरकार और और सूबे में योगी सरकार आई है, तब से विपक्ष बहुत मायूस हो गया कि क्यों कहीं भी सांप्रदायिक दंगे नहीं हुए. कासगंज के मामले में आज जो कांग्रेस की स्थिति है उसमें मुझे बहुत बड़ी साजिश की बू नजर आती है. योजनाबद्ध तरीके से मोदी और योगी को बदनाम करने के लिए ये दंगे कराए गए.”

साक्षी महाराज ने आगे कहा, “दंगे इस लिए भी साजिश की बू आ रही है क्योंकि हिंदुस्तान में भारत माता की जय, हिंदुस्तान जिंदाबाद और वंदेमातरम् के नारे लगाने से किसको ऐतराज हो सकता है. अगर भारत के अंदर ऐसे नारे लगाने वालों पर हमला किया जाएगा. उन्हें मार दिया जाएगा तो इससे बड़ा दुर्भाग्य और खतरनाक बात क्या हो सकती है.”

इससे पहले बीजेपी सांसद विनय कटियार ने उत्तर प्रदेश के कासंगज में गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा को लेकर विवादित बयान दिया है. कटियार के मुताबिक, कांसगज में हिंसा फैलाने के पीछे पाकिस्तान के समर्थकों का हाथ था. कटियार ने कहा कि चंदन की हत्या पाकिस्तान के समर्थकों ने ही की.

Friday, December 1, 2017

LIVE: यूपी निकाय चुनाव : केंद्र व राज्य के बाद अब शहर में भी भाजपा की सरकार


लखनऊ । भारतीय जनता पार्टी ने केंद्र के बाद उत्तर प्रदेश और अब शहर के चुनाव में अपना परचम लहराया है। भारतीय जनता पार्टी ने महापौर की 16 सीट में से 14 पर जीत दर्ज की। दो सीट पहली बार मेयर के चुनाव में उतरी बहुजन समाज पार्टी के खाते में गई है। 
मथुरा में भारतीय जनता पार्टी के मुकेश आर्य बंधु तथा अयोध्या में भाजपा के ऋषिकेश उपाध्याय ने बाजी मारी है। यूपी नगर निगम चुनाव का पहला नतीजा आया। बीजेपी के मुकेश आर्य बंधु जीते, कांग्रेस के मोहन सिंह को हराया। मथुरा नगर न‍िगम चुनाव में कांग्रेस पीछे बीजेपी ने बढ़त बनाई। 
फैज़ाबाद अयोध्या नगर निगम पर भाजपा का कब्ज़ा। अयोध्या-फैजाबाद नगर निगम का परिणाम घोषित हो गया। भाजपा प्रत्याशी ऋषिकेश उपाध्याय ने सपा के गुलशन बिंदु को 4600 वोटों के अंतर से हराया। अयोध्या-फैजाबाद को योगी सरकार ने नगर निगम बनाया है।
मेयर पद के चुनाव में सत्ता पर काबिज भाजपा को बसपा से कड़ी टक्कर मिली । मेयर पद के चुनाव में बीते वर्ष सत्ता में रही समाजवादी पार्टी के साथ ही कांग्रेस मुकाबले से बाहर हैं। 
लखनऊ: संयुक्ता भाटिया -जीतीं (बीजेपी)
इलाहाबाद: अभिलाषा गुप्ता -जीतीं (बीजेपी)
अयोध्या: ऋषिकेश उपाध्याय-जीते (बीजेपी)  
मुरादाबाद: विनोद अग्रवाल -जीते(बीजेपी)
मथुरा: मुकेश आर्यबंधू -जीते(बीजेपी)
बरेली: उमेश गौतम - जीते (बीजेपी)
कानपुर: प्रमिला पाण्डेय-जीतीं (बीजेपी)
अलीगढ़: मोहम्मद फुरकान-जीते(बसपा) 
गोरखपुर: सीताराम जायसवाल-जीते (बीजेपी)
वाराणसी: मृदुला जायसवाल - जीतीं(बीजेपी)
गाजियाबाद: आशा शर्मा -जीतीं (बीजेपी)
मेरठ: सुनीता वर्मा-जीतीं (बसपा)
आगरा: नवीन जैन जीते (बीजेपी)
झांसी: रामतीरथ-जीते (बीजेपी)
सहारनपुर: संजीव वालिया- जीते (बीजेपी)
फिरोजाबाद: नूतन ठाकुर- जीतीं (बीजेपी)।

Tuesday, November 28, 2017

यूं ही नहीं मोदी की मेहमान बनीं इवांका, बुलाने के पीछे हैं ये तीन खास वजह


हैदराबाद में चल रहे ग्लोबल इंटरप्रेन्योरशिप समिट (GES) में हिस्सा लेने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी और सलाहकार इवांका ट्रंप भारत दौरे पर आई हुई हैं. उनके साथ अमेरिकी उद्यमियों का प्रतिनिधिमंडल भी आया हुआ. जून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने अमेरिका दौरे के समय काफी सोच समझकर इवांका को GES में आने का न्योता दिया था.
मंगलवार को GES में पीएम मोदी ने इवांका का गर्मजोशी से स्वागत किया. दोनों ने तीन दिवसीय GES का उद्घाटन किया और बैठक की. इस बैठक में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी शामिल रहीं. अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समिट में हिस्सा लेने के लिए इवांका को ही विशेष रूप से आमंत्रित क्यों किया था? पीएम मोदी ने इस बाबत ट्वीट भी किया था, जिसके बाद इवांका ने इसके लिए शुक्रिया किया था.
माना जा रहा है कि पीएम मोदी ने काफी सोच-विचार कर यह फैसला लिया था. इवांका को बुलाने की असली वजह ये मानी जा रही हैं....
1. साल 2010 के बाद से यह पहला मौका है, जब जीईएस दक्षिण एशिया में आयोजित हो रहा है. इस तीन दिवसीय समिट में करीब 170 देशों के 1,500 उद्यमी हिस्सा ले रहे हैं, जिसमें उद्यमियों का सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल अमेरिका से आया हुआ है. अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में करीब 350 उद्यमी शामिल हैं. इसमें भारतीय मूल की अमेरिकी महिला उद्यमी भी शामिल हैं. लिहाजा मोदी ने इतने बड़े अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए इवांका को आमंत्रित करना ज्यादा बेहतर समझा.
2. इवांका ट्रंप का आमंत्रित करने के पीछे दूसरी वजह यह थी कि इस बार समिट का थीम 'वोमेन फर्स्ट, प्रोस्परिटी फॉर ऑल' है और इवांका एक सफल उद्यमी भी हैं. माना जा रहा है कि मोदी ने महिला उद्यमियों और निवेशकों के बीच सकारात्मक संदेश भेजने के इरादे से इवांका को अमेरिकी उद्यमियों के प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्व के रूप में आमंत्रित करना ज्यादा उपयुक्त समझा.

Thank you for the warm welcome. I’m excited to be in Hyderabad, India for #GES2017. https://t.co/1U08h5L9Rm
— Ivanka Trump (@IvankaTrump) November 28, 2017

3. इवांका ट्रंप अमेरिका की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी और सलाहकार हैं. माना जा रहा है कि इवांका का अमेरिकी राष्ट्रपति की बेटी होने की वजह से भी उनको मोदी ने आमंत्रित करना उचित समझा. उनके दौरे से मोदी और ट्रंप प्रशासन के बीच संबंध और प्रगाह होंगे. खासकर अमेरिकी निवेशकों को आकर्षित करने में भी मदद मिलेगी. मालूम हो कि डोनाल्ड ट्रंप की गिनती दुनिया के दिग्गज उद्यमियों में होती है. उनकी बेटी इवांका भी कपड़े के कारोबार से जुड़ी हैं. वो कारोबार के साथ ही प्रशासन में भी डोनाल्ड ट्रंप का साथ दे रही हैं.

Sunday, November 26, 2017

केजरीवाल ने गुजरात के वोटरों से की अपील, 'बीजेपी छोड़ किसी के लिए भी वोट करें'


गुजरात के मतदाताओं को अपील करते हुए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उन्हें सत्तारूढ़ बीजेपी को छोड़कर किसी भी दूसरी पार्टी को वोट करने का आह्वान किया.

182 सीटों वाले गुजरात लोकसभा में आप के कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव लड़ने की संभावना है. केजरीवाल के इस अपील को विपक्ष की एकजुटता के लिए अपील के तौर पर देखा जा सकता है. राज्य में कांग्रेस मुख्य विपक्षी पार्टी है.

दिल्ली के रामलीला मैदान में पार्टी की पांचवीं वर्षगांठ के मौके पर केजरीवाल ने कहा, 'अगर आप जीत रही है तो आप के प्रत्याशी को वोट दें. अगर कहीं और दूसरी पार्टी जीत रही है तो उनके लिए वोट करें. बीजेपी को हराना हमारा लक्ष्य है.'

बात में केजरीवाल ने ट्वीट कर भी इस बात को दौहराया कि उन्होंने गुजरात के लोगों से उनके वोटों को विभाजित नहीं होने देने की अपील की है.

शिव'राज' में और सख्त हुई सजा, 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से रेप या गैंगरेप पर होगी फांसी!


मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश में 12 साल की उम्र तक की लड़कियों के साथ रेप या गैंगरेप करने वाले अपराधियों को फांसी की सजा देने के लिए कानून में फेरबदल करने जा रही है. मंत्रिमंडल की बैठक में ऐसे अपराधियों को फांसी की सजा देने का प्रावधान करने वाले प्रस्ताव को रविवार को मंजूरी दी गई है.

प्रदेश के वित्त मंत्री जयंत मलैया ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में रविवार को हुई कैबिनेट की बैठक में प्रदेश में 12 साल या इससे कम उम्र की लड़कियों के साथ रेप या गैंगरेप करने वाले अपराधियों को फांसी की सजा देने की सिफारिश वाले प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है. उन्होंने कहा कि हम इस मामले में वर्तमान कानून में यह संशोधन करने वाला विधेयक विधानसभा के सोमवार से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र में पेश करने जा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि हमने भादंवि की धारा 376 (रेप) और 376 डी (गैंगरेप) में संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है. दोनों धाराओं में दोषी को फांसी की सजा देने का प्रावधान शामिल किया गया है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि मत्रिमंडल ने महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और उन्हें घूरने जैसे मामले में दोषियों को सजा के साथ एक लाख रुपये के जुर्माने का कानून में प्रावधान करने का भी प्रस्ताव मंजूर किया है.

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में हाल ही में रेप की घटनाओं में हुई बढ़ोतरी से प्रदेश सरकार को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा है. जिसके चलते कैबिनेट ने इस फैसले को मंजूरी दी.

परेश रावल के बयान पर बिफरी करणी सेना, BJP प्रत्याशियों के विरोध की दी चेतावनी


राजा-रजवाड़ों पर परेश रावल के बयान से करणी सेना की त्योरियां चढ़ गई हैं. करणी सेना ने परेश रावल के बयान पर नाराजगी जताते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखा है. इसमें सेना ने भाजपा से कहा है कि वो खुद परेश रावल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए. इसके साथ ही सेना ने कहा है कि परेश रावल को बाहर का रास्ता दिखाते हुए पार्टी उनके बयान पर अपना रुख साफ करे. परेश रावल देश के 566 राजा-रजवाड़ों के वारिसों से प्रेस कॉन्फ्रेस करके माफी मांगें.
भाजपा प्रत्याशियों के विरोध की दी चेतावनी
करणी सेना ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर भाजपा ने ऐसा नहीं किया तो राजपूत समाज पार्टी के सभी प्रत्याशियों का विरोध करेगा. करणी सेना ने कहा है कि परेश रावल के बयान से राजपूत समाज की भावनाएं आहत हुई हैं. लिहाजा उनके खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कदम उठाए जाएं.
ये बयान है विवाद की जड़
गौरतलब है कि शनिवार को राजकोट में भाजपा सांसद परेश रावल ने एक सभा को संबोधित करते हुए विवादित बयान दे दिया था. बाद में इसका एहसास होने पर उन्होंने फौरन माफी भी मांग ली. परेश रावल ने भाषण के दौरान सरदार पटेल का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पटेल ने देश को एक किया था. ये राजा-रजवाड़े, जो बंदर थे, उनको सही किया था, सीधा किया था. पटेल के बारे में ज्यादा नहीं लिखा गया, जबकि जेआरडी टाटा ने भी कहा था कि सरदार पटेल अपने प्राइम मिनिस्टर होते तो देश कहां का कहां पहुंच गया होता.
क्षत्रिय समाज ने किया विरोध
परेश रावल के इस विवादि‍त बयान से राजकोट का क्षत्रिय समुदाय विरोध में उतर आया. उनकी ओर से परेश रावल के पुतले जलाने का एलान किया गया. सोशल मीडिया पर भी परेश रावल का विरोध शुरू हो गया.
विरोध बढ़ने पर मांगी माफी
विरोध को बढ़ता देख बीजेपी को तुरंत प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलवाकर परेश रावल से बयान बदलवाना पड़ा. सांसद परेश रावल ने माफी मांगते हुऐ कहा कि यह जो बात मैंने बात कही है, वह हैदराबाद के निजाम को ध्यान में रखते हुए कही है. राजपूतों को नहीं कहा है. राजपूत तो हमारे देश के गौरव हैं. कृष्ण कुमार गोहेल जैसे राजपूज, जिन्होंने सामने चढ़कर पटेल को समर्थन दिया था. परेश ने आगे कहा कि ऐसे लोगों के लि‍ये और ऐसी कौम के लि‍ये हमारे मुंह से ऐसे शब्द कभी नहीं निकलेंगे.

Friday, November 24, 2017

मानुषी छिल्लर के मामले में आपस में लड़ पड़े हुड्डा और खट्टर


मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने वाली हरियाणा की मानुषी छिल्लर को पुरस्कार दिये जाने के मामले में प्रदेश के पूर्व और मौजूदा मुख्यमंत्री के बीच शाब्दिक जंग शुरू हो गयी है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा है कि ओलंपिक खिलाडियों की तरह मानुषी को भी सरकार द्वारा छह करोड़ रुपये, भूखंड एवं नौकरी दी जानी चाहिए.

हरियाणा में दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हुड्डा ने कहा कि मनोहर लाल खट्टर की अगुवाई वाली भाजपा सरकार को छह करोड़ रुपये, भूखंड तथा नौकरी देकर मानुषी को यथोचित सम्मान देना चाहिए जैसा कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को दिया जाता है. मानुषी ने भी प्रदेश और पूरे देश को ख्याति दिलवायी है.

हुड्डा की सलाह पर मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा, ‘पूर्व मुख्यमंत्री ने जो कहा है यह उनकी प्रकृति और उनका मिजाज है क्योंकि उनकी सोच भूखंड और नकदी तक ही सीमित है. व्यक्ति को इन सबसे ऊपर उठकर सोचना चाहिए.’ प्रतियोगिता में अंतिम प्रश्न के उत्तर के लिए खट्टर ने मानुषी की तारीफ की. इसमें मानुषी से पूछा गया था कि किस पेशे में सबसे अधिक पगार होती है और क्यों.

खट्टर ने बताया कि मानुषी ने इसका उत्तर दिया, ‘सभी मां अपने बच्चों के लिए बहुत त्याग करती हैं. और यह सब धन के लिए नहीं होता है. मुझे लगता है कि यह सब प्यार और सम्मान के लिए होता है. इसलिए मुझे लगता है कि मां का पेशा ही सबसे अधिक सैलरी के योग्य है.’
मुख्यमंत्री की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर हुड्डा ने कहा, ‘मैं जिस बारे में बात कर रहा हूं वह एक गंभीर मुद्दा है. जो मैंने कहा मानुषी उस सम्मान के योग्य है. उसने पूरे राज्य और देश को गौरवान्वित किया है. लेकिन आज तक साक्षी मलिक को नौकरी नहीं मिली है. इसके अलावा कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें नौकरी दी जानी चाहिए था लेकिन पिछले तीन साल में कुछ नहीं हुआ है.’

हुड्डा ने कहा, ‘मेरा मानना है कि बेटियों को पूरा सम्मान मिलना चाहिए और ऐसी हल्की बातों से उनका अपमान नहीं किया जाना चाहिए. मुझे नहीं लगता है कि खट्टर साहब पर इसका आरोप लगाना चाहिए क्योंकि यह दर्द वही व्यक्ति समझ सकता है जिसकी अपनी बेटी होती है.’ इस पर खट्टर ने कहा कि वह पूरे हरियाणा को अपना परिवार समझते हैं.

भागवत का बयान सुप्रीम कोर्ट को चुनौती: मुस्लिम संगठन


अयोध्या में विवादित स्थल पर ही राम मंदिर बनाने के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के ताजा बयान पर मुस्लिम संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट को चुनौती करार दिया है.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना खालिद सैफुल्ला रहमानी ने भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए ‘भाषा’ से कहा, ‘बोर्ड अदालत पर यकीन रखता है और उसके फैसले के मुताबिक अमल की कोशिश करेगा. भागवत ने वह बयान देकर कानून को अपने हाथ में लिया है.’

अयोध्या विवाद में मुस्लिम पक्ष की रहनुमाई कर रहे बोर्ड के प्रवक्ता ने कहा कि बोर्ड का मानना है कि सरकार को ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिये जो खुलेआम अदालत की तौहीन करके कानून को अपने हाथ में ले रहे हैं. भागवत का एकतरफा तौर पर यह कहना कि विवादित स्थल पर ही मंदिर बनेगा, यह हमें कुबूल नहीं होगा. यह अदालत के प्रति अविश्वास का इजहार है.

बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक जफरयाब जीलानी ने भी भागवत के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा ‘भागवत ने सुप्रीम कोर्ट को चुनौती दी है, कि वह चाहे जो फैसला दे, मगर मंदिर वहीं बनेगा.’
उन्होंने कहा कि संविधान में सुप्रीम कोर्ट सर्वोच्च अदालत है और उसका आदेश पूरे देश में लागू करना ही होता है. उसने विवादित स्थल पर फिलहाल यथास्थिति बनाये रखने को कहा है, वह स्थिति कब तक बनी रहेगी यह पता पता नहीं. भागवत ने वह बयान देकर सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट को चुनौती दी है. यह लोकतंत्र के लिये खतरा है.

जीलानी ने कहा कि उन्हें लगता है कि भागवत ने गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिये ऐसा बयान दिया है.

ऑल इण्डिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि संघ प्रमुख सुप्रीम कोर्ट से बढ़कर नहीं हैं. अयोध्या मामले में न्यायालय जो निर्णय देगा, उसे भागवत को भी मानना पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि अयोध्या का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, मगर इसके बावजूद भागवत ने ऐसा बयान दिया है. यह गुजरात विधानसभा चुनाव में मतदाताओं का ध्यान असल मुद्दों से भटकाने के लिये अपनाया गया हथकंडा मात्र है.

मालूम हो कि संघ प्रमुख मोहन भागवत ने आज कर्नाटक के उडुपी में आयोजित ‘धर्म संसद’ में कहा कि विवादित स्थल पर केवल मंदिर ही बनेगा और कुछ नहीं. राम मंदिर वहीं बनेगा और इस बारे में किसी को कोई शक नहीं होना चाहिये.

उन्होंने कहा कि अयोध्या में वैसा ही भव्य मंदिर बनेगा, जैसा कि पूर्व में कभी बना था. यह पिछले 25 वर्षों के दौरान मंदिर आंदोलन से जुड़े लोगों के मार्गदर्शन में बनेगा.

भागवत का यह बयान अयोध्या विवाद के बातचीत के जरिये हल निकालने की श्री श्री रविशंकर और उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड की कोशिशों के बाद आया है.

Wednesday, November 22, 2017

बीजेपी के मंत्री बोले, 'पाप की वजह से लोगों को कैंसर होते हैं, यह ईश्वर का न्याय है'


दुनिया के लाखों रिसर्चर कैंसर का इलाज ढूंढने में लगे हैं. वहीं दूसरी तरफ असम के स्वास्थ्य मंत्री हिमंत विश्व शर्मा का मानना है कि कुछ लोग कैंसर जैसी घातक बीमारियों से इसलिए ग्रस्त हैं, क्योंकि उन्होंने अतीत में पाप किये हैं और यह ईश्वर का न्याय है. मंत्री के इस टिप्पणी की राजनीतिक दलों और कैंसर के मरीजों ने कड़ी आलोचना की है.
आलोचना के बाद भी हिमंत विश्व शर्मा ने इस विवादित बयान के लिए माफी नहीं मांगी और पूर्व वित्‍त मंत्री पी चिदंबरम के ट्वीट के जवाब में कांग्रेस पार्टी पर हमलावर हो गए. हिमंत विश्व शर्मा ने चिदंबरम पर अपने बयान के गलत बयानी का आरोप लगाया. उनके अनुसार उन्‍होंने बस यह कहा था कि हिंदू धर्म में यह मान्‍यता है कि पिछले जन्‍म के कर्मों से मनुष्‍य के दु:ख जुड़े हुए हैं. इसके साथ ही हिमंत विश्व शर्मा ने चिदंबरम से पूछा कि क्‍या आप यह नहीं मानते हैं? बिल्‍कुल आपकी पार्टी में मुझे नहीं मालूम कि हिंदू धर्म दर्शन पर बात होती भी है?
आपको बता दें कि पी चिदंबरम ने मंत्री के कैंसर वाले बयान की आलोचना करने के साथ ही उनके कांग्रेस से बीजेपी में शामिल होने पर भी तंज कसा. हिमंत विश्व शर्मा ने अगस्त 2015 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी जॉइन कर ली थी.
आपको बता दें कि शर्मा ने गुवाहाटी में शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में कहा, ‘‘जब हम पाप करते हैं तो भगवान हमें सजा देता है. कई बार हम देखते हैं कि युवाओं को कैंसर हो गया या कोई युवा हादसे का शिकार हो गया. अगर आप पृष्ठभूमि देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि यह ईश्वर का न्याय है और कुछ नहीं. हमने ईश्वर के न्याय का सामना करना होगा.’’

इन टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेसी नेता देबब्रत साइकिया ने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्वास्थ्य मंत्री ने कैंसर के मरीजों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियां कीं. उन्होंने यह टिप्पणी सार्वजनिक रूप से की है, मंत्री को इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।’’ वहीं कांग्रेस की स्थानीय ईकाइ ने ट्वीट करके कैंसर पीड़ितों और उनकेद परिजनों से मंत्री के खिलाफ कानूनी और राजनैतिक एक्शन लेने की मांग की. वहीं आम आदमी पार्टी की सदस्य प्रीति शर्मा मेनन ने भी मंत्री के बयान की आलोचना की और उन्हें मुर्ख और एक बुरा व्यक्ति बताया.

वहीं AIUDF के नेता अमिनुल इस्लाम ने कहा कि मंत्री ने ऐसा बयान इसलिए दिया क्योंकि वह राज्य में कैंसर की रोकथाम में नाकाम रहे हैं. हालांकि राज्य के कैंसर संस्थान डॉ बी बरुआ कैंसर इंस्ट‍ि्टयूट के चिकित्सा अधीक्षक ने इस बयान को गंभीर नहीं माना और कहा कि मंत्री शर्मा का तात्पर्य वैज्ञानिक कारणों से नहीं बल्क‍ि सामाजिक संदर्भ में होगा.

तेज प्रताप का बचपना, सुशील मोदी को दी घर में घुसकर मारने की धमकी!


बिहार में सत्ता से बेदखल होने के बाद राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके दोनों बेटे सत्ताधारी जेडीयू और बीजेपी पर हमलावर हैं. अक्सर लालू यादव, उनके बेटे तेज प्रताप यादव और तेजस्वी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को निशाना बनाते रहे हैं. इस बार बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने बिहार के डिप्टी सीएम और बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी को टारगेट किया है.
घर में घुसकर मारने की धमकी
तेज प्रताप यादव ने एक सभा में सुशील मोदी को मारने की धमकी दी है. तेज प्रताप ने चेतावनी दी कि वो घर में घुसकर मारेंगे.
औरंगाबाद की एक जनसभा में तेज प्रताप ने कहा, 'सुशील मोदी ने अपने बेटे उत्कर्ष मोदी की शादी का निमंत्रण देने के लिए कॉल किया था. अगर वो हमको बुलाए तो हम वहीं पोल खोल देंगे. हमारी लड़ाई जारी है. हम नहीं मानेंगे.'
इतना ही नहीं इससे आगे बढ़कर तेज प्रताप ने सुशील मोदी के घर जाकर मारने तक की धमकी दे डाली. तेजप्रताप ने मंच से कहा, 'हम वार करेंगे और हम उसके घर में घुसकर मारेंगे. हम रुकने वाले नहीं है. हम शादी समारोह में ही सभा करेंगे, तोड़ फोड़ करेंगे और उसकी पोल खोलेंगे.'
सिर्फ सुशील मोदी की पोल खोलने तक की ही तेज प्रताप यादव ने चेतावनी नहीं दी. उनके बयान में शादी में आने वाले मेहमानों के खिलाफ भी आक्रामकता दिखी. तेज प्रताप ने कहा, 'जो मेहमान बुलाए होंगे, हम वहीं उनको बेइज्जत कर देंगे.'
तेज प्रताप ने बताया कि 'हम दूसरा टाइप के व्यक्ति हैं. हम लालू यादव की तरह मुंह पर बोलने वाले आदमी हैं, मैं किसी से नहीं डरता हूं.'

पादीदार आरक्षण फॉर्मूले पर कांग्रेस मौन, BJP का वार- हार्दिक के साथ डील छलावा


कांग्रेस ने गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले पाटीदार नेता हार्दिक पटेल के साथ आरक्षण के मुद्दे पर तय किये गये फॉर्मूले पर बुधवार को अपने पत्ते नहीं खोले और कहा कि इस बारे में जो भी फैसला होगा, वह 'संविधान के दायरे' में होगा.
पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने गुजरात विधानसभा चुनाव में पार्टी को अपना समर्थन देने की घोषणा करने के लिए पाटीदार नेता हार्दिक पटेल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी संयुक्त लड़ाई से भाजपा सत्ता से बाहर हो जाएगी. कांग्रेस द्वारा पाटीदार नेताओं की आरक्षण की मांग मान लेने के बाद हार्दिक ने इस समर्थन की घोषणा की थी.
फॉर्मूले पर सिब्बल ने साधी चुप्पी
बहरहाल, सिब्बल ने इस बारे में चुप्पी साधे रखी कि कांग्रेस तथा हार्दिक नीत पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (PAAS) के बीच आरक्षण को लेकर कौन से फॉर्मूले पर सहमति बनी है. उन्होंने कहा कि संबंधित नियमों को बाद में तय किया जाएगा. सिब्बल ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने राज्य में अपने 22 साल के शासन के दौरान समुदाय के लिए कुछ नहीं किया और उनके भरोसे को तोड़ दिया.
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, 'हमें खुशी है कि साझा मोर्चा अब भाजपा के खिलाफ लड़ेगा. हम उनका आभार व्यक्त करते हैं क्योंकि वे (PASS) हमारे साथ एक विचारधारा के साथ शामिल हुए कि मिलकर चुनाव लड़ा जाए. हमारा लक्ष्य चुनाव जीतना और लोगों से किये गये वादों को पूरा करना है.'
जेटली का जोरदार पलटवार 
इस बीच, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक सवाल के जवाब में कहा, 'अभी तक जो बयान मैंने देखे हैं, कांग्रेस-हार्दिक क्लब एक-दूसरे को छलावा दे रहे हैं. कानून बहुत स्पष्ट है जिसे उच्चतम न्यायालय ने तय किया है. पिछले सप्ताह ही राजस्थान मामले में इस बात की फिर से पुष्टि हुई है कि 50 प्रतिशत की सीमा को नहीं बढ़ाया जा सकता. लिहाजा उन्हें एक-दूसरे को तथा यह कहकर जनता को छलावा देने दीजिए कि वह इस अंतर को भरने के लिए तौर-तरीका तैयार करेंगे.'
कांग्रेस ने वादा निभाने का दिया भरोसा
इस बयान के बारे में प्रतिक्रिया पूछे जाने पर कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा, 'हम आज सत्ता से बाहर है. माननीय वित्त मंत्री के बयान का हास्यास्पद पक्ष यह है कि जहां उनकी स्वयं की पार्टी सत्ता में है, मिसाल के तौर पर राजस्थान, वहां हर किस्म से सीमा से अधिक जाने का प्रयास हो रहा है.' उन्होंने कहा, 'वहां (भाजपा शासित प्रदेशों में) 50 प्रतिशत (सीमा) को त्यागा जा सकता है, 51 प्रतिशत को त्यागा जा सकता है, 55 प्रतिशत को त्यागा जा सकता है. प्रत्येक तरह के आरक्षण का वादा किया गया. लिहाजा हमें दोमुंही बात नहीं करनी करनी चाहिए, हमें पाखंड नहीं करना चाहिए, छलावा तो तब होगा जब हम सत्ता में आये और हमने कुछ गलत किया हो.'
सिंघवी ने कहा, 'किंतु जैसा कि हमने बार बार कहा है, हम भाजपा की तरह नहीं हैं और कानून का पालन करते हैं. हम संविधान के दायरे में रहकर कदम उठाएंगे.' उन्होंने कहा 'अगर आप यह देखना चाहते हैं कि किसने किसको बेवकूफ बनाया तो आप जाइये और राजस्थान में देखिए. भाजपा वहां सत्तारूढ़ दल है. वह प्रतिदिन लोगों को बेवकूफ बना रही है. कभी वे जाट आरक्षण, कभी गुर्जर आरक्षण की बात करते हैं, वे सत्ता में हैं और वादे पूरा कर सकते किन्तु फिर भी उन्होंने नहीं किए.' सिंघवी ने कहा, 'हम सत्ता में नहीं. जब हम वहां (गुजरात) में सत्ता में आयेंगे तो संविधान के दायरे में पूरी तरह रहते हुए इसे लागू करेंगे, हमारे पास इसकी क्षमता है.'

Monday, November 20, 2017

BJP सरकार सहिष्णु है, हमें मजाक सहना आता है: स्मृति ईरानी


भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के उद्घाटन के मौके पर केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी भाजपा सरकार सहिष्णु है. उन्होंने कहा भाजपा, मजाक को मजाक की तरह लेती है.

उद्घाटन समारोह की मेजबानी अभिनेता राजकुमार राव और अभिनेत्री राधिका आप्टे कर रहे थे और इस दौरान ईरानी निर्देशक माजिदी मजीदी की बात करते हुए राव ने हल्के फुल्के अंदाज में कहा कि इत्तेफाक की बात है कि मजीदी ईरानी हैं और हमारी मंत्री भी ईरानी हैं. उनके इस मजाक पर सभागार में बैठे लोग हंस पड़े और स्मृति भी मुस्कुरा दीं.

गौरतलब है कि मजीदी की फिल्म ‘बियोंड द क्लाउड्स’ से महोत्सव की शुरूआत हो रही है. मुंबई की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म में ईशान खट्टर और मालविका मोहनन जैसे कलाकारों ने काम किया है.

बाद में केंद्रीय मंत्री ने मंच से अपने संबोधन में राव की तरफ देखते हुए कहा, राजकुमार राव, यह बात देश भर में जानी चाहिए कि आज अगर तुमने मजाक किया तो सिर्फ ईरानी के नाम पर एक मंत्री का किया जो दिखाता है कि एक सरकार के तौर पर हम कितने सहिष्णु हैं.

Saturday, November 18, 2017

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को मिलेगा इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार




पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन को इस साल इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार मिलेगा. साल 2004 से 2014 के बीच देश का नेतृत्व करने और वैश्विक स्तर पर भारत का औहदा बढ़ाने के लिए उन्हें इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण और विकास पुरस्कार दिया जाएगा.

इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट के अनुसार, सिंह को पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता वाली एक अंतरराष्ट्रीय ज्यूरी द्वारा पुरस्कार के लिए सर्वसम्मति से चुना गया.

ट्रस्ट सचिव सुमन दुबे ने इस संबंध में बयान जारी कर यह जानकारी दी.

मनमोहन रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर और पी वी नरसिंह राव के प्रधानमंत्री काल में वित्त मंत्री भी रह चुके हैं. मनमोहन सिंह भारत के तीसरे ऐसे प्रधानमंत्री थे जिन्होंने पीएम के रूप में अपने दो कार्यकाल पूरे किए.

राफेल सौदा: राहुल का सीतारमण पर तंज- आपके बॉस आपको चुप करा रहे हैं, मिला ये जवाब


राफेल सौदे को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच जोरदार जुबानी जंग देखने को मिल रही है. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल विमान सौदे को लेकर शनिवार को रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर पलटवार करते हुए दावा किया कि यह 'शर्मनाक' है कि उनके बॉस उन्हें चुप करा रहे हैं.
उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या पेरिस में राफेल विमानों की खरीद के बारे में घोषणा करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा मामले की कैबिनेट समिति (सीसीएस) से मंजूरी ली थी. कांग्रेस उपाध्यक्ष के इस हमले से एक दिन पहले सीतारण ने कहा था कि यह शर्मनाक है कि कांग्रेस विमान सौदे को लेकर आपत्तियां खड़ी कर रही है.
कांग्रेस ने इस सौदे को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं और सरकार पर राष्ट्रीय हित एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता करने और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है.
राहुल ने ट्वीट किया, 'प्रिय आरएम, यह कितना शर्मनाक है कि आपके बॉस आपको चुप करा रहे हैं.' कृपया हमें बताइए:
1. हर राफेल विमान का अंतिम मूल्य क्या है?
2. पेरिस में विमानों की खरीद की घोषणा करने पहले क्या प्रधानमंत्री ने सीसीएस से मंजूरी ली थी?
3. प्रधानमंत्री ने एचएएल (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) को दरकिनार कर एए रेटेड (ऊंची शाख वाले) कारोबारी को सौदा क्यों दिया जबकि उसके पास रक्षा क्षेत्र का कोई अनुभव नहीं है?
वहीं रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर निर्णय नहीं करने को लेकर पिछली UPA सरकार की आलोचना की और कहा कि देर करने से क्या हुआ, उसे वह विस्तार से बयां नहीं कर सकती क्योंकि इसमें राष्ट्र की सुरक्षा शामिल है.
उन्होंने कहा कि 2014 में एनडीए के सत्ता में आने के बाद फ्रांस से 36 राफेल विमानों की खरीद के लिए अंतर- सरकारी रास्ते का विकल्प चुना गया. दरअसल, इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वायु सेना के साथ चर्चा हुई थी. उन्होंने कहा कि UPA सरकार खरीद पूरी नहीं कर सकी. वहीं, भाजपा नीत सरकार ने 'हमारी जरूरत और तात्कालिकता पर विचार करते हुए' यह किया.

निर्मला सीतारमण ने सीआईआई के एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा कि खरीद का ऑर्डर उचित तरीके से किया गया. सुरक्षा पर कैबिनेट कमेटी की सहमति ली गई और सारी औपचारिक्ताएं पूरी की गईं. इस बारे में उनसे एक सवाल किया गया जिसके जवाब में उन्होंने यह कहा. यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस यह मुद्दा अब क्यों उठा रही है, रक्षा मंत्री ने कहा कि यह सरकार बगैर किसी भ्रष्टाचार के काम कर रही है. उन्होंने कहा कि यह (लड़ाकू विमान खरीद) भ्रमित करने का एक बहाना बन गया है.
गौरतलब है कि भारत ने 36 राफेल विमानों की खरीद के लिए सितंबर 2016 में फ्रांस के साथ एक अंतर- सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. इससे करीब डेढ़ साल पहले प्रधानमंत्री मोदी ने पेरिस की एक यात्रा के दौरान इस प्रस्ताव की घोषणा की थी.

कांग्रेस पार्टी ने हाल के समय में इस सौदे की कीमतों सहित कई चीजों पर सवाल उठाए हैं. उसने सरकार पर 'सांठगांठ वाले पूंजीवाद' को बढ़ावा देकर राष्ट्रीय हित और सुरक्षा से समझौता करने का आरोप लगाया. साथ ही, सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया है.
 
Copyright © 2014 Revoli Full Width. Designed by OddThemes - Published By Gooyaabi Templates