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Thursday, February 1, 2018

मनमोहन ने कहा- 2022 तक किसानों की आय दोगुना करना असंभव


पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार को पेश किए गए बजट में किसानों की आय दोगुनी करने को लेकर किए गए दावों पर खारिज कर दिया. विश्व प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ने कहा कि ये संभव ही नहीं कि 2022 तक किसानों की आय दो गुनी कर दी जाए.
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा कि साल 2022 तक किसानों की आय दो गुनी करने को लेकर केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है. लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री और ख्यात अर्थशास्त्री  मनमोहन जेटली के दावों से असहमति जताई.
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दोगुना करना तब तक संभव नहीं है जब तक कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 12 प्रतिशत तक नहीं पहुंच जाती. और जब तक हम इसे पा नहीं लेते, यह केवल जुमला ही है.

नई दिल्ली में विपक्ष की बैठक के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने मनमोहन सिंह का बयान पब्लिक के सामने रखा.
पूर्व प्रधानमंत्री ने मनमोहन सिंह ने यह भी कहा कि, 'राजकोषीय घाटे में वृद्धि हुई है.' इससे पहले, सिंह ने कहा था कि यह देखना होगा कि सरकार अपने वादों को कैसे पूरा करेगी.

उन्होंने कहा, 'मैं नहीं समझता कि मैं यह कह सकता हूं कि यह बजट चुनावों में फायदा हासिल करने की मंशा से पेश किया गया है, लेकिन मुझे इस बात की चिंता है कि वित्तीय अंकगणित में कुछ गड़बड़ है.'
जब पूर्व प्रधानमंत्री ये यह पूछा गया कि क्या बजट रिफॉर्म के एजेंडे को आगे बढ़ाता दिख रहा है? इस पर मनमोहन सिंह ने कहा कि इस शब्द का कई बार उपयोग और दुरुपयोग हुआ है.
क्या कृषि संकट पिछली सरकारों की वजह से है और यदि नहीं तो इसे किस तरह डील किया जाना चाहिए के सवाल पर उन्होंने किसी तरह की टिप्पणी करने से इंकार कर दिया.

Wednesday, November 22, 2017

बीजेपी के मंत्री बोले, 'पाप की वजह से लोगों को कैंसर होते हैं, यह ईश्वर का न्याय है'


दुनिया के लाखों रिसर्चर कैंसर का इलाज ढूंढने में लगे हैं. वहीं दूसरी तरफ असम के स्वास्थ्य मंत्री हिमंत विश्व शर्मा का मानना है कि कुछ लोग कैंसर जैसी घातक बीमारियों से इसलिए ग्रस्त हैं, क्योंकि उन्होंने अतीत में पाप किये हैं और यह ईश्वर का न्याय है. मंत्री के इस टिप्पणी की राजनीतिक दलों और कैंसर के मरीजों ने कड़ी आलोचना की है.
आलोचना के बाद भी हिमंत विश्व शर्मा ने इस विवादित बयान के लिए माफी नहीं मांगी और पूर्व वित्‍त मंत्री पी चिदंबरम के ट्वीट के जवाब में कांग्रेस पार्टी पर हमलावर हो गए. हिमंत विश्व शर्मा ने चिदंबरम पर अपने बयान के गलत बयानी का आरोप लगाया. उनके अनुसार उन्‍होंने बस यह कहा था कि हिंदू धर्म में यह मान्‍यता है कि पिछले जन्‍म के कर्मों से मनुष्‍य के दु:ख जुड़े हुए हैं. इसके साथ ही हिमंत विश्व शर्मा ने चिदंबरम से पूछा कि क्‍या आप यह नहीं मानते हैं? बिल्‍कुल आपकी पार्टी में मुझे नहीं मालूम कि हिंदू धर्म दर्शन पर बात होती भी है?
आपको बता दें कि पी चिदंबरम ने मंत्री के कैंसर वाले बयान की आलोचना करने के साथ ही उनके कांग्रेस से बीजेपी में शामिल होने पर भी तंज कसा. हिमंत विश्व शर्मा ने अगस्त 2015 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी जॉइन कर ली थी.
आपको बता दें कि शर्मा ने गुवाहाटी में शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में कहा, ‘‘जब हम पाप करते हैं तो भगवान हमें सजा देता है. कई बार हम देखते हैं कि युवाओं को कैंसर हो गया या कोई युवा हादसे का शिकार हो गया. अगर आप पृष्ठभूमि देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि यह ईश्वर का न्याय है और कुछ नहीं. हमने ईश्वर के न्याय का सामना करना होगा.’’

इन टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेसी नेता देबब्रत साइकिया ने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्वास्थ्य मंत्री ने कैंसर के मरीजों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियां कीं. उन्होंने यह टिप्पणी सार्वजनिक रूप से की है, मंत्री को इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।’’ वहीं कांग्रेस की स्थानीय ईकाइ ने ट्वीट करके कैंसर पीड़ितों और उनकेद परिजनों से मंत्री के खिलाफ कानूनी और राजनैतिक एक्शन लेने की मांग की. वहीं आम आदमी पार्टी की सदस्य प्रीति शर्मा मेनन ने भी मंत्री के बयान की आलोचना की और उन्हें मुर्ख और एक बुरा व्यक्ति बताया.

वहीं AIUDF के नेता अमिनुल इस्लाम ने कहा कि मंत्री ने ऐसा बयान इसलिए दिया क्योंकि वह राज्य में कैंसर की रोकथाम में नाकाम रहे हैं. हालांकि राज्य के कैंसर संस्थान डॉ बी बरुआ कैंसर इंस्ट‍ि्टयूट के चिकित्सा अधीक्षक ने इस बयान को गंभीर नहीं माना और कहा कि मंत्री शर्मा का तात्पर्य वैज्ञानिक कारणों से नहीं बल्क‍ि सामाजिक संदर्भ में होगा.

Monday, November 20, 2017

BJP सरकार सहिष्णु है, हमें मजाक सहना आता है: स्मृति ईरानी


भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के उद्घाटन के मौके पर केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी भाजपा सरकार सहिष्णु है. उन्होंने कहा भाजपा, मजाक को मजाक की तरह लेती है.

उद्घाटन समारोह की मेजबानी अभिनेता राजकुमार राव और अभिनेत्री राधिका आप्टे कर रहे थे और इस दौरान ईरानी निर्देशक माजिदी मजीदी की बात करते हुए राव ने हल्के फुल्के अंदाज में कहा कि इत्तेफाक की बात है कि मजीदी ईरानी हैं और हमारी मंत्री भी ईरानी हैं. उनके इस मजाक पर सभागार में बैठे लोग हंस पड़े और स्मृति भी मुस्कुरा दीं.

गौरतलब है कि मजीदी की फिल्म ‘बियोंड द क्लाउड्स’ से महोत्सव की शुरूआत हो रही है. मुंबई की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म में ईशान खट्टर और मालविका मोहनन जैसे कलाकारों ने काम किया है.

बाद में केंद्रीय मंत्री ने मंच से अपने संबोधन में राव की तरफ देखते हुए कहा, राजकुमार राव, यह बात देश भर में जानी चाहिए कि आज अगर तुमने मजाक किया तो सिर्फ ईरानी के नाम पर एक मंत्री का किया जो दिखाता है कि एक सरकार के तौर पर हम कितने सहिष्णु हैं.

Saturday, November 18, 2017

राफेल सौदा: राहुल का सीतारमण पर तंज- आपके बॉस आपको चुप करा रहे हैं, मिला ये जवाब


राफेल सौदे को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच जोरदार जुबानी जंग देखने को मिल रही है. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल विमान सौदे को लेकर शनिवार को रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर पलटवार करते हुए दावा किया कि यह 'शर्मनाक' है कि उनके बॉस उन्हें चुप करा रहे हैं.
उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या पेरिस में राफेल विमानों की खरीद के बारे में घोषणा करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा मामले की कैबिनेट समिति (सीसीएस) से मंजूरी ली थी. कांग्रेस उपाध्यक्ष के इस हमले से एक दिन पहले सीतारण ने कहा था कि यह शर्मनाक है कि कांग्रेस विमान सौदे को लेकर आपत्तियां खड़ी कर रही है.
कांग्रेस ने इस सौदे को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं और सरकार पर राष्ट्रीय हित एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता करने और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है.
राहुल ने ट्वीट किया, 'प्रिय आरएम, यह कितना शर्मनाक है कि आपके बॉस आपको चुप करा रहे हैं.' कृपया हमें बताइए:
1. हर राफेल विमान का अंतिम मूल्य क्या है?
2. पेरिस में विमानों की खरीद की घोषणा करने पहले क्या प्रधानमंत्री ने सीसीएस से मंजूरी ली थी?
3. प्रधानमंत्री ने एचएएल (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) को दरकिनार कर एए रेटेड (ऊंची शाख वाले) कारोबारी को सौदा क्यों दिया जबकि उसके पास रक्षा क्षेत्र का कोई अनुभव नहीं है?
वहीं रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर निर्णय नहीं करने को लेकर पिछली UPA सरकार की आलोचना की और कहा कि देर करने से क्या हुआ, उसे वह विस्तार से बयां नहीं कर सकती क्योंकि इसमें राष्ट्र की सुरक्षा शामिल है.
उन्होंने कहा कि 2014 में एनडीए के सत्ता में आने के बाद फ्रांस से 36 राफेल विमानों की खरीद के लिए अंतर- सरकारी रास्ते का विकल्प चुना गया. दरअसल, इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वायु सेना के साथ चर्चा हुई थी. उन्होंने कहा कि UPA सरकार खरीद पूरी नहीं कर सकी. वहीं, भाजपा नीत सरकार ने 'हमारी जरूरत और तात्कालिकता पर विचार करते हुए' यह किया.

निर्मला सीतारमण ने सीआईआई के एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा कि खरीद का ऑर्डर उचित तरीके से किया गया. सुरक्षा पर कैबिनेट कमेटी की सहमति ली गई और सारी औपचारिक्ताएं पूरी की गईं. इस बारे में उनसे एक सवाल किया गया जिसके जवाब में उन्होंने यह कहा. यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस यह मुद्दा अब क्यों उठा रही है, रक्षा मंत्री ने कहा कि यह सरकार बगैर किसी भ्रष्टाचार के काम कर रही है. उन्होंने कहा कि यह (लड़ाकू विमान खरीद) भ्रमित करने का एक बहाना बन गया है.
गौरतलब है कि भारत ने 36 राफेल विमानों की खरीद के लिए सितंबर 2016 में फ्रांस के साथ एक अंतर- सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. इससे करीब डेढ़ साल पहले प्रधानमंत्री मोदी ने पेरिस की एक यात्रा के दौरान इस प्रस्ताव की घोषणा की थी.

कांग्रेस पार्टी ने हाल के समय में इस सौदे की कीमतों सहित कई चीजों पर सवाल उठाए हैं. उसने सरकार पर 'सांठगांठ वाले पूंजीवाद' को बढ़ावा देकर राष्ट्रीय हित और सुरक्षा से समझौता करने का आरोप लगाया. साथ ही, सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया है.

Thursday, November 16, 2017

गुजरात में यूपी का विनिंग फॉर्मूला अपनाना चाहती है BJP, इसलिए लटके हैं टिकट


गुजरात विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ बीजेपी यूपी चुनाव का ही विनिंग फॉर्मूला अपनाने की जुगत में है. यूपी में बीजेपी ने जिस तरह से दूसरे दलों से आए नेताओं को अपने टिकट से चुनाव लड़ाकर प्रचंड जीत हासिल की थी, माना जा रहा है कि उसी तर्ज पर वो गुजरात की सियासी जंग भी फतह करना चाहती है. यही वजह है कि पहले चरण की वोटिंग को करीब तीन हफ्ते ही रह गए हैं, लेकिन पार्टी ने अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान नहीं किया है.
प्रचार के बाद अब टिकटों पर माथापच्ची
गुजरात में चुनाव प्रचार का पहला राउंड हो चुका है. कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी ने जहां राज्य में जातिगत समीकरण साधने और वोटरों के सामने कांग्रेस को एक मजबूत विकल्प साबित करने की कवायद की, वहीं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने केंद्रीय मंत्रियों की फौज के साथ राज्य में बीजेपी के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया. अब दोनों पार्टियां टिकटों पर माथापच्ची कर रही हैं, क्योंकि प्रचार के दौरान ग्राउंड से मिले फीडबैक से उन्हें इतना अंदाजा हो गया है कि किस इलाके में कैसी राजनीतिक हवा है और उस हवा को अपने पक्ष में करने के लिए किस तरह का उम्मीदवार नैया पार लगा सकता है. अभी तक कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों से उम्मीद की जा रही थी कि वो कल अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट घोषित कर देंगे, लेकिन न तो बीजेपी और न ही कांग्रेस ने ऐसा किया.
बीजेपी में टिकटों पर मंथन, लेकिन ऐलान नहीं
बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने बुधवार शाम अपने उम्मीदवारों के नाम फाइनल करने के लिए पार्टी मुख्यालय पर बैठक की. इसमें पीएम नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, डिप्टी सीएम नितिन पटेल, गुजरात बीजेपी अध्यक्ष जीतू वघानी, गुजरात बीजेपी प्रभारी भूपेंद्र यादव सहित तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. बैठक में मंत्रणा तो लंबी चली, लेकिन मीटिंग के बाद जेपी नड्डा ने बताया कि चुनाव समिति की बैठक में गुजरात की सभी सीटों के टिकट पर चर्चा हुई है. लेकिन सही वक्त पर टिकट को लेकर फैसला लिया जाएगा.
कांग्रेस ने भी रद्द की बैठक
गुजरात में टिकट पर कांग्रेस की भी बुधवार को मीटिंग होनी थी, लेकिन ऐन मौके पर यह मीटिंग रद्द कर दी गई. कांग्रेस अब 17 नवंबर को उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा करेगी. दरअसल, कांग्रेस और बीजेपी दोनों इस कोशिश में हैं कि पहले सामने वाली पार्टी अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करें, ताकि टिकटों से वंचित रहे प्रतिद्वंद्वी पार्टी के मजबूत उम्मीदवारों को अपनी पार्टी से लड़ाया जा सके. यूपी चुनाव में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने ये दांव चला था और नतीजे बताते हैं कि ये कामयाब भी रहा.
बीजेपी को उलटा पड़ सकता है उसका दांव
बीजेपी जीत के इसी फॉर्मूले को गुजरात में अपनाना चाहती है. कांग्रेस भी शाह के इस दांव से वाकिफ है और इसलिए वो भी नहीं चाहती कि बीजेपी को कोई ऐसा मौका दिया जाए. लिहाजा वो भी अपने उम्मीदवारों की लिस्ट को लटकाए हुए है. दूसरी ओर बीजेपी को ये भी डर है कि अगर पिछले चुनावों की तरह इस बार भी वो बड़ी संख्या में अपने वर्तमान विधायकों का टिकट काटेगी, तो ये विधायक बागी होकर कांग्रेस का हाथ थाम सकते हैं यानी बीजेपी की रणनीति उसी के खिलाफ काम कर सकती है. दोनों पार्टियों की इस कशमकश में ये देखना दिलचस्प होगा कि आखिर टिकटों का बंटवारा कब और कैसे होता है?

Sunday, November 12, 2017

‘आजाद कश्मीर की बात करने वालों को पाकिस्तान चले जाना चाहिए’


विश्व हिन्दू परिषद के नेता प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि जो लोग ‘आजाद कश्मीर’ की बात करते हैं, उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए.

गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को कहा था कि पाक अधिकृत कश्मीर पाकिस्तान का है. भारत और पाकिस्तान चाहे जितने युद्ध कर लें, यह नहीं बदलने वाला है.

वीएचपी के कार्यकारी अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष तोगड़िया ने एक आयोजन में कहा ‘कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है. जो लोग ‘आजाद कश्मीर’ की बात करते हैं, उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए या फिर सीमा पर हमारे सुरक्षा बल उनसे निपटने के लिए एके 47 रायफलें ले कर तैयार हैं.’

फिल्म ‘पद्मावती’ को लेकर चल रहे विवाद पर तोगड़िया ने कहा कि इस मुद्दे पर सेंसर बोर्ड को कदम उठाना चाहिए और इसकी रिलीज रोक देनी चाहिए. उन्होंने कहा ‘पद्मावती एक महान महारानी थीं. उनके जीवन पर बनी फिल्म के खिलाफ लोगों को क्यों प्रदर्शन करना चाहिए. यह सेंसर बोर्ड की जिम्मेदारी है. उसे कदम उठाना चाहिए और फिल्म को रिलीज की अनुमति नहीं देनी चाहिए.’
'पद्मावती की रिलीज रोक दी जाए'

‘पद्मावती’ एक दिसंबर को रिलीज होने वाली है. इसमें मुख्य भूमिकाएं रणवीर सिंह, शाहिद कपूर और दीपिका पादुकोण ने निभाई है. फिल्म की रिलीज का विरोध कर रहे राजपूत संगठनों का दावा है कि इसमें ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया है और इससे हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं.

एक सवाल के जवाब में तोगड़िया ने कहा कि गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं और वहां के मंदिरों में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की लगातार यात्राएं हिंदुओं की जीत है.

राहुल गांधी ने खोला TWITTER पर लोकप्रियता का राज


कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को मज़ाकिया लहजे में कहा कि उनका पालतू कुत्ता 'पीडी' उनकी तरफ से ट्वीट करता है. अमेठी से लोकसभा सांसद राहुल ने बनासकांठा जिले में कांग्रेस पार्टी के आईटी सेल के सदस्यों से मुलाकात में ये बात कही.

बहरहाल राहुल ने बाद में गंभीरता से बताया कि वो मुद्दों को देखते-समझते हैं और दो-तीन लोगों की अपनी संचार टीम को सुझाव देते हैं और इसे ट्विटर पर डालने से पहले वो उसे पूरी तरह दुरुस्त और प्रभावी बनाते हैं.

ट्विटर पर राहुल की बढ़ती लोकप्रियता और ट्वीट के विषय चुनने के उनके तौर-तरीके के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, 'मेरे लिए पीडी ट्वीट करता है.' पिछले महीने राहुल ने ट्वीट किया था, 'लोग पूछ रहे हैं कि इस आदमी के लिए ट्वीट कौन करता है. मैं साफ-साफ बता रहा हूं ये मैं हूं, पीडी. मैं उनसे ज्यादा स्मार्ट हूं. देखो मैं एक ट्वीट से क्या कर सकता हूं. ऊप्स, ट्रीट.' रविवार की बातचीत में राहुल ने कहा कि उनकी एक छोटी सी टीम है जो उनके ट्विटर हैंडल को संभालती है.

उन्होंने कहा, 'दरअसल जो भी कहा जाना है, अगर उसे ठीक से सोचा-विचारा गया हो, तो कुछ ही शब्दों में बयान किया जा सकता है. मैं मुद्दों को देखता-परखता हूं और अपनी संचार टीम को सुझाव देता हूं और हम उसे बेहतर और दुरुस्त बनाकर ट्वीट करते हैं.'
अपने संबोधन के दौरान राहुल ने कहा, 'बीजेपी के पास ऐसी सोशल मीडिया टीम है, जिसे वो पैसे देती है जबकि कांग्रेस का स्वतंत्र सोशल मीडिया है जो सच बोलता है.' गुजरात में कांग्रेस के चर्चित सोशल मीडिया प्रचार 'विकास गाडों थायो छे' यानी 'विकास पागल हो गया है', इस पर राहुल ने कहा, 'ये सच है कि गुजरात में विकास पागल हो गया है.'

अपने खिलाफ चलाए जा रहे प्रचार का मुकाबला करने के तरीके के बारे में पूछे जाने पर राहुल ने कहा, 'आप जानते हैं कि शिव कौन थे.' उन्होंने ये टिप्पणी संभवत: भगवान शिव की तरफ इशारा करते हुए की जिन्होंने ब्रह्मांड की रक्षा के लिए विष पीया था.

उन्होंने ये भी कहा कि कांग्रेस नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेगी, लेकिन प्रधानमंत्री के पद का अनादर नहीं करेगी.

कांग्रेस नेता ने कहा, 'हम चाहे जो कुछ करें, लेकिन हम प्रधानमंत्री मोदी के पद का अनादर नहीं करेंगे. ये पद भारत के लोगों का प्रतिनिधित्व करता है. मोदी जी चाहे हमारे बारे में जो भी कहें, वो भारत के प्रधानमंत्री हैं. हम एक निश्चित सीमा से आगे नहीं बढ़ेंगे.' उन्होंने कहा कि जीएसटी और नोटबंदी 'साफ तौर पर मोदी जी की गलतियां' थीं.

राहुल ने कहा, 'लेकिन वो लगातार कह रहे हैं कि नोटबंदी का फैसला सही था. हर कोई गलती करता है. हम गलतियां स्वीकार कर आगे बढ़ने में यकीन रखते हैं. बहरहाल, आप चाहे जितनी कोशिश कर लें, आप गुस्से को भड़का नहीं सकते, क्योंकि आप कांग्रेस से हैं, बीजेपी से नहीं. पर आप सच फैला सकते हैं.' उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता सेनानियों-महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, भीमराव अंबेडकर के पास कोई सेना नहीं थी.

राहुल ने आगे कहा, 'लेकिन उनके पास खादी, चरखा और सत्य था. तो आखिरकार किसकी जीत हुई? कांग्रेस पार्टी की.' उन्होंने कहा कि सच से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता.

राहुल ने कहा, 'आज नरेंद्र मोदी के पास गुजरात सरकार, केंद्र सरकार, थलसेना, वायुसेना, मीडिया. हम मीडिया के लोगों की बात नहीं कर रहे. वो सच दिखाना चाहते हैं, लेकिन पीछे से उन पर नियंत्रण किया जाता है. नरेंद्र मोदी और अमित शाह सच से खिलवाड़ कर रहे हैं. लेकिन सच से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता.'

Sunday, October 1, 2017

उद्धव ठाकरे बोले -बीजेपी हमें देशभक्ति न सिखाएं

मुंबई: शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने शनिवार को बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि वह उसे 'देशभक्ति नहीं सिखाए.' मुंबई के शिवाजी पार्क में अपनी पार्टी की दशहरा रैली को संबोधित करते हुए उद्धव ने कहा, "हमें देशभक्ति नहीं सिखाइए. अभी वह दिन नहीं आया है कि हमें देशभक्ति सिखाई जाए." उन्होंने कहा, "माहौल बनाया गया कि जो लोग नोटबंदी का समर्थन करते हैं, वह देशभक्त हैं और जो लोग इसका विरोध करते हैं, वे देशद्रोही हैं." वह पिछले वर्ष केंद्र सरकार द्वारा पांच सौ और हजार रुपये के नोट पर प्रतिबंध लगाने के निर्णय का जिक्र कर रहे थे.

उद्धव ने शिवसेना के कार्यकर्ताओं से अपील की कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर व्यक्तिगत हमला करने से बचें जैसा कि हाल में महंगाई के खिलाफ शिवसेना के प्रदर्शन के दौरान किया गया था. शिवसेना के नेता ने जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के साथ बीजेपी के सत्ता साझा करने की असंगति की तरफ भी इशारा किया था.
उन्होंने पूछा, "कश्मीर में आपका (बीजेपी) पीडीपी से कैसा वैचारिक संबंध है? जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को क्यों नहीं खत्म किया जा रहा है?" उद्धव ने कहा, "हमने हिंदुत्व के लिए बीजेपी के साथ गठबंधन किया जब ‘हिंदुत्व’ को वर्जित शब्द माना जाता था. अगर वे (बीजेपी नेता) सोचते हैं कि हमारा उनके लिए कोई महत्व नहीं है, तो हम देखेंगे." उन्होंने कहा, "हमें जानना चाहिए कि आपके हिंदुत्व की परिभाषा क्या है." मोदी की महत्वाकांक्षी परियोजना का विरोध करते हुए उद्धव ने कहा, "बुलेट ट्रेन कौन चाहता है? पहले रेल ढांचे में सुधार कीजिए." पेट्रोल और डीजल की अधिक कीमतों पर उद्धव ने कहा, "यह सरकार कहती है कि जीएसटी से कर में एकरूपता आएगी. एकरूपता कहां है? पाकिस्तान में भी हमारे यहां से सस्ता पेट्रोल है.

Wednesday, September 27, 2017

टी0एस0आर0 सरकार मानसिक रूप से दिवालिया: नेगी

देहरादून। जनसंघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जी0एम0वी0एन0 के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि टी0एस0आर0 सरकार मानसिक रूप से दिवालिया हो गयी है, जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सरकार को यही मालूम नहीं कि पलायन कैसे रूकेगा तथा प्रदेश से क्यों पलायन हो रहा है।

नेगी ने कहा कि सरकार अगर अनुभवी होती तो निश्चित तौर पर आयोग बनाकर ये नादानी नहीं करती। सरकार को मालूम होना चाहिए कि पृथक राज्य की बुनियाद ही युवाओं के रोजगार को लेकर हुई थी इसको धरातल पर उतारने हेतु सरकार को नये-नये पद सृजित करने चाहिए थे, जिससे और अधिक बेरोजगारों को रोजगार मिलता, लेकिन सरकार पद समाप्त करने पर तुली है। भाजपा के राज में युवा रू0 5000/- की नौकरी के लिए अन्य प्रदेश में ठोकरे खाने को मजबूर है। नेगी ने कहा कि सरकार को 6 महीना हो गये हैं लेकिन पहाड़ों में लघु उद्योगों के बारे में सरकार के पस कोई रोड-मेप नहीं है। सरकार को चिकित्सा, शिक्षा तथा पर्यटन के क्षेत्र में आमूल चूल परिवर्तन करना होगा तभी प्रदेश के बेरोजगारों एवं वहाॅं के निवासियों का पलायन रूकेगा। नेगी ने व्यंग्य करते हुए कहा कि सरकार ने आयोग बनाकर आयोग वालों का पलायन तो रोक ही दिया।

Wednesday, July 26, 2017

महागठबंधन राजनीति: लालू के घर विधायकों की बैठक खत्म, तेजस्वी नहीं देंगे इस्तीफा


पटना, सनाउल हक़ चंचल-

पटना में राजद की विधायक दल की बैठक खत्म हो गई है। पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद  यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव इस्तीफा नहीं देंगे। इसके साथ ही लालू यादव ने साफ कहा कि नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव से कभी भी इस्तीफा नहीं मांगा है। वहीं नीतीश कुमार लगातार हमारे संपर्क में हैं।

वहीं नीतीश कुमार दिल्ली से पटना आ चुके हैं और आते ही उन्होंने विधायक दल की बैठक बुलाई है। आज शाम 5 बजे जेडीयू के विधायक दल की बैठक होगी। ये बैठक 28 जुलाई को होने वाली थी, इस दिन मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है। सूत्र बता रहे हैं कि इस बैठक में तेजस्वी यादव पर कोई चर्चा हो सकती है। इस बीच खबर है कि आरजेडी भी विधायक दल की बैठक बुला रही है। आज दोपहर 12 बजे लालू यादव विधायक दल के साथ बैठक कर रहे हैं।

बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं करेंगे। माना जा रहा है कि इस प्रकरण पर फैसला करने में नीतीश को कुछ वक्त लग सकता है। संभवत: इस मामले में आगे की जांच और न्यायालय के रुख को देखकर कोई फैसला किया जाए।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद इस संबंध में पूछे गए सवालों से बचते हुए नजर आए। नीतीश ने इस बारे में पूछे गए सवालों पर कहा कि इस मामले को छोड़कर कुछ और बात कीजिए।

उन्होंने बार बार पूछे जाने पर कहा कि हमारे प्रवक्ता इस संबंध में जवाब देंगे। नीतीश से पूछा गया कि क्या वे इस मामले में असहज हैं तो उन्होंने कहा कि कहां असहज हैं। गठबंधन को कोई खतरा तो नहीं है इस सवाल को भी नीतीश ने टाल दिया।

सूत्रों ने कहा कि नीतीश कुमार की पिछले दिनों कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात में गठबंधन को बचाए रखने और बिहार व केंद्र की राजनीति को लेकर व्यापक चर्चा हुई थी। तेजस्वी की सफाई से असंतुष्ट नीतीश को यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि आने वाले दिनों में भाजपा विरोधी राजनीति में उनकी भूमिका अहम हो सकती है। गठबंधन को बनाए रखकर विपक्षी दलों की एकजुटता को तरजीह देते हुए बीच का रास्ता निकालने का प्रयास हो रहा है।

आरजेडी विधायक दल की बैठक शुरू, तेजस्वी के मुद्दे पर चर्चा की संभावना


पटना, सनाउल हक़ चंचल-

पटना। बिहार की राजधानी पटना के राजद सुप्रीमो के आवास दस सर्कुलर रोड पर राजद विधानमंडल दल की बैठक शुरू हो चुकी है. बैठक में राजद कोटे के सभी मंत्री भाग लेने के लिए पहुंच चुके हैं. बैठक में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, विधान पार्षद राबड़ी देवी वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव शामिल हो रहे हैं. हालांकि, बैठक को लेकर अंदर से अभी तक कोई खास खबर नहीं आयी है, लेकिन माना यह जा रहा है कि पार्टी तेजस्वी के मुद्दे पर अपनी रणनीति पर विचार करेगी.

उधर, खबर मिल रही है कि लालू यादव के रांची जाने वाले फ्लाइट की टिकट को रद्द कर दिया गया है. मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक लालू को नीतीश कुमार के फैसले और तेजस्वी पर प्रतिक्रिया का इंतजार है. लालू उसे सुनकर ही रांची के लिए देर रात सड़क मार्ग से जायेंगे. लालू को गुरुवार चारा घोटाला मामले में रांची में पेश होना है.

राजद सूत्रों के अनुसार विधायक दल की बैठक में 28 अगस्त से शुरू होने वाले विधानमंडल सत्र की रणनीति पर चर्चा हो रही है. उप मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग के बीच होने वाली इस बैठक को राजनीतिक हलकों में सामान्य नहीं माना जा रहा है. पार्टी के विधायक दल की बैठक में इस पर भी चर्चा हो रही है कि अगर भाजपा उप मुख्यमंत्री के इस्तीफे को लेकर सदन की कार्यवाही बाधित करती है तो राजद के नेता किस रूप में इसका जवाब देंगे. बैठक में प्रमुख घटक दल जदयू के स्टैंड को लेकर भी चर्चा होने की संभावना जतायी जा रही है और उस पर चर्चा होगी.

बैठक के अंदर से खबरें छनकर आ रही हैं, उसके मुताबिक तेजस्वी यादव के इस्तीफे के मसले पर राजद ने अपने पूर्व के स्टैंड पर कायम रहने की बात सोची है. बैठक में भाजपा के नेताओं के प्रश्नों का जवाब और उनके हमले पर जवाब देने के लिए सलाह-मशविरा पर विचार चल रहा है.

Monday, July 24, 2017

भाजपा करेगी समस्याओं को लेकर धरना

नीरज कुमार / खगड़िया

भाजपा की प्रखंड कार्यसमिति की बैठक सोमवार को खगड़िया जिला के गोगरी प्रखंड रामपुर छठ मेला के कला मंच के प्रांगण में की गई। जिसकी अध्यक्षता भाजपा प्रखंड अध्यक्ष अजय चौरसिया ने की। बैठक में संगठन को मजबूत बनाने के लिए बूथ स्तर पर कमिटी के विस्तार पर बल दिया गया। बैठक मे प्रखंड अध्यक्ष अजय चौरसिया ने कहा कि प्रखंड स्तर पर स्थानीय समस्याओं को लेकर गोगरी प्रखंड मुख्यालय में धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम भी किया जाऐगा।
उन्होंने ये भी कहा कि 30 जुलाई को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश की जनता से मन की बात करेगे। प्रधानमंत्री के मन की बात सुनने के लिए चौक - चौराहे पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा चौपाल लगाया जाऐगा। इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामानुज चौधरी, भाजपा के महिला मोर्चा जिलाअध्यक्ष सुमीता देवी राय, जिला उपाध्यक्ष अरूण कुमार शर्मा उर्फ लड्डू, सुनील चौरसिया, अनीता सिंह, राहुल जायसवाल, आशिष मिश्रा, हिरालाल चौधरी, वकील तांती, सुनील मुखर्जी, सुगदेव मुनि, सुरेंद्र राय, बहादुर मुनि सहित भाजपा के दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे।

Tuesday, July 18, 2017

सीएम से मिले तेजस्वी, 40 मिनट तक हुई बात, रंजिशें ख़त्म हुई या नहीं ? जानते हैं......


पटना, सनाउल हक़ चंचल-

पटना। राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव की सीधी बातचीत हुई. बंद कमरे में करीब 40 मिनट तक दोनों आपस में बातचीत करते रहे.

माना जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री ने अपने ऊपर लगे आरोपों के मामले में मुख्यमंत्री को अपनी सफाई दी है. सीएम से मुलाकात के बाद उपमुख्यमंत्री राजद कोटे के सारे मंत्रियों के साथ अपने आवास पहुंचे, जहां सबने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद को मुलाकात का ब्योरा दिया. देर रात तक लालू प्रसाद के सरकारी आवास पर राजद कोटे के मंत्री और विधायक जुटे रहे. इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता भी पहुंचे. सूत्रों के मुताबिक राजद में आगे की रणनीति पर विचार हुआ.  कैबिनेट की बैठक शाम छह बजे शुरू हुई. करीब घंटे भर चली बैठक के बाद मुख्यमंत्री अपने कक्ष में आ गये. पांच मिनट बाद उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव भी उनके कक्ष में पहुंचे. उनके साथ वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी, स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव, शिक्षा मंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष  डाॅ अशोक चौधरी समेत राजद कोटे के सभी मंत्री शामिल भी थे.

थोड़ी देर बाद डाॅ अशोक चौधरी और तेजप्रताप यादव समेत अन्य मंत्री सीएम के कक्ष से बाहर निकल आये. इसके बाद   करीब 40 मिनट तक उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री की बातचीत हुई.  इसके पहले कैबिनेट की बैठक में भाग लेने के लिए लालू-राबड़ी आवास से राजद कोटे के सभी मंत्री एक साथ मुख्य सचिवालय के लिए रवाना हुए थे.

जदयू ने एक दिन पहले ही संकेत दिया था कि पार्टी के स्तर पर या मुख्यमंत्री के स्तर पर उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव से इस्तीफा नहीं मांगा गया था. सिर्फ उन्हें अपने ऊपर लगे आरोपों की मुख्यमंत्री के समक्ष सफाई देनी थी. इस पूरे घटनाक्रम में जदयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव की अहम भूमिका बतायी जा रही है. कैबिनेट की जिस समय बैठक शुरू होने वाली थी, मुख्य सचिवालय का दरवाजा मीडिया के लिए बंद कर दिया गया था. मुख्यमंत्री के समक्ष उपमुख्यमंत्री की आमने-सामने इस बातचीत के बाद महागठबंधन के दोनों दलों के बीच आयी तल्खी दूर होने की उम्मीद की जा रही है.

इसके पहले कैबिनेट की बैठक में लिये ये फैसले.....

पीडीएस के क्रियान्वयन व मॉनीटरिंग के लिए राज्य से पंचायत तक विशेष कमेटी अवैध खनन रोकने को ओड़िशा से खरीदा जायेगा सॉफ्टवेयर

बिहार सचिवालय सेवा  नियमावली, 2010 में संशोधन, अब प्रोमोशन रिक्ति से नहीं, बल्कि प्रोन्नति की तिथि से  मिलेगा।

Saturday, July 15, 2017

सुशील मोदी ने की मांग- तेजस्वी को अविलंब बर्खास्त करें सीएम नीतीश


पटना, सनाउल हक़ चंचल-

पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि लालू प्रसाद, तेजस्वी और राजद ने जदयू की सभी तीन शर्तों को ठुकरा कर साफ कर दिया है कि न तो तेजस्वी इस्तीफा देंगे, न लालू प्रसाद अपनी बेनामी सम्पति का खुलासा करेंगे और न ही सीबीआइ, ईडी और इनकम टैक्स द्वारा लगाए गए आरोपों का बिन्दुवार तथ्यात्मक जवाब देंगे।

दूसरी ओर सभी मंत्री के इस्तीफा देने की धमकी देकर राजद ने मुख्यमंत्री की ऑथरिटी को ही चुनौती दे दी है। ऐसे में एक बार गेंद फिर नीतीश कुमार के पाले में आ गयी है।

मोदी ने कहा अपेक्षा तो थी कि तेजस्वी यादव अपने ऊपर लगे आरोपों का बिन्दुवार जवाब देंगे। वे बताएंगे कि डिलाइट मार्केटिंग को पटना में 3 एकड़ जमीन कैसे मिली, वह जमीन उनके कब्जे में कैसे आई, उस पर बन रहे 750 करोड़ के मॉल के वे मालिक कैसे बने, दिल्ली की न्यूफ्रेंड्स कॉलोनी में चार मंजिला मकान तथा करीब एक दर्जन शेल कम्पनियों को उन्होंने किस तरह से हासिल किया? मगर उनके पास कोई जवाब नहीं है इसलिए 'बदले की भावना से कार्रवाई' का राग अलाप रहे हैं।

भाजपा नेता ने कहा, राजद के मंत्री के विभाग के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ भाग न लेकर तेजस्वी ने कार्यक्रम का बहिष्कार नहीं बल्कि मुख्यमंत्री की अवलेहना और अपमान किया है। मोदी ने कहा सीबीआई की छापेमारी के बाद से ही तेजस्वी अपने कार्यालय नहीं गए हैं। शासन-प्रशासन का काम बुरी तरह से प्रभावित है। ऐसे में मुख्यमंत्री को अविलम्ब तेजस्वी को बर्खास्त करने का फैसला लेना चाहिए।

तेजस्वी की जगह ले सकती हैं लालू की बेटी रोहिणी आचार्य, जानें उनके बारे में कुछ अहम बातें


पटना, सनाउल हक़ चंचल-

बिहार में जारी राजनीतिक संकट के बीच राजद सुप्रीमो लालू यादव ने एक नया रास्ता ढूंढ़ निकाला है. सूत्रों के हवाले से प्राप्त जानकारी के अनुसार उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव राष्ट्रपति चुनाव के बाद इस्तीफा दे सकते हैं. ऐसे में तेजस्वी की जगह लालू यादव की पुत्री रोहिणी लेंगी. रोहिणी की ताजपोशी से बिहार में जदयू और राजद की सरकार बच सकती है. खबर यह भी है कि सोनिया गांधी ने बिहार में महागंठबंधन की सरकार को बचाने के लिए बीच का रास्ता निकालने की बात कही है. ऐसे में संभव है कि लालू यादव की नयी उत्तराधिकारी रोहिणी बन जायें. खबर यह भी है कि तेजस्वी के इस्तीफे और रोहिणी की ताजपोशी के संबंध में लालू यादव आज फैसला ले सकते हैं. आज एक कार्यक्रम में मंच पर जिस तरह उपमुख्यमंत्री के नाम को ढंका गया वह भी बहुत कुछ संकेत दे रहा है.

जानें कौन हैं रोहिणी.....

रोहिणी लालू यादव की दूसरी बेटी हैं जिन्हें रोहिणी आचार्य के नाम से ज्यादा जाना जाता है. इन्होंने मेडिकल की पढ़ाई की है. वर्ष 2002 में इनकी शादी अमेरिका के एक कंप्यूटर इंजीनियर समरेश सिंह से हुई है. रोहिणी लालू यादव की एकमात्र ऐसी संतान हैं, जिनपर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा है. लालू यादव की बड़ी बेटी मीसा भारती भी इन दिनों भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी हुई हैं . ईडी ने मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार के ठिकानों पर भी छापेमारी की है. यही कारण है कि लालू यादव रोहिणी यादव का नाम सामने ला रहे हैं.

पटनावासी अबतक नहीं भूले रोहिणी की शादी

रोहिणी का नाम भले ही ज्यादा जाना पहचाना ना हो, लेकिन पटनावासी रोहिणी की शादी को बखूबी याद करते हैं. रोहिणी की शादी काफी भव्य तरीके से हुई थी और इनकी शादी में लालू यादव के साले साधु यादव ने दबंगई दिखाते हुए शो रूम से कई गाड़ियों को उठवा लिया था. एक अणे मार्ग से हुई इस शादी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गये थे.

लालू -राबड़ी की हैं सात बेटियां

लालू यादव और राबड़ी देवी की सात बेटियां हैं. सबसे बड़ी बेटी मीसा भारती हैं, जिनका विवाह सॉफ्टवेयर इंजीनियर शैलेश कुमार से हुआ है. दूसरी बेटी रोहिणी आचार्य हैं, जिनकी शादी अमेरिका में रहने वाले कंप्यूटर इंजीनियर समरेश सिंह से हुई है. तीसरे नंबर पर चंदा सिंह हैं जिनकी शादी एयरलाइंस के पायलट विक्रम सिंह से हुई है. चौथे नंबर पर रागिनी यादव है जिनकी शादी समाजवादी पार्टी के विधायक जीतेंद्र सिंह के बेटे राहुल यादव से हुई है. पांचवें नंबर पर हेमा यादव हैं, जिनकी शादी एक राजनीतिक परिवार में विनीत यादव से हुई है. छठे नंबर पर अनुष्का राव हैं जिनकी शादी हरियाणा के एक मंत्री अजित सिंह के बेटे चिरंजीवी राव से हुई है और सातवें नंबर पर है राजलक्ष्मी सिंह जिनकी शादी मुलायम सिंह यादव पोते तेजप्रताप सिंह से हुई है.

Friday, July 14, 2017

सूबे में बढ़ा अपराध का ग्राफ : नित्यानंद राय


पटना, सनाउल हक़ चंचल-

सारण : प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष नित्यानंद राय ने कहा कि सूबे में अपराध का ग्राफ बढ़ गया है. पुलिस क्राइम रोकने में असफल साबित हो रही है. सरकार दिशाहीन हो गयी और विधि-व्यवस्था चौपट. वे शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि सूबे में घट रहे राजनीतिक घटनाक्रम पर भाजपा नजर बनाये हुए है. पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से जो भी निर्देश आयेगा, उस हिसाब से आगे की रणनीति बनेगी।

रेलवे होटल घोटाला मामला: CBI कसेगी नकेल, अग्रिम जमानत की तैयारी में जुटे लालू


पटना, सनाउल हक़ चंचल-

पटना। सीबीआइ की गिरफ्तारी से बचने के लिए रेल होटल घोटाले में फंसा लालू परिवार अब अग्रिम जमानत की तैयारी में है। इस मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद के साथ उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी आरोपित हैं।

तेजस्वी के इस्तीफे के लिए महागठबंधन के साथी दल जदयू के नैतिक दबाव और भाजपा की आक्रामक बयानबाजी से पूरा परिवार परेशान है। भ्रष्टाचार के नए मामले ने लालू के उत्तराधिकारी के रूप में पेश किए जा रहे तेजस्वी के राजनीतिक भविष्य को दांव पर लगा दिया है। एक-दो दिनों के भीतर दिल्ली में जमानत याचिका दाखिल की जा सकती है, ताकि उन्हें जेल न जाना पड़े।

रेलवे होटल को लीज पर देने के मामले में बेनामी संपत्ति बटोरने के लिए साजिश और धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए सीबीआइ ने लालू परिवार के तीन सदस्यों को नामजद अभियुक्त बनाया है। सभी पर गैरजमानतीय धारा लगाई गई हैं।

सीबीआइ अगर इस मामले में गिरफ्तारी का रास्ता अख्तियार करती है तो तेजस्वी के सामने इस्तीफे के सिवाय कोई रास्ता नहीं बचेगा और परिवार राजनीतिक हैसियत खतरे में पड़ जाएगी। ऐसी संकट वाली स्थिति से बचने के लिए अग्रिम जमानत ही दिख रहा। लालू परिवार देश के शीर्षस्थ वकीलों की राय ले रहा।

लालू भी कर रहे मोर्चाबंदी......

लालू प्रसाद ने अपने परिवार के खिलाफ दर्ज हो रहे नए केस में बचाव के लिए देश के शीर्षस्थ वकीलों से संपर्क किया है। उनसे राय ली जा रही। इसके पहले चारा घोटाले के एक मामले में राजद की ओर से राज्यसभा में भेजे गए वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी सुप्रीम कोर्ट में लालू का पक्ष रखते रहे हैं।

एजेंसियों को पता है कि देश के एक बड़े राजनीतिक परिवार के खिलाफ जांच में एक चूक भी उनकी मेहनत पर पानी फेर सकती है। जांच एजेंसियां दो स्तर पर काम कर रही हैं। पहला पुराने सबूतों का गंभीरता से अन्वेषण किया जा रहा है। दूसरा नए मामले एवं सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं।

घेर रहीं एजेंसियां....

लालू परिवार पर सीबीआइ, प्रवर्तन निदेशालय एवं आयकर का शिकंजा कस रहा। रेल होटल घोटाले में एफआइआर में सीबीआइ ने प्रारंभिक जांच के निष्कर्ष भी लिखे थे। यानी पूरी तैयारी के साथ एफआइआर हुई और छापेमारी की गई।

पांच जुलाई- सीबीआइ ने लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत आठ लोगों के खिलाफ दिल्ली में एफआइआर दर्ज की

सात जुलाई- सात जुलाई को लालू के पटना स्थित सरकारी आवास समेत देशभर के १२ ठिकानों पर छामेपारी की गई

लालू प्रसाद और उनके परिवार के दो अन्य सदस्यों तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी से सीबीआइ अगले सप्ताह पूछताछ कर सकती है। सीबीआइ दिल्ली तलब कर उनसे पूछताछ करने वाली है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सीबीआइ ने रेल मंत्रलय के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को भी अपने रडार पर ले रखा है।

ये वैसे अधिकारी हैं, जिन्होंने लालू प्रसाद के रेलमंत्री रहते उनके साथ काम किया है। रेलवे के होटलों को लीज पर दिए जाने में इनकी भी भूमिका रही है। सीबीआइ ने मंत्रलय से वर्ष 2004 से 2007 के बीच वैसी फाइलों की मांग की है, जिसमें बतौर रेलमंत्री लालू ने महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं।

ये सभी फाइलें रेलवे के वाणिज्यिक कामकाज से संबंधित हैं। मंत्रालय द्वारा ये फाइलें 14 जुलाई तक सीबीआइ को उपलब्ध करा दी जाएंगी। सूत्र बताते हैं कि छापेमारियों में सीबीआइ को कोचर बंधुओं और आइआरसीटीसी के तत्कालीन प्रबंध निदेशक पीके गोयल के ठिकानों से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज हाथ लगे हैं।

Thursday, July 13, 2017

ये क्‍या बोल गए सुशील मोदी ? निर्भया के रेपिस्‍ट से कर दी तेजस्वी की तुलना


पटना, सनाउल हक़ चंचल-

पटना। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव व उनके परिवार पर लगातार हमलावर भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी अपने विवादित ट्वीट को लेकर फिर चर्चा में हैं। उन्‍होंने तेजस्‍वी की तुलना दिल्‍ली गैंगरेप व मर्डर के चर्चित 'निर्भया कांड' के नाबालिग आरोपी से कर दी है।

विदित हो कि घोटालों के आरोपों को ले एफआइआर पर अपनी सफाई में डिप्‍टी सीएम तेजस्‍वी यादव के कहा कि उस वक्‍त उन्‍हें दाढ़ी-मूंछ तक नहीं थी और उनकी उम्र 13 या 14 वर्ष थी। ऐसे में वे भला कैसे घोटाला कर सकते हैं? इसपर प्रतिक्रिया देते हुए सुशील मोदी ने तेजस्‍वी की तुलना निर्भया कांड के आरोपी से करते हुए लिखा कि घटना के वक्‍त उसे भी दाढ़ी-मूंछ नहीं थी।

सुशील मोदी ने ट्वीट किया कि जब कोई बिना मूंछ वाला निर्भया जैसा जघन्य बलात्कार कांड कर सकता है तब कागजी हेराफेरी से संपत्ति क्यों नहीं बना सकता? इस ट्वीट में सुशील मोदी ने कहीं भी तेजस्वी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिखा है, लेकिन संदर्भ बिल्कुल साफ है।

Monday, July 10, 2017

फिर नई मुसीबत में मीसा भारती, ED ने रेड के बाद पूछताछ के लिए बुलाया


पटना, सनाउल हक़ चंचल-

पटना। लालू परिवार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। शुक्रवार काे सीबीआइ ने रेल घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव के 12 ठिकानों पर रेड की। इसके अगले दिन शनिवार को उनकी बेटी व राज्‍यसभा सांसद मीसा भारती के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में रेड कर दिया। ईडी ने माीसा व उनके पति शैलेश से लंबी पूछताछ भी की। ईडी ने मीसा को फिर पूछताछ के लिए बुलाया है।

विदित हो कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती से जुड़े 8000 करोड़ की बेनामी संपत्ति मामले में ईडी ने सीए राजेश अग्रवाल और मुखौटा कंपनी के मालिक जैन बंधुओं को गिरफ्तार कर चुकी है। उनसे मिली जानकारी के आधार पर मीसा के खिलाफ शिकंजा कस गया है।

इस बीच मीसा और उनके शैलेश को आयकर विभाग ने पूछताछ के लिए बुलाया। बीते 21 जून को वे पूछताछ के लिए आयकर विभाग के उपस्थित हो चुके हैं। इसके बाद शनिवार को ईडी ने भी छापेमारी तथा पूछताछ की। अब ईडी ने सम्‍मन जारी कर मीसा व उनके पति शैलेश को पूछताछ के लिए फिर बुलाया है।

Sunday, July 9, 2017

लालू ने बुलाई पार्टी विधायकों की मीटिंग, नीतीश पटना लौटे- मीडिया से दूरी


पटना, सनाउल हक़ चंचल-

पटना। लालू प्रसाद और उनकी बेटी मीसा के ठिकानों पर सीबीआई और ईडी के छापों के बाद बिहार में सियासी हालात बदल रहे हैं। लालू प्रसाद यादव ने सोमवार को अपने घर पार्टी एमएलए की मीटिंग बुलाई है। दूसरी ओर, सीएम नीतीश कुमार राजगीर से पटना लौट आए हैं, लेकिन उन्होंने लालू के बेटे और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को हटाने पर कुछ नहीं कहा है। तेजस्वी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। नीतीश की पार्टी जेडीयू मंगलवार को मीटिंग करेगी। इस बीच, बीजेपी ने नीतीश से तेजस्वी को बर्खास्त करने की मांग की है। बोलने से बच रहे जदयू नेता...

- बदलते हुए सियासी हालात पर जेडीयू ने अब तक कुछ नहीं कहा है। लेकिन, वो पूरे हालात पर नजर बनाए हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीतीश की सेहत खराब है और वो सोमवार को जनता दरबार प्रोग्राम में शिरकत नहीं करेंगे।

- दूसरी ओर, बीजेपी नेता और राज्य के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने रविवार को एक बार फिर नीतीश से चुप्पी तोड़ने और लालू के बेटे को बर्खास्त करने की मांग की।

सीएम ने बुलाई बैठक

- नीतीश तीन दिनों तक राजगीर में रहने के बाद रविवार दोपहर पटना लौटे, लेकिन मीडिया से बात नहीं की। नीतीश कुमार ने 11 जुलाई को पार्टी के तमाम आला नेताओं की मीटिंग बुलाई है। माना जा रहा है कि इस मीटिंग के बाद कोई बड़ा एलान हो सकता है।

- बता दें कि बिहार में लालू की पार्टी आरजेडी के सबसे ज्यादा विधायक हैं। नीतीश की पार्टी दूसरे और कांग्रेस तीसरे नंबर पर है। तीनों ने मिलकर सरकार बनाई।

दिक्कत कहां?

- लालू सीबीआई और ईडी के छापों से परेशान पहले से ही हैं। लेकिन, बड़ी दिक्कत ये है कि अब तक नीतीश और उनकी पार्टी ने लालू के समर्थन में एक भी शब्द नहीं कहा है। माना जा रहा है कि सुशासन बाबू की इमेज वाले नीतीश तेजस्वी पर कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं।

- हालांकि, कांग्रेस ने लालू का खुलकर बचाव और समर्थन करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार सीबीआई और ईडी का गलत इस्तेमाल कर रही है। 
 
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