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Friday, March 2, 2018
Thursday, March 1, 2018
उसने अपने 4 साल के बेटे को जहर खिलाकर खुद ने भी खा लिया जहर
धार (सिंघम न्यूज़ ) उमरबन थाना क्षेत्र के ग्राम जामनापाटी में बुधवार को एक महिला ने जहर खा लिया और इतना ही नही उसने अपने चार साल के पुत्र को भी जहर खिला दिया। दोनों को मनावर अस्पताल लाया गया। जहा महिला की मौत हो गई, जबकि बालक को बचा लिया गया।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार परिवार में शादी की तैयारियां चल रही थीं। घटना के बाद शादी का पूरा माहौल गमगीन हो गया। केकड़सिंह निवासी जामनापाटी ने बताया कि घर में मेरी शादी की तैयारियां चल रही थी। दोपहर में मेरी बहन हिरकीबाई (35) पति स्व. दिनेश, जो कि पति के निधन के बाद से हमारे साथ ही रहती थी। अपने 4 साल पुत्र कृष्णा को लेकर खेत के पास स्थित खले में मवेशियों को पानी पिलाने का कहकर घर से गई। उसने वहां जाकर जहर खा लिया। साथ ही कृष्णा को भी खिला दिया। जहर खाने के बाद बालक कृष्णा उल्टियां कर रहा था तथा बहन हिरकी वहीं बेसुध पड़ी थी। ग्रामीणों ने हमें सूचना दी। दोनों को अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान हिरकीबाई की मौत हो गई। जहर खाने की वजह का खुलासा नही हो पाया है
Wednesday, February 28, 2018
अगर आप है बेरोजगार और आप नोकरी की तलाश कर रहे है तो जरा हो जाइये सावधान ..कही आप न हो जाये ठगी का शिकार
इंदौर (सिंघम न्यूज़ ) नौकरी दिलाने का विज्ञापन देकर युवक-युवतियों को अपना शिकार बनाने वाली एक युवती को इंदौर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया बेरोजगारों से रुपए ऐंठने वाली बी कॉम की छात्रा को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। यह युवती देवास और पीथमपुर की बड़ी-बड़ी नामी कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम बेरोजगार युवक युवतियों से प एक से 10 हजार रुपए तक लेती थी। पुलिस ने कार्यवाही में उसके पास से करीब 500 बेरोजगारों के दस्तावेज और एक भी कार बरामद की है।
एएसपी (क्राइम ब्रांच) अमरेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुवे बताया कि अनिता पिता बाबूसिंह भदौरिया निवासी पल्हर नगर (एरोड्रम) द्वारा शिकायत की गयी थी शिकायत पर रितु उर्फ लवली पिता महेश यादव निवासी वैभव नगर (कनाड़िया) को गिरफ्तार किया गया । अनिता ने बताया कि 2 फरवरी को उसने स्थानीय समाचार-पत्र में बंपर नौकरी का विज्ञापन देखा था। इसके लिए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने को कहा गया था। कॉल करने पर महिला ने फोन उठाया और अगले दिन दस्तावेज सहित 7 हजार रुपए लेकर एलआईजी चौराहा स्थित ऑफिस पर बुलाया। कार्यालय के बजाय रितु अपनी कार में बैठी मिली। एक गली में ले जाकर उसने सुपरवाइजर की नौकरी दिलाने के नाम पर रुपए और मार्कशीट सहित अन्य दस्तावेज उससे ले लिए और बाद में मिलने को कहा ।एएसपी ने बताया अनिता ने दोबारा रितू से संपर्क किया तो उसका मोबाइल नंबर बंद मिला। इसके बाद अनीता ने वी केयर फॉर यू में इसकी शिकायत की। नंबर की जांच में सारा सच सामने आया कि नंबर रितु के नाम से रजिस्टर्ड है। पुलिस पते पर पहुंची तो वहां खाली प्लॉट मिला। पुलिस द्वारा जब इस बारे में छानबीन की तो पता चला वह कुछ दिन पहले यहां से घर खाली करके चली गई। पुलिस ने उसे सिम बेचने वाले शक्स को पकड़कर पूछताछ की तो उसने बताया की रितु सुंदरनगर में रहने लगी है। पुलिस ने उसके घर दबिश देकर उसे पकड़ लिया। रितु ने बताया कि वह बीकॉम की छात्रा है। इकबाल नामक युवक से शादी करने के बाद वह माता-पिता से अलग रह रही है । पति नयापुरा स्थित लोहे के कारखाने में कार्य करता है। आमदनी कम होने की वजह से दोनों ने युवक-युवतियों को ठगने का धंधा शुरू किया । समाचार पत्रों में विज्ञापन देने के बाद कई लोग संपर्क करते थे । विगत चार माह पहले मेरा अपने पति से विवाद हो गया और उसके बाद अकेले ही ठगी करने लगी । रितु ने बताया की वह हर चार-चार महीने में मोबाइल नंबर और घर बदल लेती थी।जिसके कारण वह पकड़ी नहीं गई। एएसपी अमरसिंह (क्राइम ब्राँच ) ने बताया की पुलिस इस मामले में ईकबाल की तलाश कर रही है जल्द ही इक़बाल भी पकड़ा जायेगा
Friday, January 26, 2018
कासगंज बवाल: कड़ी सुरक्षा के बीच मृतक चंदन का हुआ अंतिम संस्कार
कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान हुए साम्प्रदायिक बवाल में मारे गए युवक चंदन गुप्ता का शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया. पुलिस-प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है. बता दें, घटना के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने चंदन की मौत पर गहरा शोक जाहिर करते हुए प्रशासन से पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही प्रशासन को उपद्रवी तत्वों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं.
मृतक चंदन का अंतिम संस्कार कासगंज स्थित काली नदी के किनारे बाकनेर में भारत विकास परिषद द्वारा बनाए गए मुक्ति धाम में किया गया. पुलिस प्रशासन की फिलहाल पहली प्राथमिकता मृतक चंदन का शांतिपूर्वक अंतिम संस्कार करवाने की थी.
बता दें कि गणतंत्र दिवस के मौके पर नगर कोतवाली क्षेत्र में बिलराम गेट चौराहे पर विश्व हिंदू परिषद और एबीवीपी के कार्यकर्ता बाइक से रैली निकाल रहे थे. इस दौरान नारेबाजी को लेकर समुदाय विशेष के लोगों से बहस हो गई. तकरार में दोनों तरफ से फायरिंग, पत्थरबाजी हुई, जिसमें तिरंगा यात्रा में शामिल एक युवक चंदन गुप्ता की गोली लगने से मौत हो गई थी. दूसरे पक्ष के एक शख्स को भी गोली लगी है.
वहीं एक युवक की मौत के बाद फैली हिंसा के बाद डीएम आरपी सिंह ने बताया कि कुछ शरारती तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है. कई गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई. जांच की जा रही है, जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
मंडलायुक्त अलीगढ़ मंडल सुभाष चंद्र शर्मा, आईजी अलीगढ़ मंडल डॉ. संजीव कुमार गुप्ता, एडीजी आगरा जोन अजय आनंद, डीएम कासगंज आरपी सिंह, एसपी कासगंज सुनील कुमार सिंह, पीएसी, आरएएफ, सिविल पुलिस के साथ शहर में गश्त कर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं.
मृतक चंदन का अंतिम संस्कार कासगंज स्थित काली नदी के किनारे बाकनेर में भारत विकास परिषद द्वारा बनाए गए मुक्ति धाम में किया गया. पुलिस प्रशासन की फिलहाल पहली प्राथमिकता मृतक चंदन का शांतिपूर्वक अंतिम संस्कार करवाने की थी.
बता दें कि गणतंत्र दिवस के मौके पर नगर कोतवाली क्षेत्र में बिलराम गेट चौराहे पर विश्व हिंदू परिषद और एबीवीपी के कार्यकर्ता बाइक से रैली निकाल रहे थे. इस दौरान नारेबाजी को लेकर समुदाय विशेष के लोगों से बहस हो गई. तकरार में दोनों तरफ से फायरिंग, पत्थरबाजी हुई, जिसमें तिरंगा यात्रा में शामिल एक युवक चंदन गुप्ता की गोली लगने से मौत हो गई थी. दूसरे पक्ष के एक शख्स को भी गोली लगी है.
वहीं एक युवक की मौत के बाद फैली हिंसा के बाद डीएम आरपी सिंह ने बताया कि कुछ शरारती तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है. कई गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई. जांच की जा रही है, जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
मंडलायुक्त अलीगढ़ मंडल सुभाष चंद्र शर्मा, आईजी अलीगढ़ मंडल डॉ. संजीव कुमार गुप्ता, एडीजी आगरा जोन अजय आनंद, डीएम कासगंज आरपी सिंह, एसपी कासगंज सुनील कुमार सिंह, पीएसी, आरएएफ, सिविल पुलिस के साथ शहर में गश्त कर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं.
Sunday, January 21, 2018
MURDER-दमोह में बृद्ध की गोली मारकर हत्या
दमोह।के बटियागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत आने बाले बसिया गांव में शनिवार की देर शराब को लेकर दो पक्षों में जमकर विवाद हो गया,विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष के युवकों ने लायसेंसी बंदूक से 50 साल के व्यक्ति पर गोली चला दी, जिससे 50 वर्षीय हनुमंत सिंह की मौत हो गई,गांव में गोली चलने से पूरा गांव दहशत में दिखाई दे रहा है।
बताया गया है कि झगड़ा शराब पीने को लेकर हुआ,जिससे आरोपी ने अपनी लायसेंसी बंदूक से हनुमंत पर गोली चला दी,इस बात से गुस्साए पीड़ित के परिजनों ने,एक आरोपी को पकड़ कर जमकर मारपीट की और उसे ट्रेकतर में लाद कर पुलिस को शौप दिया,जानकारी के अनुसार,सीने में गोली लगने की वजह से हनुमंत सिंह को देर रात गंभीर हालत में बटियागढ़ स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं मृतक के परिजनों द्वारा की गई आरोपी रूप सिंह की पिटाई से रूप सिंह की हालत भी नाजुक बताई जा रही है।
पुलिस ने अभी तक इस मामले में,हत्या के दो अरोपी रूप सिंह,और लाखन सिंह समेत,हत्या में इस्तेमाल की गई लायसेंसी बंदूक को जप्त कर लिया है/ वहीं हत्या का मुख्य आरोपी ब्रजेश लोधी फरार है, पुलिस की माने तो ब्रजेश लोधी पहले से निगरानी सुदा बदमाश है,जिसपर पहले से लूट और शराब खोरी के कई मुकदमे पंजीबद्ध हैं। पुलिस द्वारा आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज कर फरार आरोपी ब्रजेश की जगह-जगह पर तलाश की जा रही है।
सफलता- पुलिस ने 24 घंटों में ढूंढ निकाली, चोरी गई पिकअप
नरेंद्र दीक्षित/बड़ा मलहरा।पुलिस थाना क्षेत्र अन्तर्गत कस्बे से चोरी गयी पिकप को चौबीस घण्टे के अंदर बरामद करने में पुलिस को सफलता हासिल हो गयी लेकिन अज्ञात वाहन चोर अभी भी पुलिस पकड़ से बाहर है । जानकारी के मुताबिक बीती उन्नीस बीस जनवरी की दरम्यानी रात्रि बड़ामलहरा छतरपुर मार्ग पर नगर के राजा बाबा वार्ड क्रमांक ग्यारह के निवासी नरेंद्र पिता कमलापत असाटी सैंतालिस वर्षीय की महिंद्रा बुलेरो कम्पनी की पिकप क्रमाँक एम पी 16 जी ए 0365 मकान के बाहर खड़ी थी।
जिसको कोई अज्ञात चोर चोरी कर के ले गया जिसकी दिन भर तलाश के बावजूद पिकप ना मिलने पर शनिवार की शाम सवा सात बजे नरेंद्र असाटी ने थाना पुलिस में पिकप चोरी हो जाने को रिपोर्ट लिखाई जिस पर थाना प्रभारी जीतेन्द्र वर्मा ने अज्ञात चोर के विरुद्ध वाहन चोरी का प्रकरण कायम कर पिकप बरामद करने हेतु दो टीम गठित कर एस आई वीरेंद्र सिंह फरहा खान ए एस आई मनीराम गोंड़ अरुण पुरोहित बी एस घोष प्रधान आरक्षक राजेन्द्र सिंह बुंदेला आरक्षक गजराज सिंह शंकर यादव निशांत सिंह बाला दीन पाल वीरेंद्र साहू के साथ थाना क्षेत्र तथा आसपास के थाना क्षेत्रो की सड़क मार्गो की सर्चिंग करते हुए रविवार की सुबह आठ बजे गुलगंज थाना क्षेत्र के गुलगंज डिकोली मार्ग पर उक्त पिकप को लावारिश हालत में खड़े हुए बरामद कर लिया हालाँकि उक्त पिकप को मकान के दरवाजे से चोरी कर ले जाने वाला अज्ञात चोर पुलिस पकड़ से दूर है जिसकी धरपकड़ हेतु पुलिस ने मुखबिर तंत्र के माध्यम से खोज बीन प्रारम्भ कर दी है।
जिसको कोई अज्ञात चोर चोरी कर के ले गया जिसकी दिन भर तलाश के बावजूद पिकप ना मिलने पर शनिवार की शाम सवा सात बजे नरेंद्र असाटी ने थाना पुलिस में पिकप चोरी हो जाने को रिपोर्ट लिखाई जिस पर थाना प्रभारी जीतेन्द्र वर्मा ने अज्ञात चोर के विरुद्ध वाहन चोरी का प्रकरण कायम कर पिकप बरामद करने हेतु दो टीम गठित कर एस आई वीरेंद्र सिंह फरहा खान ए एस आई मनीराम गोंड़ अरुण पुरोहित बी एस घोष प्रधान आरक्षक राजेन्द्र सिंह बुंदेला आरक्षक गजराज सिंह शंकर यादव निशांत सिंह बाला दीन पाल वीरेंद्र साहू के साथ थाना क्षेत्र तथा आसपास के थाना क्षेत्रो की सड़क मार्गो की सर्चिंग करते हुए रविवार की सुबह आठ बजे गुलगंज थाना क्षेत्र के गुलगंज डिकोली मार्ग पर उक्त पिकप को लावारिश हालत में खड़े हुए बरामद कर लिया हालाँकि उक्त पिकप को मकान के दरवाजे से चोरी कर ले जाने वाला अज्ञात चोर पुलिस पकड़ से दूर है जिसकी धरपकड़ हेतु पुलिस ने मुखबिर तंत्र के माध्यम से खोज बीन प्रारम्भ कर दी है।
Friday, January 19, 2018
CHHATARPUR-चोरी की 5 बाइक,कट्टा कारतूस के साथ,2 आरोपी गिरफ्तार
विक्रम सिंह परिहार/छतरपुर।मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाँथ लगी है,सिटी कोतवाली में पदस्थ टीआई के.के. खनेजा ने दो इनामी बदमासो को पकड़कर इनके कब्जे से चोरी के 5 बहन वाहन एवं कट्टा कारतूस जप्त किये हैं,ये चोर बहुत शातिर थे,जो प्रदेश भर में चोरी की बारदातों को अंजाम देते थे।
इन आरोपियों की पुलिस को लब्बे समय से तलाश थी लेकिन सफलता का जेहरा टीआई कोतवाली के सर बंधा
मिली जानकरी के अनुसार पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली की इनामी बदमाश कुंजी पटेल एवं सोनू ठाकुर महोबा रोड की तरफ जा रहे है इस सूचना पर टीआई कोतवाली ने अपने स्टाफ के सहयोग से घेरा बंधी कर उन्हें दबोच लिया पुलिस पूछतांचात के दौरान उन्होंने चोरी के 5 वाहनों का राज उगल दिया चोरो के बताये अनुसार पुलिस ने 5 बाहन जप्त कर लिए हैं और उनके कब्जे से कट्टा कारतूस भी बरामद हुआ है।
दस हजार का इनामी हैं कुंजी पटेल
पुलिस के हाँथ लगे कुंजी पटेल एवं सोनू ठाकुर शातिर बदमाश हैं कुंजी पर पूर्व पुलिस अधीक्षक द्वारा दस हजार का इनाम घोसित किया गया था छतरपुर,टीकमगढ़,महोबा,पन्ना,दमोह,जबलपुर सहित अन्य जिलों की पुलिस को थी इन दोनों की तलाश ईशानगर थाने में भी इनके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है।
इन आरोपियों की पुलिस को लब्बे समय से तलाश थी लेकिन सफलता का जेहरा टीआई कोतवाली के सर बंधा
मिली जानकरी के अनुसार पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली की इनामी बदमाश कुंजी पटेल एवं सोनू ठाकुर महोबा रोड की तरफ जा रहे है इस सूचना पर टीआई कोतवाली ने अपने स्टाफ के सहयोग से घेरा बंधी कर उन्हें दबोच लिया पुलिस पूछतांचात के दौरान उन्होंने चोरी के 5 वाहनों का राज उगल दिया चोरो के बताये अनुसार पुलिस ने 5 बाहन जप्त कर लिए हैं और उनके कब्जे से कट्टा कारतूस भी बरामद हुआ है।
दस हजार का इनामी हैं कुंजी पटेल
पुलिस के हाँथ लगे कुंजी पटेल एवं सोनू ठाकुर शातिर बदमाश हैं कुंजी पर पूर्व पुलिस अधीक्षक द्वारा दस हजार का इनाम घोसित किया गया था छतरपुर,टीकमगढ़,महोबा,पन्ना,दमोह,जबलपुर सहित अन्य जिलों की पुलिस को थी इन दोनों की तलाश ईशानगर थाने में भी इनके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है।
Thursday, January 18, 2018
छोटा हाथी की टक्कर से बाइक सवार घायल
नरेन्द्र दीक्षित/बड़ामलहरा- गुलगंज पुलिस थाना क्षेत्र के ग्राम गढ़ा क्रेसर के पास छोटा हाथी की टक्कर से दो लोग गम्भीर रूप से घायल हो गये । जानकारी के मुताबिक सुबह साढ़े ग्यारह बजे बरद्वाहा निवासी जानू पिता बंदु लाल रैकवार अट्ठाइस वर्षीय अपने ससुर रामप्रसाद पिता बब्बू रैकवार पैंतालीस वर्षीय निवासी बमनोरा का बिजावर से इलाज करा कर डीलक्स मोटर साईकल से वापिस गाँव बरद्वाहा जा रहा था तभी गढ़ा गाँव के क्रेसर के पास गढ़ा गाँव की ओर से आ रहे छोटा हाथी ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी और मौके से चालक वाहन लेकर भाग गया उक्त टक्कर से बाइक सवार गिर गए और दोनों के पैर टूट गए घटना की सूचना मिलने पर दोनों घायलो को पुलिस 100 डॉयल वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ामलहरा लाया गया जहाँ डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार कर जिला अस्पताल रिफर कर दिया ।
Monday, January 15, 2018
TIKAMGARH/महिला को सम्मोहित कर लुटे जेवरात,2 बदमाशों ने दिया घटना को अंजाम
एम.ए.खान/टीकमगढ़।से महिला के कीमती गहने लूटने की खबर आ रही है,लूट का शिकार हुई महिला एक बैंक कर्मचारी की पत्नी है, जिसका पति मुकेश कोरी भारतीय स्टेट बैंक में फील्ड ऑफिसर के पद पर दमोह में नियुक्त है, जिनका हाल ही में अपने गृह जिले टीकमगढ़ स्थानांतरण हुआ है। जानकारी के अनुसार महिला अपनी भतीजी के साथ मकर संक्रांति के त्यौहार की खरीदारी करने पैदल ही बाजार जा रही थी तभी रास्ते मे भिकछुक का भेश बनाकर आये दो मदमाशों ने महिला से भीख मांगने के लिए कमण्डल महिला आमने किया,कमण्डल महिला के सामने आते ही महिला पूरी तरह सम्मोहित हो गई और आरोपियों ने महिला से एक-एक कर सभी गहने निकलवा कर आरोपी भाग निकले।
गहनों की कीमत करीब दो लाख रुपये आंकी जा रही है, महिला ज्योति पति मुकेश कोरी टीकमगढ़ के मोहनगढ़ कस्बे में रहती है,और अपनी भतीजी के साथ बाजार जाते समय लूट का शिकार हो गई,महिला के साथ चल रही उसकी भतीजी ने महिला को समझाने की कोशिश की लेकिन जबतक महिला सही हो पाती उससे पहले ही आरोपी वहां से जा चुके थे। इतना सब कुछ होने के बाद महिला रास्ते रोटी बिलखती मोहनगढ़ पुलिस थाने पहुचीं,और पुलिस को अपनी आप बीती सुनाई,अब पुलिस इसे हकीकत समझ रही है या अंधविश्वास ये तो पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ठ हो पायेगा,खबर लिखे जाने तक पुलिस ने महिला के बताए अनुसार अज्ञात आरोपियों पर लूट का मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों की तलाश आरंभ करदी है।
DAMOH/दो गुटों में खूनी संघर्ष,आधा दर्जन से अधिक घायल,3 की हालत गंभीर
नरेश मिश्रा/दमोह। जिले के हटा कस्बे के मड़ियादो थाना क्षेत्र अंतर्गत आने बाले देवलाई गांव में आपसी रंजिश के चलते गुर्जर समाज के दो पक्षों में विवाद हो गया, विवाद इतना बढ़ा की एक पक्ष के करीब दर्जन भर लोगो ने लाठी डंडो से दूसरे पक्ष के 6 लोगो को लहूलुहान कर दिया,घटना के बाद सभी घायलों को मड़ियादो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जंहा से 3 लोगों को गम्भीर स्थिति में इलाज के लिये हटा रेफर किया गया है।
बताया जा रहा है देवलाइ निवासी हरेंद्र पिता गोविंद 30 वर्ष,नरेंद्र पिता गोविंद 29,सुरेंद्र पिता गोविंद 29,गोविंद पिता छोटेलाल गुर्जर 58,धर्मेंद्र पिता अनरत गुर्जर पर दूसरे पक्ष के भगवानदास पिता हल्लू 32,अशोक पिता हल्लू 35, आशीष पिता नत्थू गुर्जर आदि सहित कुछ अज्ञात लोगों ने देवलाइ ग्राम के एक खेत में मौका पाकर हमला कर दिया इस पूरे मामले घायलों का इलाज हटा स्वस्थ्य के में जारी है साथ 3 घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला चिकित्सालय रेफर किया गया है।मड़ियादो पुलिस ने मामले की जांच शुरूं कर हमलावर आरोपियों की सरगहमी से तलाश शुरूं कर दी है।
बताया जा रहा है देवलाइ निवासी हरेंद्र पिता गोविंद 30 वर्ष,नरेंद्र पिता गोविंद 29,सुरेंद्र पिता गोविंद 29,गोविंद पिता छोटेलाल गुर्जर 58,धर्मेंद्र पिता अनरत गुर्जर पर दूसरे पक्ष के भगवानदास पिता हल्लू 32,अशोक पिता हल्लू 35, आशीष पिता नत्थू गुर्जर आदि सहित कुछ अज्ञात लोगों ने देवलाइ ग्राम के एक खेत में मौका पाकर हमला कर दिया इस पूरे मामले घायलों का इलाज हटा स्वस्थ्य के में जारी है साथ 3 घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला चिकित्सालय रेफर किया गया है।मड़ियादो पुलिस ने मामले की जांच शुरूं कर हमलावर आरोपियों की सरगहमी से तलाश शुरूं कर दी है।
Sunday, January 14, 2018
जुआ खेलते 14 जुआरी पकड़े, देर रात दमोह स्पेशल टीम ने की कार्रवाई,लाखों रुपये जप्त
दमोह/ जिले के देहात थाना अंतर्गत नरसिहगढ़ में संचालित हो रहे जुआ फड़ पर दमोह स्पेशल टीम ने देर रात दविश देकर जुआ खेल रहे 14 जुआरियों गिरफ्तार किया है,पुलिस ने जुआरियों से लाखों रुपये नगद भी जब्त किए हैं/ पूरे मामले में चौकादेने बाली बात ये रही कि नरसिहगढ़ चौकी पुलिस को इतनी बड़ी कार्रवाई होने की भनक भी नही लगी।जिससे ये बात सिद्ध हो रही कि कहीं न कहीं चौकी पुलिस की मेहरबानी जुआ संचालक पर बनी हुई थी।
दमोह पुलिस अधीक्षक विवेक अग्रवाल के निर्देश पर बनाई गई स्पेशल टीम ने बहुत ही तारीफे काबिल कार्य को अंजाम दिया है/इस टीम में जबलपुर नाका चौकी पुलिस की मुख्य भूमिका रही।
जानकारी के अनुसार नरसिंहगढ़ के यादव कॉलोनी में चल रहे जुए फड़ पर मार कार्रवाई में 14 आरोपियों से एक लाख पचास हजार सात सौ साठ रुपय, 52 ताश के पत्ते, 3 चार पहिया वाहन,13 मोबाइल फोन जप्त कर जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई को गई है।इस छापा मार कार्रवाई में जबलपुर नाका चौकी प्रभारी विनोद शंकर यादव,एएसआई एलपी तिवारी, प्रधान आरक्षक बीडी दाहिया, आरक्षक राजकुमार बिदौल्या, आरक्षक रामगोपाल, सहित रक्षित केंद्र के चार आरक्षकों की सहायता से लाखों रुपए का जुआ पकड़ने में पुलिस को सफलता मिली है।
Monday, November 20, 2017
राम रहीम का राजदार पवन इंसा अरेस्ट, पंचकूला हिंसा में थी भूमिका
पंचकूला हिंसा के बाद 85 दिनों तक पुलिस की आंख में धूल झोंकने में कामयाब रहा डेरा सच्चा सौदा का प्रवक्ता और गुरमीत राम रहीम का खास राजदार पवन सोमवार शाम को आखिर हरियाणा पुलिस की एसआईटी के हाथ चढ़ गया.
जिस वक्त पवन इंसा को गिरफ्तार किया गया वह चंडीगढ़ के करीब लालड़ू नामक जगह से बस पकड़ कर जीरकपुर के बलटाना के किए रवाना हो रहा था. बलटाना में उसकी बहन रहती है. उसे लालड़ू के बस अड्डे से गिरफ्तार किया गया.
पवन इंसा पंचकूला हिंसा में शामिल डेरा के 43 मोस्ट वांटेड लोगों में से एक है जो हिंसा के बाद फरार हो गया था. सूत्रों की मानें तो वह कई दिनों तक डेरा के प्रवक्ता डॉ आदित्य इंसान के साथ रहा. शुरुआती पुलिस पूछताछ में उसने कुबूल किया है कि उसने अपनी फरारी के ज्यादातर दिन उत्तर प्रदेश में काटे.
पवन इंसा की गिरफ्तारी के बाद अब गुरमीत राम रहीम के दूसरे सबसे बड़े राजदार डॉक्टर आदित्य इंसा की गिरफ्तारी में मदद मिल सकती है. पवन इंसा को मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा. पुलिस उससे पूछताछ करने के लिए कोर्ट से पुलिस रिमांड की मांग करेगी. पवन इंसा के खिलाफ पंचकूला के सेक्टर 5 में देशद्रोह और दूसरी धाराओं के तहत 28 अगस्त को मुकदमा दर्ज किया गया था.
Saturday, November 18, 2017
सामने आया डॉक्टर का घिनौना रूप, नाबालिक बहनों का करता था यौन शोषण
पेशे से तो डॉक्टर लेकिन, ज़हनी तौर पर मानसिक रोगी. नाबालिग लड़कियों के साथ छेड़छाड़ उसे चरम सुख देती थी. अपनी करतूत को समाज की नजरों से बचाकर शौक को पूरा करने के लिए सरकारी अस्पताल में तैनात डॉक्टर ने एक अनोखा उपाय निकाला. उसने दो नाबालिग बहनों को घरेलू कामकाज के बहाने अपने घर में ही रख लिया.
उसका रास्ता साफ हो गया था. वो नाबालिग बहनों को बाथरूम खोलकर नहाने को कहता था, ऐसा करने से मना करने पर मारता-पीटता था, और तो और वो बेटी समान दोनों लड़कियों के साथ कुछ ऐसा भी करता था जिससे उनकी आत्मा घायल हो जाया करती थी. मामला झारखण्ड और उत्तराखण्ड दोनों ही राज्यों से जुड़ा हुआ है.
झारखण्ड के खूंटी जिले के बरिगडा की दो नाबालिग बहनों को उत्तराखण्ड के टिहरी के सरकारी अस्पताल में तैनात एक सरकारी डॉक्टर ललित जैन ने अपने घर में घरेलू कामकाज के लिए रखा. इसी साल जून के महीने में छोटी बहन डॉक्टर के घर से भाग गयी. जब उसने पुलिस और बाल कल्याण समिति को आपबीती बताई तो सभी दंग रह गये. उसके बयान के आधार पर उसकी बड़ी बहन को भी डॉक्टर के घर से छुड़ाया गय़ा. बड़ी बहन ने भी वही कहा जिसके बारे में उसकी छोटी बहन बोल रही थी.
अब शुरु हुई पुलिसिया कार्रवाई और यहीं से शुरु हुआ दोनों बहनों पर जुल्म की एक और दास्तान. पुलिस ने तो डॉक्टर के लगभग सारे गुनाह माफ कर दिये. तभी तो इतनी घिनौनी हरकत के बावजूद उसके खिलाफ ना तो पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया गया और ना ही मानव तस्करी की धाराओं में. लेकिन, न्यूज़ 18 इस पूरी साजिश से पर्दा उठा रहा है.
दोनों बहनों का वो वीडियो बयान हाथ लगा है, जिसमें उन्होंने बाल कल्याण समिति के सामने डॉक्टर की पूरी करतूत का बयान किया है. दोनों लड़कियों को ये कहते हुए सुना जा सकता है कि किस तरह डॉक्टर उनका यौन शोषण करता था. इतना ही नहीं छोटी बहन ने ये भी खुलासा किया है कि किस तरह उनके दिये बयान को पुलिस ने डॉक्टर अंकल के दबाव में बदल दिया.
इस मामले में जब समाज कल्याण विभाग के अफसरों से संपर्क किया तो अपर सचिव डॉ. रामविलास यादव ने राजकीय बालिका निकेतन जाकर दोनों बहनों से बात की. रामविलास यादव ने न्यूज 18 को बताया कि दोनों बहनों ने डॉक्टर दम्पत्ति द्वारा किये गये यौन शोषण की पूरी कहानी उन्हें सुनाई है. यादव ने ये भी कहा कि पहली नजर में ये साफ है कि टिहरी पुलिस ने इस मामले में गंभीर धाराओं में डॉक्टर दम्पत्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया है.
बता दें कि इतने घिनौने करतूत के बावजूद डॉक्टर दम्पत्ति आज तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं क्योंकि उत्तराखण्ड पुलिस ने उनके खिलाफ न तो पॉक्सो एक्ट में और ना ही मानव तस्करी की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है. अब उत्तराखण्ड शासन के अधिकारियों द्वारा इस मामले में गंभीरता दिखाये जाने के बाद ये उम्मीद बंधी है कि डॉक्टर दम्पत्ति के खिलाफ ठोस कार्रवाई होगी.
उत्तराखण्ड और झारखण्ड पुलिस की इस मामले में एक और लापरवाही सामने आयी है. दोनों ही राज्यों की पुलिस के द्वारा अब तक ऐसा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है जिससे इन दोनों बहनों को अपने घर पहुंचाया जा सके.
Sunday, November 12, 2017
CBI जांच में खुलासा: प्रद्युम्न मर्डर केस में पुलिस ने की सबूत मिटाने की कोशिश
गुरुग्राम के रेयान स्कूल में हुए प्रद्युम्न मर्डर केस की जांच के दौरान गुरुग्राम पुलिस ने कई सबूतों को मिटाने की कोशिश की थी. इसके बाद बिना पुख्ता आधार बस कंडक्टर अशोक कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया था. यह खुलासा सीबीआई सूत्रों के जरिए हुआ है. इस मामले में 11वीं के छात्र की गिरफ्तारी के बाद से ही पुलिस जांच पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई जांच के दौरान खुलासा हुआ है कि गुरुग्राम पुलिस ने जानबूझकर कई सबूतों को नजरअंदाज करते हुए मिटाने की कोशिश की थी. इसके बाद बस कंडक्टर को दोषी ठहराने के लिए कहानी और सबूत तैयार करने की कोशिश की. शक के घेरे में आए पुलिसकर्मियों के कॉल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है. विभागीय जांच की सिफारिश की गई है.
इससे पहले खुलासा हुआ था कि हरियाणा पुलिस ने बस कंडक्टर अशोक कुमार को जुर्म कबूल करने के लिए मजबूर किया था. यहां तक कि अशोक कुमार से सादे कागज पर दस्तख्त भी ले लिए गए थे. उसने दबाव में आकर मीडिया में कहा था कि उसने प्रद्युम्न की हत्या की है. इस खुलासे के बाद से कई पुलिसकर्मी जांच के घेरे में आ गए हैं.
उधर, हरियाणा के डीजीपी ने कहा था कि प्रद्युम्न मर्डर केस में हुई पुलिस जांच में कोई खामी नहीं है. हमने पूरी प्रामाणिक जांच करने के बाद ही केस सीबीआई को सौंपा था. किसी अफसर के मिलीभगत के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि ऐसी कोई बात सामने आती है या किसी ने कोताही की है, तो रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.
सीबीआई ने आरोपी छात्र से हत्या करने के लिए इस्तेमाल में लाया गया एक चाकू बरामद किया है. ऐसे में सवाल उठता है कि पुलिस ने बस कंडक्टर से जो चाकू बरामद किया था, वो कहां से आया था. इस सवाल पर डीजीपी बीएस संधू के पास कोई ठोस जवाब नहीं था. उन्होंने कहा उस वक्त जो जांच में मिला था, उसके आधार पर कार्रवाही की गई थी.
बताते चलें कि सीबीआई ने हरियाणा पुलिस की थ्योरी को पलटते हुए रेयान स्कूल के ही 11वीं छात्र को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था. सीबीआई की थ्योरी गुरुग्राम पुलिस की थ्योरी से पूरी तरह अलग है. इसमें प्रद्युम्न ठाकुर के हत्या का आरोपी 11वीं के एक छात्र को बताया गया है, जिसने स्कूल बंद कराने के लिए इस हत्याकांड को अंजाम दिया है.
पुलिस की थ्योरी:
- बस कंडक्टर अशोक कुमार ने की प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या
- अशोक ने बस के टूल बॉक्स में रखे चाकू से की हत्या
- प्रद्युम्न ठाकुर ने बस कंडक्टर को टॉयलेट में गलत काम करते देखा
- बस कंडक्टर ने प्रद्युम्न के साथ यौन शोषण की कोशिश की थी, लेकिन सफल नहीं रहा
सीबीआई की थ्योरी:
- रेयान इंटरनेशनल स्कूल के 11वीं के छात्र ने की प्रद्युम्न की हत्या
- आरोपी छात्र ने एक दिन पहले बाजार से खरीदे चाकू से की हत्या
- आरोपी छात्र स्कूल में छुट्टी कराकर परीक्षा और पीटीएम टालना चाहता था
- छात्र ने प्रद्युम्न का यौन शोषण नहीं किया था
Tuesday, September 26, 2017
BHU विवाद: VC त्रिपाठी से छीने गए सारे अधिकार, चीफ प्रॉक्टर ने दिया इस्तीफा
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में छात्राओं पर लाठीचार्ज मामले में वाइस चांसलर गिरीश चंद्र त्रिपाठी पर गाज गिरी है. सूत्रों के अनुसार उनके सारे अधिकार अग्रिम आदेश तक सीज कर दिए गए हैं. वहीं विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर ओंकारनाथ सिंह ने इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद इस्तीफे की पेशकश की है.
गिरीश चंद्र त्रिपाठी 26 नवंबर को विश्वविद्यालय के कुलपति पद से रिटायर हो रहे हैं. ऐसे में सूत्रों ने बताया कि वह फिलहाल अपने पद पर बने रहेंगे. दरअसल मंगलवार को कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपी, जिसमें इस पूरे मामले में उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया. कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने कुलपति को तत्काल हटाने की मांग की है.
वाराणसी के कमिश्नर नितिन गोकर्ण ने मुख्य सचिव राजीव कुमार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी. रिपोर्ट में उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रशासन को दोषी ठहराया है. इस बीच बीएयचू प्रशासन ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने का फैसला किया है.
शासन से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, गोकर्ण ने अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव को भेज दी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि बीएचयू प्रशासन ने पीड़िता की शिकायत पर संवेदनशील तरीके से गौर नहीं किया और वक्त रहते इसका समाधान नहीं किया गया. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर वक्त रहते इस मामले को सुलझा लिया गया होता, तो इतना बड़ा विवाद खड़ा नहीं होता.
इस बीच, कुलपति गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने अपने बचाव में कहा कि कार्रवाई उन लोगों पर की गई, जो विश्वविद्यालय की संपत्ति को आग लगा रहे थे. उन्होंने एक समाचार चैनल से बातचीत में छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज और परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने की बात को झुठलाते कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे को प्रभावित करने के लिए 'बाहरी तत्वों' ने कैम्पस का माहौल बिगाड़ा.
उन्होंने कहा कि कुछ लोग कैम्पस में पेट्रोल बम फेंक रहे थे, पत्थरबाजी कर रहे थे. किसी भी छात्रा पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. कार्रवाई का एक भी प्रमाण नहीं है. कुलपति ने कहा, "23 सितंबर की रात लगभग 8.30 बजे जब मैं छात्राओं से मिलने त्रिवेणी छात्रावास जा रहा था, उस समय अराजक तत्वों ने मुझे रोककर आगजनी और पत्थरबाजी शुरू कर दी."
कुलपति ने कहा कि पीड़ित छात्रा और उसकी सहेलियों के साथ उन्होंने दो बार मुलाकात की. छात्राओं ने उन्हें बताया था कि धरने का संचालन खतरनाक किस्म के अपरिचित लोग कर रहे हैं. उन लोगों ने पीड़ित छात्रा को धरना स्थल पर बंधक बनाकर जबरन बिठाए रखा था. पुलिस ने ऐसे तत्वों को कैम्पस से बाहर करने के लिए ही बल प्रयोग किया.
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