DO NOT MISS
Showing posts with label लाइफस्टाइल. Show all posts
Showing posts with label लाइफस्टाइल. Show all posts

Tuesday, January 30, 2018

लाइफ़ कोच: ख़ुद को कोसने वालों का साथ बर्फ की सिल्ली पर लेटने से कम नहीं


बागवानी का बेहद शौक होने के बावजूद उसने कभी कोई पौधा खुद अपने हाथों से नहीं रोपा. वक्त की कमी नहीं. हर शाम दफ्तर के बाद घंटाभर माली को निर्देश देने में बीतता है. वो बताता है कि किस पेड़ की बाड़ अब काट दी जानी चाहिए. किस पौधे को कांट-छांट की जरूरत है. किसे थोड़े दिनों के लिए औरों के हिस्से की भी धूप चाहिए.

शहर के व्यस्ततम इलाके में घर होने के बावजूद उसके बागीचे की पत्तियों पर धूल की झीनी परत भी नहीं जमने पाती. पौधों में अंकुर फूटने के बाद वो उन्हें किसी बच्चे-का-सा दुलराता है. वो खुद पौधे नहीं लगाता क्योंकि उसे डर है कि उसके लगाए पौधे सूख जाएंगे. 

पता नहीं बचपन के किस कोने की ये याद अब भी उसके मन में उतनी ही जिंदा है. शौक से उसने कोई पौधा लगाया और हर दिन उछाह से आंगन में देखता कि उसके रोपे पौधे में जान आई या नहीं. पौधा अपने मरने के साथ उसके मन में ये डर रोप गया कि उसके हाथों लगाए पौधे नहीं जीते. आप या आपके आसपास भी ऐसा कोई जरूर होगा, जो कोई काम करने से महज इसलिए कतराता होगा कि उसके हाथों चीजें नहीं फलतीं. या फिर बिल्ली के रास्ता काटने पर तंज से ये कहने वाले भी दीख पड़ते हैं कि आज बिल्ली का दिन खराब है.

मजाक में कही जाने के बावजूद ये बातें बताती हैं कि कहने वाले के दिल में कहीं न कहीं कुछ बहुत गहरे धंसा हुआ है. इससे निजात पाने की जगह लोग अक्सर इसे अपने सेंस ऑफ ह्यूमर का हिस्सा मान लेते हैं. जाने-अनजाने खुद को कोसते रहते हैं. ऐसे लोगों का साथ भी किसी यंत्रणा से कम नहीं होता.
ऐसे ही एक इंसान से एक बार मेरा भी साबका पड़ा. जब भी वो खुद किसी बात पर उसके 'पैमाने' के हिसाब से ज्यादा गहरी सांस ले लेता, तुरंत कह पड़ता- आज का दिन खराब जाने वाला है, ऐसा मेरे साथ हमेशा होता है कि जब मेरी सांसें गहरी होती हैं, दिन बिगड़ जाता है. खुद को कोसने वाली बातों की उसके पास भरमार थी.

बौद्धिक रूप से बेहद समृद्ध और हंसोड़ होने के बावजूद उसके साथ बिताया सारा वक्त मेरे लिए बर्फ की सिल्ली वाले टार्चर से कम नहीं था. कहना न होगा, फिर मैंने उसके साथ वक्त बिताने का हर मौका भरपूर टाला.

क्या आप भी ऐसे किसी इंसान को जानते हैं जो बात-बात पर खुद पर ही तंज कसता है, वो भी ऐसी बातों के लिए जो उसके बस में नहीं. आत्मदया की ये भी एक अलग किस्म है. इसका मरीज अक्सर बचपन में घटी किसी घटना के कारण इस हद तक परेशान हो जाता है कि उसे अपनी जिंदगी की हकीकत मान बैठता है.

हमारे देश के कुछ हिस्सों में इसके लिए बाकायदा एक शब्द भी इजाद किया गया है- पनौती. फलां इंसान फलां चीज़ के लिए पनौती है. कई लोग खुद को ही पनौती मानते हुए कोसते रहते हैं.

खुद को औरों से अलग मानना अच्छा है लेकिन इस अलग होने के लिए आत्मदया कतई अच्छी नहीं. पनौती जैसे किसी मिथक से बाहर निकलकर देखें. उसके हाथों लगाए पौधे मर जाते तो उसका बगीचा कभी इतना फलता-फूलता नहीं. जैसे आपको बिल्ली के रास्ता काटने से कोई फर्क नहीं पड़ता, वैसे ही बिल्ली को आपकी अच्छी-खराब किस्मत से कोई सरोकार नहीं. उस पौधे को मुरझाए काफी वक्त बीता, अब एक पौधा लगाकर देखें.

Saturday, January 13, 2018

जिंदगी को दें सकारात्मकता का तोहफा


सकारात्मक- एक भाव जिसे पाने के लिए लोग कितने जतन करते हैं. सकारात्मकता का महत्व जीवन में रिश्ते निभाने से लेकर अपने भविष्य को संवारने तक हर चीज में है. इसलिए जीवन के हर मोड़ पर इसका महत्व बढ़ जाता है. सही मायने मे सकारात्मकता का मतलब है हर परिस्थिति मे एक सुनहरी किरण देखना. किसी भी घटना का वो भाग देखना जो कि आपको उसके होने का मर्म समझाए.

हम अक्सर ऐसे लोग रहते हैं जो कि हर वक्त खुश ही रहते हैं, वहीं कुछ ऐसे भी होते हैं जो हर समय किसी न किसी चिंता में डूबे रहते हैं.  तो क्या राज है इसका ? क्या उन्हे सब कुछ मिल चुका है और इसलिए वे खुश है या फिर उन्हे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता, वे पर चीज में कुछ अच्छा ढूंढ ही लेते है.

तो आइए आपको बताते है इस जादू को कैसे चलाया जाए कि आपकी हंसी आपके चेहरे से कभी अलग न हो.

हर घटना के पीछे कारण
एक बात जान लें कि जो भी होता है उसके पीछे एक कारण जरूर होता है. हो सकता है कि तब आप उससे सहमत न हो लेकिन कभी न कभी आपको उस घटना की मर्म जरूर समझ आता है. इसे ऐसे समझ सकते है कि आप चढ़ाई चढ रहे हैं तो आपको ठीक से रास्ता नहीं दिखेगा. वहीं जब आप सभी मुश्किलों से निकलकर ऊंचाई पर पहुंच जाते हैं तो आपको रास्ता साफ नजर आने लगता है.

Sunday, November 12, 2017

जावेद अख्तर ने 'पद्मावती' की कहानी को बताया नकली !


मशहूर गीतकार और शायर जावेद अख्तर 'पद्मावती' की कहानी को ऐतिहासिक नहीं मानते. उन्होंने कहा कि इसकी कहानी उतनी ही नकली है, जितनी सलीम अनारकली की. इसका इतिहास में कहीं भी उल्लेख नहीं है. उन्होंने सलाह दी है कि अगर लोगों को वाकई इतिहास में अधिक रुचि ही है, तो इन फिल्मों की बजाए गंभीर किताबों से समझाना चाहिए.

जावेद साहब ने साहित्य 'आज तक' के लंबे सेशन में ये बातें कहीं. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "मैं इतिहासकार तो हूं नहीं, मैं तो जो मान्य इतिहासकार हैं उनको पढ़कर आपको ये बात बता सकता हूं."

एक टीवी डिबेट का हवाला देते हुए जावेद अखतर ने कहा, "टीवी पर इतिहास के एक प्रोफेसर को सुन रहा था. वो बता रहे थे कि 'पद्मावती' की रचना और अलाउद्दीन खिलजी के समय में काफी फर्फ था. जायसी ने जिस वक्त इसे लिखा और खिलजी के शासनकाल में करीब 200 से 250 साल का फर्क था. इतने साल में जब तक कि जायसी ने पद्मावती नहीं लिखी, कहीं रानी पद्मावती का जिक्र ही नहीं है."

जावेद अख्तर ने कहा, 'उस दौर (अलाउद्दीन के) में इतिहास बहुत लिखा गया. उस जमाने के सारे रिकॉर्ड भी मौजूद हैं, लेकिन कहीं पद्मावती का नाम नहीं है. अब मिसाल के तौर पर जोधा-अकबर पिक्चर बन गई. जोधाबाई 'मुगल-ए-आजम' में भी थीं. तथ्य है कि जोधाबाई, अकबर की पत्नी नहीं थी, अब वो किस्सा महशूर हो गया. मगर हकीकत में अकबर की पत्नी का नाम जोधाबाई नहीं था, कहानियां बन जाती हैं उसमें क्या है.'
नई पीढ़ी को इतिहास की सलाह देते हुए जावेद साहब ने कहा, "फिल्मों को इतिहास मत समझिए और इतिहास को भी फिल्म से मत समझिए. हां, आप गौर से फिल्में देखिए और आनंद लिजिए, इतिहास में रुचि है, तो गंभीरता से इतिहास पढ़िए, तमाम इतिहासकार हैं उन्हें आप पढ़ सकते हैं."

Friday, November 3, 2017

लव बर्ड्स के चक्कर में क्यों ट्रोल हुईं तापसी पन्नू?


'ट्रोल' ऐसा शब्द बन गया है कि आप इससे जुड़ी एक या दो खबरें रोज सुन ही लेते हैं. बॉलीवुड स्टार्स हो या पॉलिटिशियन या फिर कोई फेमस पर्सनैलिटी. कोई भी ट्रोल हो सकता है. वैसे इस मामले में एक्ट्रेसेज पर ज्यादा अटैक होता है. चाहे वो अपने फोटोशूट की तस्वीरें शेयर करें या अपने घर की. ट्रोलर्स उन्हें गालियां देने का मौका ढूंढ ही लेते हैं.

ऐसा ही मौका 'जुड़वां 2' की हीरोइन तापसी पन्नू को देखने को मिला. दरअसल तापसी ने अपने इंस्टाग्राम अकॉउंट पर पक्षियों की फोटो शेयर की थी. पिंजरे में बंद ये पक्षी एक दूसरे के साथ प्रेम भाव से बैठे नजर आ रहे हैं.

फोटो को कैप्शन देते हुए तापसी ने लिखा, ' इनसे सीखें प्यार करना.'
लेकिन उनके फैंस को पिंजरे में बंद पक्षी पसंद नहीं आए. और उन्हें 'पिंक' मूवी का हवाला देते हुए खरी खोटी सुनाना शुरू कर दी.

एक यूजर ने कमेंट किया, 'आजादी और नारीवाद की बात करने वाली आपके जैसी एक्ट्रेस के लिए पक्षियों को यूं कैद करके रखना सही नहीं है.'

वहीं एक दूसरे यूजर ने उन्हें कहा कि पहले इन पक्षियों को आजाद करें. और फिर सीखें कि कैसे प्यार करते हैं.

वैसे ऐसा पहली बार नहीं है कि किसी हीरोइन को ऐसे कमेंट्स का सामना करना पड़ रहा है हो. अभी हाल ही में अमीषा पटेल को उम्र के हिसाब से कपड़े पहनने की सलाहें दी गईं थी. दंगल की धाकड़ गर्ल फातिमा शेख को साड़ी वाली तस्वीर पर मजहब की तहजीब सिखाई जा रही थी.

बता दें कि 'पिंक' मूवी के बाद तापसी एक्ट्रेस के तौर पर बॉलीवुड की हंड्रेड करोड़ क्लब हीरोइंस की लिस्ट में नाम दर्ज करवा चुकी हैं. वरुण धवन के साथ आई उनकी फिल्म 'जुड़वां 2' सुपर हिट साबित हुई. इस फिल्म में उनके अलावा जैकलीन भी थीं.

Tuesday, September 26, 2017

पद्मावती में दीपिका के गहनों का वजन सुन हैरान रह जाएंगे आप


दीपिका पादुकोण की फिल्म 'पद्मावती' लंबे समय से सुर्खियों में बनी हुई है. हाल ही में फिल्म के किरदारों के लुक रिवील किए गए. इसके बाद तो फिल्म की रिलीज का इंतजार और बढ़ गया है.

रॉयल लुक में दीपिका इतनी जम रही हैं कि देखने वाले बस देखते रह जाएं. लेकिन इस लुक को कैरी करने वाली दीपिका ही जानती हैं कि इसके लिए उन्होंने कितनी मेहनत की है.

एक वेबसाइट पर छपी खबर की मानें तो इस फिल्म में दीपिका ने 20 किलो के गहने पहने हैं. रानी 'पद्मावती' के गहने ही नहीं उनके कपड़े भी काफी भारी-भरकम हैं. लेकिन फिल्म की कॉस्ट्यूम डिजाइनर रिंपल नरुला का कहना है कि लोग वजन की बात कर रहे हैं. हमने ऐसा कुछ नहीं बनाया जिसे पहनना नामुमकिन हो.
गहनों और कपड़ों के अलावा दीपिका का यूनीब्रो लुक भी काफी चर्चा में है. इससे पहले काजोल, शिल्पा शेट्टी जैसी एक्ट्रेसेज इस लुक में नजर आ चुकी हैं. लेकिन दीपिका ने इस फिल्म के लिए खास तौर पर यह लुक अपनाया. दीपिका से अलग शाहिद का लुक भी बेहतरीन लग रहा है.



Saturday, September 9, 2017

दहेज़प्रथा का समर्थन करता बेटी का पिता


अज़ाद खबर संवाददाता, मंजुल मंजरी ( बिहार )
( दहेज़रोधी विशेषज्ञ )

“मेरी प्यारी गुडिया रानी ...तुझे मैं एक सुन्दर राजकुमार सा दूल्हा लाकर दूंगा ...जो तुझे जीवन भर पलकों पर बिठा कर रखेगा ” ..प्रत्येक  बाप का अपनी बेटी के प्रति किया गया वादा ...जो उसे लालच देता है एक ऐसे सुखद भविष्य को जिसे वर्तमान में संजोये गए सपनों से खरीदा जाना है ...पिता चाहता है की उसकी बेटी की शादी एक ऐसे व्यक्ति से हो जो सफल हो समाज में और ऊँचे रसूख वाला भी हो ...एक पिता की अपनी बेटी के प्रति यह सोच गलत भी नही है ...मगर उसे पता है की बिटिया के लिए ऐसे सुन्दर राजकुमार को ज़िन्दगी में लाने के लिए एक भारी कीमत अदा करनी होगी ...जिसे दहेज़ कहा  जाता है ....
.................................................................................
पिता का यही भावुक लालच वर पक्ष में जाकर पैसे के लालच में तब्दील हो जाता है ...वर का पिता बेटी का पिता का सपना पूरा करने के लिए एक मोती रकम की मांग करता है ..यदि बेटी का पिता सक्षम है तब तो मांग से ज्यादा अदायगी कर दी जाती  है ..लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर पिता अपने बेटी का नया घर सजाने में उसके पुराने घर (मायके ) तक को गिरवी रख देता है ...और एक ऐसा कर्ज़दार बन जाता है ..जिसे चुकाने में उसकी बूढी हड्डियाँ चटक जाती हैं ...फिर भी वर पक्ष की मांग खत्म नही होती ...एक सफल दामाद की चाहत में बेटी का पिता इस दहेज़ रूपी कर्मकांड का मुख्य वाहक बन जाता है ...
.................................................................................
सब जानते हैं की दहेज़ एक कानूनी अपराध है साथ में समाज का गन्दी कुरीति भी ..मगर इसे ख़त्म करने की पहल कोई नही करना चाहता ..क्योंकि लालच सबके अन्दर है ..बेटी के पिता को एक अच्छे वर की और बेटे के पिता को अच्छी रकम की ...दोनों ही समान रूप से इसके अपराधी भी हैं और भुक्तभोगी भी ...आईएस ,डॉक्टर ,इंजिनियर और सरकारी नौकरी में कार्यरत दुल्हों का शादी का रेट क्या है ..ये सभी लोगों को पता है ..यानी हम सब इस वर मंदी के खरीददार भी हैं ..और दुकानदार भी ...
.................................................................................
क्या इस दहेज़ रूपी कुरीति से बेटी का बाप कभी बाहर आ सकता है ...हाँ क्यों ..आ सकता है ..यदि हम अपनी बेटियों को ही आत्मनिर्भर बना दे ..तब ..उन्हें खुद अपनी जीवनसाथी को चुनने में उनकी सहमती देने का अधिकार प्रदान करें ...एक राजकुमार पाने के ख्वाब दिखाने के बजाय उसे शिक्षित कर वास्तविक रूप में आर्थिक आत्मनिर्भर बनाये तब ...हम क्यों नही बेटियों को उसकी शादी के बजाय उसके करियर को तरजीह देते हैं ..आखिर क्यों एक लड़का ही अपनी पत्नी का भरण-पोषण करने के लिए दवाब में रहे ...आप अपनी बेटियों को इतना सशक्त क्यों नही बनाते की कल बेटे का पिता अपने बेटे को यह ख्वाब दिकाए की तुम्हारे लिए एक सफल पत्नी लाकर दूंगा ..जो तुम्हारा हर कदम पर साथ निभाएगी ...आप अपनी लालच को बेटी के सफल करियर के लाच में क्यों तब्दील नही करते ...यदि आपकी बिटिया कमाने और घर चलाने में खुद ही सक्षम होगी ..तो क्या ज़रूरत पड़ेगी महंगा वर खरीदने की ...
.................................................................................याद रखें :-बेटियों को नाज़ुक राजकुमारी न बनाकर पालें ..उन्हें मौक़ा दें एक सफल युवती बनने में ...और सफलता पाने के बाद किसी राजकुमार की नही उसे एक अच्छे जीवनसाथी की जरूरत पड़ेगी ..जो दहेज़ के बगैर भी संभव है ...

Monday, September 4, 2017

बॉलीवुड में बगावत के बाद क्या अपना ताज बचा पाएंगी 'क्वीन' कंगना?


लोगों को हमेशा से बॉलीवुड की गॉसिप में इंटरेस्ट रहा है और जब खुद कोई सितारा अपने अफेयर की बातें बताए तो लोग दम साधे इसे सुनते है. ऐसा होता तो कम है पर इस बार हुआ है. बॉलीवुड की 'क्वीन' कंगना ने ऋतिक रोशन समेत कई लोगों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

कंगना इन दिनों जिसे भी इंटरव्यू दे रही हैं बेबाकी से हर मुद्दे पर अपनी राय देती हैं. चाहे वो करण जौहर हो,ऋतिक हो या फिर आदित्य पंचोली. एक-एक कर कंगना ने सबकी बखिया उधेड़ दी है.

बॉलीवुड में चल रहे भाई-भतिजावाद पर आवाज उठाने वाली कंगना के समर्थन में कम ही लोग आए इसपर उनका कहना है कि बॉलीवुड को कड़वा सच पसंद नहीं आता. हालांकि ये पहली बार नहीं हुआ है.  कंगना ने अपनी फिल्म 'रंगून' प्रमोशन के दौरान भी इस मुद्दे पर खुलकर बात की थी. जिसपर बाद में कंगना की खूब आलोचना भी हुई.

कंगना ने तो अवॉर्ड शो को भी नहीं छोड़ा  उन्होंने कहा कि ये सारे अवॉर्ड शो फर्जी होते हैं इसलिए मैं कभी भी किसी शो में नहीं जाती.
कंगना इतने पर ही नहीं रुकीं, उन्होंने शेखर सुमन और अध्ययन सुमन को भी आड़े हाथों लिया तो अब सवाल ये उठता है कि फिल्म इंडस्ट्री में इतने लोगों को अपने खिलाफ करने वाली कंगना का आगे का सफर कितना मुश्किल होने वाला है!

अब तो ये देखना है कि बॉलीवुड के लिए झांसी की रानी साबित हो रही कंगना को कितने लोगों का सपोर्ट मिलता है क्योंकि इससे पहले ही नेपोटिज्म पर बात करने के बाद IFFA Awards के मंच से सैफ अली खान, वरुण धवन और करण जौहर ने उनका जमकर मजाक उड़ाया था.

कंगना की पिछली फिल्म 'रंगून' बुरी तरह फ्लॉप रही थी ऐसे में अगर 'सिमरन' और 'मणिकार्णिका' ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया तो बॉलीवुड में वो लोगों के निशाने पर आ जाएंगी.

Tuesday, August 8, 2017

जिंदगी को दें सकारात्मकता का तोहफा

सकारात्मक, एक भाव जिसे पाने के लिए लोग कितने जतन करते हैं. सकारात्मकता का महत्व जीवन में रिश्ते निभाने से लेकर अपने भविष्य को संवारने तक हर चीज में है. इसलिए जीवन के हर मोड़ पर इसका महत्व बढ़ जाता है. सही मायने मे सकारात्मकता का मतलब है हर परिस्थिति मे एक सुनहरी किरण देखना. किसी भी घटना का वो भाग देखना जो कि आपको उसके होने का मर्म समझाए.

हम अक्सर ऐसे लोग रहते हैं जो कि हर वक्त खुश ही रहते हैं, वहीं कुछ ऐसे भी होते हैं जो हर समय किसी न किसी चिंता में डूबे रहते हैं.  तो क्या राज है इसका ? क्या उन्हे सब कुछ मिल चुका है और इसलिए वे खुश है या फिर उन्हे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता, वे पर चीज में कुछ अच्छा ढूंढ ही लेते है.

तो आइए आपको बताते है इस जादू को कैसे चलाया जाए कि आपकी हंसी आपके चेहरे से कभी अलग न हो.

हर घटना के पीछे कारण
एक बात जान लें कि जो भी होता है उसके पीछे एक कारण जरूर होता है. हो सकता है कि तब आप उससे सहमत न हो लेकिन कभी न कभी आपको उस घटना की मर्म जरूर समझ आता है. इसे ऐसे समझ सकते है कि आप चढ़ाई चढ रहे हैं तो आपको ठीक से रास्ता नहीं दिखेगा. वहीं जब आप सभी मुश्किलों से निकलकर ऊंचाई पर पहुंच जाते हैं तो आपको रास्ता साफ नजर आने लगता है.

Monday, August 7, 2017

राखी स्‍पेशल: एक खत... मेरे वीर जी के नाम



सुनिए वीर जी, प्यार!

हर साल की तरह इस साल भी मैं आपको राखी बांधूंगी. इस साल भी आपने मेरे लिए कोई खास तोहफा या बहुत सारे पैसे देने का प्लान बनाया होगा. मैं भी आपके लिए रिटर्न गिफ्ट खरीदूंगी. लेकिन इस बार मैं कुछ और भी देना चाहती हूं, उन सारी यादों का पिटारा जो हमने साथ बांटी हैं.

मुझे याद है बचपन में जब मुझे डर लगता था तो वो आप थे जो मेरे सिरहाने बैठकर पूरी रात बिता दिया करते थे. क्लास में कोई लड़का तंग करता था तो अगले दिन उसकी शामत आ जाती थी. जब स्कूल से घर आती थी तो मम्मी नहीं, आप मिलते थे मुझे. खाना खाते हुए हमेशा "एक रोटी और आधी-आधी खाएंगे" कहकर ज्यादा खिला देते थे. मैं कभी दिन में नहीं सोती थी लेकिन आप 5 मिनट आंखें बंद करवाने के बहाने मुझे सुलाकर ही दम लेते थे. फन जोन से लेकर ठेले की चाट तक साथ ही गए हैं हम. आपकी साईकल से लेकर कार तक की पार्टनर रही हूं मैं. घुमक्कड़ की तरह यहां से वहां, "भाई वो कभी नहीं देखा मैंने" बोलकर ले जाती थी आपको. आज जब कोई पूछता है कि मैं रास्ते बताने में इतनी अच्छी कैसे हूं तो कहती हूं कि मेरे भाई ने सिखाया है. लोग कहते है कि कितनी स्ट्रांग हूं मैं, मुझे याद आती है आपकी वो बात "तू गलत नहीं है तो मुंह तोड़ आना, फिर देख लेंगे."

आपके साथ खेलना और घूमना मेरा सबसे अच्छा वक्त होता था, लेकिन जब आपको जॉब के लिए बाहर जाना पड़ा तो वो आसान नहीं था मेरे लिए. कोई अपने ब्रेकअप पर भी इतना परेशान नहीं होता होगा जितना मैं हुई थी. रात को सोते हुए जब नींद टूट जाती थी तो आपसे फोन पर बात करके ही चैन आता था. एक जॉब के बाद दूसरी और ऐसे हमारे बीच डिस्टेंस बढ़ता ही चला गया. लेकिन जब भी मुझे जरूरत थी आप हमेशा वहीं थे. आपने मेरे अच्छे रिजल्ट को सेलिब्रेट किया और बतौर टीवी एंकर मेरे पहले लाइव की टीआरपी करने वाले भी आप ही थे. और तो और मेरे बुरे मार्क्स से लेकर बड़ी गलतियों को भी आप ही ने नजरअंदाज किया.

मैं फीलिंग्स बताने में हमेशा ही फ्लॉप रही हूं और ये भी आप ही से सीखा है. क्योंकि सॉरी बोलना हो या आई लव यू, बस एक-दूसरे को हग कर लेते थे हम. आज भी ज्यादा शब्द नहीं है मेरे पास. बस आपको बताना चाहती हूं कि कितने खास है आप मेरे लिए. आपने मां की तरह पाला है मुझे. सबके लिए उनके पापा हीरो होते हैं, मेरे लिए आप है. कोई पूछता है कि पहला प्यार कौन? तो लड़कों में मुझे सिर्फ आपका ही नाम पता है. मेरे ग्रेजुएट होने से लेकर आज इस मुकाम तक आपने ही मुझे मोटिवेट किया है. किसने सोचा था कि कांच केसामने डायलॉग बोलने वाली लड़की टीवी पर आकर अपना खुद का शॉ होस्ट करेगी. जयपुर जैसे छोटे से शहर से लेकर दिल्ली में अकेले रहने की हिम्मत आप ही से मिली है मुझे. जो अपने मेरे लिए किया उसके लिए थैंक यू तो बहुत छोटा लफ्ज है. और मैं कहूंगी भी नहीं क्योंकि मैं अब भी इन सभी चीजों पर अपना हक चाहती हूं.

हां थोड़ी दूर हो गए हैं हम लेकिन आज भी जो मेरे दिल के सबसे करीब है वो हो आप. और खुशी है मुझे ये कहते हुए कि ये चीज कभी नहीं बदलेगी.

कहने को तो भाई माता-पिता की एक और संतान है लेकिन एक बहन के लिए वो क्या-क्या बन सकता है, ये तो बहन का दिल ही जानता है. आज के समय में जहां जिंदगी की व्यस्तता के चलते पेरेंट्स बच्चों को समय नहीं दे पाते, वहां भाई-बहन उस कमी को बखूबी पूरा कर सकते हैं. इस रक्षा बंधन उन सभी भाईयों से विनती है कि अपनी बहन को उस प्यार का अहसास करवाएं. सपनों की उड़ान हो या घर बसाना, उसे आपसे दूर तो होना ही होगा लेकिन वो अकेली नहीं जाएगी. उसके साथ जाएगी आपकी दी हुई सही-गलत की समझ और मुश्किलों से लड़ने का जज़्बा. और इन सबसे परे आपका प्रेम जो आप दोनों को एक अटूट बंधन में बांधे रखेगा.

Wednesday, August 2, 2017

स्वादिष्ट होने के साथ बीमारियों से भी दूर रखती है इडली

दक्षिण भारतीय डिश इडली खाने में जितनी स्वादिष्ट है उतनी पौष्टिक भी है. यह आसानी से पचने के साथ शरीर के लिए कई प्रकार के विटामिन, प्रोटीन और मिनिरल के मात्रा को संतुलित करती है.

इडली को उड़द की दाल और चावल से तैयार किया जाता है. उड़द दाल में उच्‍च मात्रा में फाइबर, 26 % प्रोटीन, विटामिन बी 1, बी 2, बी 6 और कुछ मात्रा में मिनरल्‍स होते हैं. इसमें हरी मिर्च पड़ती है, जिसमें विटामिन सी, प्रोटीन और मिनरल होते हैं.

करी पत्‍ते की गार्निशिंग की जाती है. शोधकर्ताओं ने इडली व सांभर को पोषक इस आधार पर माना है कि इसमें कार्बोहाइड्रेट, एनर्जी, प्रोटीन, फैट्स और कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों की काफी मात्रा होती है.

Sunday, July 23, 2017

ये इशारे बताते हैं आपके पार्टनर की सच्चाई…



नई दिल्ली: किसी भी तरह के रिश्तों में विश्वास का होना बहुत जरूरी होता है| बिना विश्वास के रिश्ते बोझ की तरह लगने लगते हैं| उनमें तनाव बढ़ जाते हैं, दूरिया बढ़ जाती हैं जो रिश्तों को उनके अंत की ओर अग्रसर करती हैं| अगर आप किसी के साथ प्रेम में हैं तो जो समर्पण और विश्वास आप अपने पार्टनर के प्रति दिखाते हैं, उससे भी आप उसी विश्वास और समर्पण की उम्मीद रखते हैं| ऐसा हो सकता है कि आपका साथी आपसे सच में प्यार करता हो और आपके प्रति अपना लगाव हमेशा प्रकट भी करता हो लेकिन कभी-कभी ऐसा भी होता है जब आपके पार्टनर के बर्ताव में बदलाव आने लगता है| यहीं आपको सतर्क होने की जरुरत होती हो क्योंकि ऐसा भी हो सकता है कि उसे अब आपकी जरूरत न रही हो या फिर वह किसी और से रिश्तों में बंधने की कोशिश में हो|
कुछ प्रेम संबंधों में बात शादी के सवाल पर अटकती है| अगर आपको यह पता करना हो कि आपका पार्टनर आपसे शादी करेगा कि नहीं तो इस सवाल का जवाब उसका बर्ताव आपको इशारे के रूप में दे देता है, बस आपको उसे समझना होता है| अगर आपका पार्टनर आपके शादी के सवाल को हंसकर टाल जाता हो और कोई संतोषजनक जवाब न देता हो तो समझ जाइए वह आपसे शादी करने के बारे में नहीं सोच रहा है| अगर वह कहता हो कि वह शादी में विश्वास नहीं रखता, तब भी उसकी मंशा पर संदेह है| इसके अलावा अगर वह पब्लिकली आपको अपनी गर्लफ्रेंड स्वीकारने में झिझकता हो तो इसका भी मतलब यही है कि वह आपके साथ खुश नहीं है|
शादी की बात पर गुस्सा हो जाना, अपने फ्यूचर के फैसलों में आपको शामिल न करना, आपके फ्यूचर के बारे में कोई सवाल न करना, ये सारी बातें सिद्ध करती हैं कि आप उसके लिए अब उतने महत्वपूर्ण नहीं हो| अगर वह बार-बार यह कहता हो कि उसकी फैमिली आपको अप्रूव नहीं करेगी तब भी उसका इरादा आपसे शादी करने का नहीं है| उसकी बातों में बदलाव आ रहा हो, वह आपसे दूरियां बढ़ाने की कोशिश कर रहा हो तो इसका मतलब भी यही है कि अब आप उससे शादी के सपने देखना छोड़ ही दीजिए| इस तरह के इशारों को समझकर आपको अपने रिश्तों के बारे में उपयुक्त फैसला लेना चाहिए जिससे आपको आगे चलकर भावनात्मक तकलीफों के दौर से न गुजरना पड़े और आपका और समय न बरबाद हो|

Saturday, July 15, 2017

शारीरिक संबंधो की समस्याओं का करती है अंत ये 5 चीजें

शारीरिक संबंधो की समस्याओं से परेशान हो कर बहुत पैसे खर्च कर देते है, और इस चक्कर में शरीर का भी नुकसान होता है। अच्छे शारीरिक संबंध चाहिए तो खाने-पिने पर ध्यान दे। निचे दिए कुछ चीजों के सेवन से आपको जरुर लाभ होगा
1. कद्दू और सरसों के बीज: कद्दू और सरसों के बीज का सेवन करे क्योंकि यह शारीरिक संबंध की छमता को बढ़ाता हैं।
2. मका: मका शारीरिक पावर बढ़ाने के लिए एक उत्तम स्रोत है, इसमें प्रचुर मात्रा में विटमिन बी होता है।
3. केला: केला उर्जा का एक अच्छा स्रोत माना जाता है और इसमें विटमिन बी की अच्छी-खासी मात्रा होती है।
4. ड्राई फ्रूट्स: ड्राई फ्रूट्स खाने से भी आपकी बेड लाइफ में चुस्ती-स्फूर्ति आती है।
5. अजमोदा: खुराक में अजमोदा इस्तेमाल करने से शरीर ऊर्जावान रहता है।

Thursday, July 13, 2017

कोर्ट का अनोखा फैसला: वकील और पुलिस के सामने शादी करो, जमानत लो




पटना, सनाउल हक़ चंचल-

पटना। बेगूसराय कोर्ट में एक अनोखा फैसला सुनाया गया है। कोर्ट ने एक प्रेमी जोड़े को शादी करने की इजाजत दी लेकिन शर्त ये थी कि प्रेमी को तभी जमानत मिलेगी जब वो पुलिस और वकील के सामने शादी करेगा।

इस फैसले के तुरंत बाद ही कोर्ट कैंपस में मौजूद पुलिस और वकील के समक्ष ही प्रेमी ने प्रेमिका के साथ शादी की, उसकी मांग भरी और साथ निभाने का वादा किया, जिसके बाद उसे अग्रिम जमानत दी गई।

इस फैसले के बाद कोर्ट में मौजूद लोगों के लिए यह शादी कौतूहल का विषय बना रहा और इस अनोखी शादी को देखने के लिए कोर्ट परिसर में लोगों की भीड़ लग गई। प्रेम प्रसंग में फरार चल रहे लड़के की आखिरकार कोर्ट कैंपस स्थित हनुमान मंदिर में शादी रचाई गई।

बताते चलें कि बखरी थानाक्षेत्र के बखरी गांव की रहने वाली लड़की निशा और लक्ष्मण तांती करीब दो वर्षो से एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे लेकिन दोनों के परिवार को उनके प्यार पर एतराज था। परिजनों की नाराजगी को देखते हुए दोनों घर से भाग निकले।

जिसके बाद लड़की के परिवार वालों ने बखरी थाना में लड़के पर लड़की को अपहरण करने का आरोप लगा दिया।जिसके बाद बखरी पुलिस दोनों को ढूंढ रही थी। गुरुवार को दोनों ने कोर्ट में आत्म समर्पण कर अग्रिम जमानत के लिए अर्जी लगाई, जिसे कोर्ट ने मंदिर में शादी करने की शर्त पर मंजूर कर लिया और शादी के बाद लड़का और लड़की को परिवार वालों को सौप दिया गया।

बहरहाल, अब दोनों प्रेमी-प्रेमिका अपनी शादी के  बाद काफी खुश हैं। दोनों के प्यार पर अब तो कोर्ट की मुहर लग गई है।

45 साल की प्रेमिका और 35 साल का प्रेमी, बंद कमरे से लोगों ने किया बरामद


पटना, सनाउल हक़ चंचल-

 पटना। पति बाहर नौकरी करता था पत्नी को इसी बीच गांव के ही एक अविवाहित युवक से प्यार हो गया। वह जब भी किसी काम से उसके घर आता तो दोनों घंटों बातें करते। देवर और भाभी के इस संबंध पर किसी को शक भी नहीं हुआ। धीरे-धीरे बातें बढ़ने लगीं दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगे। दोनों को एक-दूसरे का साथ अच्छा लगने लगा।

महिला हर वक्त उसके साथ समय बिताना चाहती थी लेकिन युवक इसके लिए मना करता था कि लोगों को पता चल गया तो मुसीबत हो जाएगी। दोनों के छुप-छुपकर मिलने का सिलसिला महीनों यूं ही चलता रहा। लोगों को दोनों के रिश्ते पर शक हुआ लेकिन सुबूत नहीं होने की वजह से कोई कुछ कहता नहीं था।

सोमवार को जोरदार बारिश हो रही थी और एेसे में महिला ने फोन कर युवक को घर बुला लिया और रात के अंधेरे का फायदा उठाकर दोनों कमरे में बंद हो गए। कमरे से आती आवाजों को सुनकर परिवार वालों को शक हुआ उन्होंने कमरे का दरवाजा पीटना शुरू कर दिया। जब कमरे का दरवाजा खुला तो लोगों को यह समझते देर नहीं लगी कि उनका शक गलत नहीं था।

लोगों ने दोनों को घर से निकाला और जमकर पिटाई की। घटना बिहार के पूर्णिया जिले के धमदाहा प्रखंड के चंपावती चकला गांव की है। यहां रहने वाली एक अधेड़ महिला को अपने ही गांव के रहने वाले एक युवक से प्यार हो गया। दोनों के बीच नाजायज रिश्ते बने। महिला का पति शहर में रहता है। दोनों गांव वालों की नजरें बचाकर मिलते थे।

दोनों को रंगे हाथ पकड़ने के लिए लोगों ने प्लान बनाया। जैसे ही प्रेमी महिला से मिलने उसके घर पहुंचा तो कुछ देर के बाद लोगों ने दोनों को आपत्तिजनक अवस्था में धर दबोचा। ग्रामीणों ने दोनों की जमकर पिटाई की और दोनों का सिर मुंडवाकर जुलूस निकालकर घुमाया गया और उसके बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Tuesday, July 4, 2017

पांच बच्चों का बाप तीन बच्चों की मां संग हुआ फरार, बोला-नहीं छोड़ूंगा साथ



पटना, सनाउल हक़ चंचल-
पटना। बेगूसराय जिले में एक अजब प्यार की गजब कहानी का मामला सामने आया है। प्रेमी के प्यार में दीवानी तीन बच्चों की मां को पांच बच्चों के पिता के साथ फरार हो गई। सिंघौल ओपी क्षेत्र के फतेहपुर पंचायत में इस घटना को लेकर तनाव व्याप्त हो गया है।

जानकारी के अनुसार दोनों के प्रेम संबंधों का जब पता चला तो परिजनों ने इसका जमकर विरोध किया और 27 जून को गांव में पंचायती भी हुई। इसके अगले दिन दोनों प्रेमी जोड़े अपने बच्चों को छोड़ कर घर से फरार हो गए।

जानकारी के अनुसार फरार जोड़े रिश्ते में जीजा-साली हैं। सोमवार को दोनों पक्ष लड़ाई झगड़ा करने को उतारु हो गए। तब यह मामला पुलिस तक पहुंच गया। सिंघौल ओपी प्रभारी ललित कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

ग्रामीणों ने उक्त घटना के खिलाफ जमकर हंगामा मचाया। ग्रामीणों का कहना था कि दोनों जोड़ों को गांव से बाहर निकाला जाए। क्योंकि इनके गांव में रहने से सामाजिक परिवेश पर बुरा असर पड़ेगा। पूर्व मुखिया विनोद मल्लिक ने कहा कि 27 जून को पंचायत की बात नहीं मानने के कारण दोनों जोड़ों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।

वहीं प्रेमी मो. कौशर अंसारी के अनुसार मुस्लिम लॉ के अनुसार उनका निकाह जायज है और वह अपनी पहली पत्नी का भी भरण पोषण करने को तैयार है। प्रेमिका हर हाल में कौशर के साथ ही रहना चाहती है। एसपी रंजीत कुमार मिश्रा ने कहा कि दोनों पक्षों को बुलाया गया है। कौशर की पहली पत्नी ने प्रताड़ना का आरोप लगाया है।

Saturday, June 24, 2017

शारीरिक संबंध से महिलाओं को मिलते है इतने फायदें

1.वजन कम करना- शारीरिक संबंध बनाने से वजन कम होता हैं।जिससे बहुत सी कैरोली बर्न हो जाती हैं।यह एक एक्सरसाइज हैं जिसके द्वारा पति-पत्नि दोनों शारीरिक रूप से फिट रहते हैं।
2.दिल की बीमारीयों से राहत- शारीरिक संबंध बनाने से दिल मजबूत होता हैं।संबंध बनाने वाली महिलाओं में दुसरी महिलाओं के मुकाबले दिल कि बीमारीयों का खतरा कम रहता हैं।
3.तनाव से मुक्ति- संबंध बनाने से महिलाओं को आनंद का अनुभव मिलता हैं।जिससे वह तनाव से मुक्त रहती हैं।इसलिए वह ज्यादा खुश रहती हैं।
4.दर्द में राहत- संबंध बनाने से महिलाओं को सिर दर्द,गठिया और कमर दर्द जैसी बीमारीयों से राहत मिलती हैं।
5.अच्छी नींद आना- इससे शरीर में स्फुर्ति आती हैं और आलस दुर भागता हैं।संबंध बनाने के महिलाओं को नींद भी अच्छी आती हैं।6.बीमारियां दुर रहती हैं- शारीरिक संबंध बनाने से कई तरह कि बीमारीयां दुर रहती हैं और इससे कई तरह कि बीमारीयो से बचा जा सकता हैं।

Thursday, June 22, 2017

प्यार में पड़ने के बाद लड़कियों में क्या-क्या बदलाव आते हैं

लाइफस्टाइल:- कहते है प्यार इंसान की जिंदगी को बदल देता है। वैसे तो आज के मॉडर्न जमाने में सच्चे प्यार करने वाले कम ही मिलते हैं। प्यार में होने पर लोग बदल जाते है, खासकर लड़कियां। रिलेशनशिप में आने के बाद उनकी कई आदतें बदल जाती हैं। आज हम आपको बताते हैं कि प्यार में पड़ने के बाद लड़कियों में क्या-क्या बदलाव आते हैं।रिलेशनशिप में आने के बाद लड़कियां अपना फोन किसी को भी नहीं देती। हर ऐप पर वह अपने पार्टनर का नाम पासवर्ड रखती हैं।प्यार में पड़ने के बाद लड़कियों की नींद उड़ जाती हैं। देर रात तक वह अपने पार्टनर से बात करती है। वह अपने बॉयफ्रैंड से बात किए बिना एक दिन भी नहीं रहती।आईने के आगे सारा दिन खड़े होकर खुद को निहारना और मुस्कुराना। रिलेशनशिप में आने के बाद लड़कियां अपनी ब्यूटी को लेकर ज्यादा सतर्क हो जाती हैं।लड़कियों की गानों की चॉइस बदल जाती हैं। उन्हें रोमांटिक सांग पसंद आने लगते हैं। हर लवस्टोरी उन्हें अपनी लगने लगती है।

प्यार में पड़ने के बाद लड़कियों का ड्रेसिंग स्टाइल भी बदल जाता है। वह अपनी पर्सनालिटी पर ज्यादा ध्यान देने लगती हैं।

 
Copyright © 2014 Revoli Full Width. Designed by OddThemes - Published By Gooyaabi Templates