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Thursday, February 1, 2018

कहीं खुशी-कहीं गम: आम आदमी को यहां हुआ घाटा और फायदा


नई दिल्ली, मोदी सरकार ने गुरुवार को अपना चौथा बजट पेश किया. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट में कई नई घोषणाएं की. लेकिन टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया, जिससे मिडिल क्लास में नाराज़गी है. हालांकि, सरकार का ध्यान पूरी तरह से खेती, किसान और ग्रामीण इलाकों पर ही रहा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बजट की जमकर तारीफ की और न्यू इंडिया का बजट बताया. बजट में ऐसी कई चीज़ें हैं जो आम आदमी के फायदे की हैं, लेकिन कुछ ने आम आदमी को झटका भी दिया है.
आम आदमी के फायदे की बात...

# किसानों को 1.5 गुना समर्थन मूल्य
# 10 करोड़ गरीब परिवारों को 5 लाख रुपए का सालाना बीमा
# 40 हज़ार रुपए मानक कटौती की घोषणा से नौकरी पेशा लोगों को फायदा
# 8 करोड़ महिलाओं को उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन
# 6 करोड़ शौचालय बने, 2 करोड़ और बनाएंगे.

आम आदमी पर यहां पड़ी मार...

# 1 फीसदी स्वास्थ्य व शिक्षा उपकर बढ़ाया, अब तीन से बढ़ाकर चार फीसदी कर दिया गया.
# 10 हज़ार से अधिक भुगतान पर ट्रस्ट को देना होगा टैक्स
# 31 जनवरी 2018 के बाद खरीदे शेयरों पर 10 फीसदी टैक्स
# लॉन्ग टर्म कैपिटल पर 10 फीसदी टैक्स
# टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं
# कस्टम ड्यूटी बढ़ाने से कई चीज़ें महंगी. खाद्य तेल, बाइक, मोबाइल, टीवी समेत कई चीज़ों के दाम बढ़े.

बजट पर मनमोहन का वार

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार को पेश किए गए बजट में किसानों की आय दोगुनी करने को लेकर किए गए दावों पर खारिज कर दिया. विश्व प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ने कहा कि ये संभव ही नहीं कि 2022 तक किसानों की आय दो गुनी कर दी जाए. मनमोहन सिंह ने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दोगुना करना तब तक संभव नहीं है जब तक कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 12 प्रतिशत तक नहीं पहुंच जाती. और जब तक हम इसे पा नहीं लेते, यह केवल जुमला ही है.

मोदी का सांसदों को निर्देश घर-घर पहुंचाओ बजट की बातें

मोदी सरकार अपने आखिरी पूर्णकालिक बजट को आम जन तक पहुंचाने के लिए अभियान चलाएगी. पीएम मोदी ने आज संसदीय दल की बैठक में बजट को ‘सबका साथ सबका विकास’ का डॉक्यूमेंट बताते हुए अपने सभी सांसदों से कहा है कि वे इसकी खूबियों के बारे में जन-जन को बताएं. पीएम ने इस काम के लिए बाकायदा सभी सांसदों को निर्देश भी दिया कि वे इस काम के लिए सोशल मीडिया का भरपूर प्रयोग करें.

बजट के बाद शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 300 अंक गिरकर धड़ाम


नई दिल्ली, बजट में इक्विटी पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स लगाए जाने से बाजार का सेंटीमेंट कमजोर हुआ है. इसकी वजह से शुक्रवार को बाजार में इस महीने की अब तक की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली है.
इस कारोबारी हफ्ते के आख‍िरी दिन शेयर बाजार ने भारी गिरावट के साथ शुरुआत की है. शुक्रवार को सेंसेक्स 300 अंक गिरकर खुला. वहीं, निफ्टी भी 10950 के स्तर के नीचे आ गया है.

फिलहाल सेंसेक्स 269.56 अंकों की गिरावट के साथ 35,637.10 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. वहीं, निफ्टी 50 79.20 अंकों की गिरावट के साथ 10,937.70 के स्तर पर कारोबार कर रहा है.
जनवरी महीने में लगातार 11000 के पार रहने के बाद निफ्टी पहली बार इस स्तर से नीचे आया है. सेंसेक्स भी 36000 के नीचे आ गया है.

शेयर बाजार को बजट से काफी उम्मीदें थीं, लेक‍िन इक्व‍िटी पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स लगाए जाने से निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर हुआ है. इसका असर गुरुवार को बंद होने के दौरान ही बाजार पर दिख गया था.
गुरुवार को सुबह बजट से बेहतर उम्मीदें पाले शेयर बजार में सकारात्मक रुख दिखा. इसकी वजह से बजट भाषण से पहले सेंसेक्स में जहां 136 अंकों की तेजी देखने को मिली. वहीं, निफ्टी में भी बढ़त रही और यह 40 अंकों की बढ़ोतरी के साथ आगे बढ़ रहा था.  बंद होने के दौरान भी बाजार में गिरावट का दौर दिखा.

Friday, November 10, 2017

GST में 'अच्छे दिन', 200 प्रोडक्ट्स हुए सस्ते, पढ़ें- हर स्लैब की नई लिस्ट


केंद्र सरकार ने जीएसटी के निर्धारण में अब तक का सबसे बड़े बदलाव करते हुए इसके जीएसटी परिषद ने चुइंग गम से लेकर चॉकलेट, सौंदर्य प्रसाधनों, विग से लेकर हाथ घड़ी तक करीब 200 उत्पादों पर कर की दरें घटा दी हैं. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी परिषद की बैठक के बाद कहा कि आम इस्तेमाल वाली 178 वस्तुओं पर कर दर को मौजूदा के 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का फैसला किया है.
रेस्तरां में खाना अब सस्ता
परिषद ने एसी से लेकर नॉन एसी तक सभी प्रकार के रेस्तरांओं पर कर की दर पांच प्रतिशत करने का फैसला किया गया है. अभी तक गैर एसी रेस्तरां में खाने के बिल पर 12 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगता था. एसी रेस्तरां पर जीएसटी की दर 18 प्रतिशत थी. ऐसे सितारा होटल जिनमें कमरे का एक दिन का किराया 7,500 रुपये या अधिक है, उन पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाएगा. लेकिन आईटीसी की सुविधा मिलेगी. वहीं ऐसे होटल जिनमें कमरे का एक दिन का किराया 7,500 रुपये से कम होगा, उन पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा. हालांकि, उन्हें आईटीसी की सुविधा नहीं मिलेगी.
जीएसटी परिषद ने 28 प्रतिशत के सर्वाधिक कर दर वाले स्लैब में वस्तुओं की संख्या को घटाकर सिर्फ 50 कर दिया है जो कि पहले 228 थी. अब 28 प्रतिशत के कर स्लैब में सिर्फ लग्जरी और अहितकर वस्तुएं ही रह गई हैं. रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुओं को 18 प्रतिशत के कर स्लैब में डाल दिया गया है.
  •  ग्वार मील, हाप कोन, कुछ सूखी सब्जियों, बिना छिले नारियल और मछली पर जीएसटी की दर 5 से घटाकर शून्य कर दी गई है.
  •  पफ्ड राइस चिक्की, आलू का आटा, चटनी पाउडर और फ्लाई सल्फर पर जीएसटी की दर 18 से घटाकर छह प्रतिशत की गई है.
  •  इडली डोसा बैटर, तैयार चमड़े, कायर, मछली पकड़ने का जाल, पुराने कपड़े और सूखे नारियल पर कर की दर को 12 से घटाकर पांच प्रतिशत किया गया है.
इन वस्तुओं पर जीएसटी 28 से 18 फीसदी की गई
चुइंग गम
चॉकलेट
कॉफी
कस्टर्ड पाउडर
मार्बल और ग्रेनाइट
डेंटल हाइजीन उत्पाद
पॉलिश और क्रीम
सैनिटरी वियर
चमड़े के कपड़े
आर्टिफिशल फर
विग
कूकर
स्टोव
शेविंग किट्स
शैंपू
डियोडोरेंट
कपड़े धोने के डिटर्जेंट पाउडर
कटलरी
स्टोरेज वॉटर हीटर
बैटरियां
गॉगल्स
हाथ घड़ी
मैट्रेस
वायर
केबल्स
फर्नीचर
ट्रंक
सूटकेस
केश क्रीम
बालों का रंग
मेकअप का सामान
पंखे
लैंप
रबड़ ट्यूब
माइक्रोस्कोप
18 से घटाकर 12 फीसदी हुई ये चीजें
कंडेस्ड मिल्क
रिफाइंड चीनी
पास्ता करी पेस्ट
डायबेटिक फूडमेडिकल ग्रेड आक्सीजन
प्रिंटिंग इंक
हैंडबैग
टोपी
चश्मे का फ्रेम
बांस-केन फर्नीचर
इन चीजों पर अब भी 28 फीसदी GST (सबसे महंगे)
पान मसाला
एरेटेड पानी
बेवरेजेज,
सिगार और सिगरेट
तंबाकू उत्पाद
सीमेंट
पेंट
इत्र
एसी
डिश वॉशिंग मशीन
वॉशिंग मशीन
रेफ्रिजरेटर
वैक्यूम क्लीनर
कार और बाइक
विमान
याट
GST रिटर्न दाखिल करने में भी छूट
अनुपालन बोझ को कम करने के लिए परिषद ने रिटर्न दाखिल करने के मानदंड में छूट दी है और साथ ही देरी से जीएसटी रिटर्न दाखिल करने पर जुर्माना कम कर दिया है. राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि देरी से जीएसटी दाखिल करने पर शून्य देनदारी वाले करदाताओं पर जुर्माना 200 रुपये से घटाकर 20 रुपये प्रतिदिन किया गया.
जेटली ने कहा कि जीएसटी ढांचे को तर्कसंगत बनाने के प्रयास के तहत परिषद समय समय पर दरों की समीक्षा करती है. पिछली तीन बैठकों से हम 28 प्रतिशत कर स्लैब को प्रणालीगत तरीके से देख रहे हैं और इन कर स्लैब से वस्तुओं को निचले कर स्लैब में ला रहे हैं. इनमें से ज्यादातर वस्तुओं को 18 या उससे कम के कर स्लैब में लाया गया है. उन्होंने जीएसटी की 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत की कर स्लैब इस आधार पर तय किया गया था जिसमें प्रत्येक उत्पाद को उस श्रेणी में रखने का प्रयास किया गया था जो जीएसटी पूर्व व्यवस्था में उसके सबसे नजदीकी श्रेणी में आती थीं.

Monday, November 6, 2017

नोटबंदी के एक साल: बैंकर्स ने कहा उनके लिए अच्छी रही नोटबंदी


नोटबंदी के एक साल पूरे होने से ठीक पहले बैंकरों ने आज कहा कि सरकार का यह कदम उनके लिए अच्छा रहा क्योंकि इससे भारी मात्रा में डिपॉजिट्स आईं तथा डिजिटलीकरण तेजी से हुआ.

एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा, ‘बैंकिंग क्षेत्र के लिए मैं इसे सकारात्मक मानूंगा क्योंकि बड़ी मात्रा में धन औपचारिक बैंकिंग प्रणाली में आया. कासा (चालू खाता, बचत खाता) डिपॉजिट्स में कम से कम 2.50-3.00 प्रतिशत की वृद्धि हुई जो कि अपने आप में बड़ा अच्छा नतीजा है. इसके साथ ही बढ़े डिपॉजिट्स के चलते मुद्रा बाजार की ब्याज दरों में गिरावट दर्ज की गई.

आईसीआईसीआई बैंक की प्रमुख कार्यकारी चंदा कोचर ने कहा कि नोटबंदी के कारण वित्तीय बचतों को औपचारिक रूप मिला और म्युचुअल फंडों व बीमा में धन का प्रवाह बढ़ा.

कोचर ने कहा, ‘नोटबंदी के बाद, तेजी से डिजिटलीकरण को अपनाया गया. भविष्य में भी, डिजिटलीकरण के प्रति संपूर्ण रुख जारी रहेगा.’ कोचर ने कहा कि वित्तीय बचत को औपचारिक रूप से मिलने से बैंकों व अन्य स्थानों की छोटे ग्राहकों तक पहुंचने की क्षमता बढ़ेगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल आठ नवंबर को नोटबंदी की घोषणा करते हुए 500 व 1000 रुपये के प्रचलित नोटों को चलन से बाहर कर दिया था. इसे काले धन व भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का सरकारी प्रयास बताया गया. उसके बाद से ही केंद्र सरकार डिजिटल भुगतान व लेनदेन को बढ़ावा दे रही है ताकि देश कम नकदी चलन वाली अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ सके.

यह अलग बात है कि विपक्षी दलों ने नोटबंदी की आलोचना की है और उनकी आठ नवंबर को देश भर में ‘काला दिवस’ मनाने की योजना है.

Wednesday, August 30, 2017

आधार-पैन जोड़ने में बचा है एक दिन, आखिरी वक्त में ऐसे करें लिंक


  • इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने वालों के लिए 31 अगस्त आधार और पैन लिंक करने का आखिरी दिन है. अगर आपने लिंक नहीं किया है तो आपको बताते हैं कि कैसे आप आसान तरीके से अपने आधार को पैन से लिंक कर सकते हैं...
  • आधार-पैन जोड़ने में बचा है एक दिन, आखिरी वक्त में ऐसे करें लिंक
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    स्टेप-1: सबसे पहले अपने पास पैन और आधार के नंबर पर रख लें.
  • आधार-पैन जोड़ने में बचा है एक दिन, आखिरी वक्त में ऐसे करें लिंक
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    स्टेप-2: इसके बाद इनकम टैक्स की वेबसाइट पर जाएं. वहां आपको लिंक आधार का ऑप्शन मिलेगा.
  • आधार-पैन जोड़ने में बचा है एक दिन, आखिरी वक्त में ऐसे करें लिंक
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    स्टेप-3: वेबसाइट पर लिंक आधार के ऑप्शन पर क्लिक करें.


  • आधार-पैन जोड़ने में बचा है एक दिन, आखिरी वक्त में ऐसे करें लिंक
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    स्टेप-4: इस पेज पर पहुंचते ही आपको अपने आधार और पैन का नंबर फिल करना होगा. एक कैप्चा कोड होगा जिसे आपको भरना होगा और सबमिट करते ही आपका प्रोसेस पूरा हो जाएगा.
  • Thursday, August 24, 2017

    JioPhone के लिए बुकिंग आज से शुरू, ये होंगे स्पेसिफिकेशन्स



    JioPhone की प्री बुकिंग आज शाम 5 बजे से शुरू होगी. इसके लिए कस्टमर्स को 500 रुपये देने होंगे. इस फीचर फोन के लिए 1500 रुपये दने होंगे. यानी जब प्री बुकिंग के बाद आप इसे खरीदेंगे तो 1,000 रुपये देने होंगे. हालांकि कंपनी 1,500 रुपये को सिक्योरिटी डिपॉजिट बता रही है जिसे तीन साल के बाद फोन को वापस करके ले सकते हैं.
    जब से जियोफोन को लॉन्च किया गया है कि तब से ही इस फोन को लेकर तमाम तरह की खबरें सुर्खियों में बनी रही हैं. जैसा कि सभी को पता ही है कि कल से इस फोन की प्री-बुकिंग शुरू होने जा रही है. ऐसे में जो भी ग्राहक इस फोन की बुकिंग करना चाह रहे हैं वो इसे आज शाम पांच बजे से बुकिंग करा सकते हैं.
    ऐसे कर सकते हैं JioPhone की बुकिंग
    जो ग्राहक इच्छुक हैं वो आज शाम 5 बजे से 700 शहरों के रिलायंस डिजिटल स्टोर और 1,0772 जियो सेंटर्स से बुक कर सकते हैं. इतना ही नहीं इस फीचर फोन को jio.com, websitejio.com और my jio ऐप से भी बुक किया जा सकता है. जो ग्राहक इसे ऑफलाइन तरीके से SMS के जरिए बुक करना चाहते हैं वो इसे JP <एरिया पिन कोड> स्टोर कोड टाइप कर 7021170211 पर भेज सकते हैं.
    रिटेल स्टोर्स में जाकर प्री-बुकिंग कराने वाले ग्राहक याद रखें कि आधार कार्ड ले जाना अनिवार्य है. इसके अलावा ऑनलाइन बुकिंग करते वक्त ध्यान रहे कि ज्यादा लोड होने की वजह से प्रक्रिया धीमी हो सकती है. जहां तक फोन की डिलिवरी का सवाल है तो ये फोन ग्राहकों को पहले आओ और पहले पाओ आधार पर दिया जाएगा.
    कब आपको मिलेगा यह फोन
    जितने पहले आपने बुक कराया है उसी हिसाब से आपके पासे इसकी डिलिवरी होगी. कंपनी ने हर हफ्ते 5 मिलियन डिवाइस बेचने की तैयारी की है. हालांकि कंपनी ने कहा है कि डिमांड देखते हुए शिपिंग भी बढ़ाई जाएगी. 
    JioPhone स्पेसिफिकेशन्स
    फिलहाल आधिकारिक तौर पर इसके स्पेसिफिकेशन्स नहीं आए हैं, लेकिन हाल में ही इसके फीचर्स लीक हुए हैं. लीक्ड रिपोर्ट के मुताबिक इस फोन में 4जीबी की इंटरनल मेमोरी होगी जिसे माइक्रो एसडी कार्ड के जरिए बढ़ा कर 128GB तक किया जा सकता है. इसके रियर में 2MP कैमरा होगा इसके अलावा इसमें जियो टीवी समेत कंपनी के दूसरे ऐप्स भी होंगे.
    आपको बता दें कि यह फोन 15 भाषाओं को सपोर्ट करता है. कंपनी ने इसके साथ एक खास केबल का ऐलान किया था, लेकिन अभी साफ नहीं है कि इसे कब खरीद सकेंगे. इस केबल के जरिए मोबाइल को केबल और आम टीवी से कनेक्ट करके इसके कॉन्टेंट टीवी पर देख सकते हैं. हालांकि केबल के लिए कस्टमर्स को दूसरा प्लान लेना होगा. 

    कल ही बाजार में आ जाएगा 200 रुपये का नोट, देखें झलक और खासियतें

    रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने गुरुवार को 200 रुपए के नए नोट की तस्वीर जारी कर दी है. नया नोट शुक्रवार को जारी कर दिया जाएगा. इससे पहले ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि यह नोट सितंबर के पहले हफ्ते में आएगा. यह पहली बार होगा कि 100 और 500 के बीच का कोई नोट जारी किया जाएगा. बुधवार को ही इसको लेकर केंद्र सरकार की तरफ से नोटिफिकेशन जारी किया गया था.

    कैसा है नोट?


    नोट के आगे वाले हिस्से में अशोक स्तंभ की तस्वीर भी लगाई गई है. इस नोट में उर्जित पटेल का सिग्नेचर है. वहीं पिछली तरफ स्वच्छ भारत अभियान का लोगो लगाया गया है.
    आएगा 50 का नोट
    आपको बता दें कि 50 रुपये के नए नोटों को महात्मा गांधी (नई) सीरीज के तहत जारी किया जाएगा, जिन पर आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल के हस्ताक्षर होंगे. 50 रुपये के नए नोटों के पिछले साइड में दक्षिण भारतीय मंदिर के साथ रथ की तस्वीर है. जोकि देश की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है.
    8 नवंबर 2016 को हुई नोटबंदीगौरतलब है कि 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा की थी. इसके बाद 1000 और 500 रुपये के नोट चलन से बाहर कर दिए गए. रिजर्व बैंक ने इनकी जगह 500 और 2000 रुपये के नए नोट जारी किए. हाल में आई अपुष्ट खबरों के मुताबिक सरकार 200 रुपये का नया नोट भी लाने की तैयारी में है.

    Tuesday, August 22, 2017

    सितंबर के पहले ही हफ्ते में 200 रुपये का नोट ला सकता है RBI


    रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया जल्द ही 200 रुपए का नोट जारी कर सकता है. RBI इस महीने के आखिर में या फिर सितंबर की शुरुआत में ये नोट ला सकता है. ऐसा पहली बार होगा कि 200 रुपए का नोट आएगा. आपको बता दें कि हाल ही में RBI ने ऐलान किया था कि 50 रुपए का नोट भी आएगा.

    इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, जल्द ही देश भर के बैंकों और एटीएम में इन्हें उपलब्ध कराया जाएगा. खबर के अनुसार, इन नोटों की ब्लैक मार्केटिंग ना हो इसके लिए आरबीआई पूरी तरह से तैयार है. अभी तक 200 रुपए के 50 करोड़ नोट छापे जा चुके हैं.

    आएगा 50 का नोट

    आपको बता दें कि 50 रुपए के नए नोटों को महात्मा गांधी (नई) सीरीज के तहत जारी किया जाएगा, जिन पर आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल के हस्ताक्षर होंगे. 50 रुपये के नए नोटों के पिछले साइड में दक्षिण भारतीय मंदिर के साथ रथ की तस्वीर है. जोकि देश की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है.

    8 नवंबर 2016 को हुई नोटबंदी

    गौरतलब है कि 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा की थी. इसके बाद 1000 और 500 रुपये के नोट चलन से बाहर कर दिए गए. रिजर्व बैंक ने इनकी जगह 500 और 2000 रुपये के नए नोट जारी किए. हाल में आई अपुष्ट खबरों के मुताबिक सरकार 200 रुपये का नया नोट भी लाने की तैयारी में है.

    हड़ताल पर 10 लाख बैंक कर्मचारी, इन सर्विसेज पर होगा असर!


    सरकारी बैंकों के करीब 10 लाख क्‍लर्क और अधिकारी हड़ताल पर हैं. बैंक कर्मचारी यूनियनों के संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंकिंग यूनियन्स (UFBU) ने इस देशव्यापी हड़ताल का फैसला किया है. हड़ताल से बैंक ब्रांचों में कैश ट्रांजैक्‍शन और चेक क्‍लीयरिंग जैसे फाइनेंशियल सर्विसेज प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन इंटरनेट, मोबाइल बैंकिंग सर्विसेज, पीओएस मशीनों और एटीएम आदि के कारण कस्‍टमर पर ये असर सीमित ही होंगे.

    बैंकों की हाड़ताल से GST पेमेंट होगी बाधित

    जीएसटी पोर्टल की सुस्ती से परेशान ट्रेड-इंडस्ट्री को बैंककर्मियों की हड़ताल से एक और झटका लगने जा रहा है. यूं तो हड़ताल से सभी तरह के बैंकिंग ट्रांजैक्शन पर बुरा असर पड़ेगा, लेकिन सबसे ज्यादा टेंशन में वे कारोबारी हैं, जिन्हें 25 अगस्त तक जुलाई महीने का जीएसटी जमा कराना है. जानकारों के मुताबिक तीनों में मोड में बैंक ट्रांजैक्शन में देरी का सामना करना पड़ सकता है.

    किसी मोड में ट्रांसफर संभव नहीं

    जीएसटी पेमेंट के लिए किसी भी कारोबारी के पास विकल्प है कि वह जीएसटी पोर्टल पर टैक्स लाेन जेनरेट कर वहीं से ऑनलाइन पेमेंट कर दे या चालान जेनरेट करके बैंक में जाकर जमा कराए या फिर चालान जेनरेट कर आरटीजीएस करें. फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्री, ट्रेड एंड जूलर्स एसोसिएशन के चेयरमैन सुशील जैन ने बताया कि बड़े पैमाने पर व्यापारी दूसरे मोड में टैक्स जमा करा रहे हैं, यानी वे चालान जेनरेट कर ब्रांच में टैक्स जमा करते हैं, इस मोड में कोई ट्रांजैक्शन नहीं हो सकेगा. चूंकि ट्रेडर हर रोज की सेल्स के बाद कैश डिपॉजिट करता है, जब अकाउंट में पैसा ही नहीं आएगा तो किसी मोड में ट्रांसफर संभव नहीं होगा. कैश डिपॉजिट और चेक क्लियरेंस भी पूरी तरह ठप रहेगी.

    इस वजह से हड़ताल कर रहे हैं बैंककर्मी

    ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त ऑफिसर असोसिएशन के अध्यक्ष ए.के. सिंह एवं महामंत्री सुधीर सक्सेना ने बताया, बैंकिंग क्षेत्र में सुधारों के नाम पर निजीकरण, अवांछित श्रम सुधार, औद्योगिक घरानों के डूबते ऋणों पर दी जाने वाली रियायतों, बैंक शुल्क में बढ़ोतरी, एनपीए की त्वरित वसूली, एफडीआरआई बिल की वापसी, बैंक बोर्ड को विघटित करने की साजिश के विरोध एवं सभी वर्गों के कार्मिकों की भर्ती करने जैसी प्रमुख मांगों को लेकर हड़ताल रखी गई है.

    नौ यूनियनों ने किया हड़ताल का आह्वान

    यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियनों में सभी 9 बैंक यूनियन (एआईबीईए, एआईबीओसी, एनसीबीई, एआईबीओ, बीईएफआई, आईएनबीईएफ, आईएनबीओसी, नोबीडब्ल्यू, एनओओ) ने हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है. एआईबीओसी के महासचिव डी टी फ्रैंको ने कहा, ''मुख्य श्रम आयुक्त के साथ सुलह नहीं हो पाई. करीब 132,000 शाखाओं में कामकाज प्रभावित होगा.

    Tuesday, August 8, 2017

    GSTN पोर्टल पूरी तरह तैयार, कंपनियां शुरू करें जुलाई का टैक्स भरना

    कंपनियां नई माल एवं सेवा कर जीएसटी व्यवस्था के तहत अपना पहला कर रिटर्न भरना शुरू कर सकती हैं. जीएसटी नेटवर्क ने पोर्टल पर रिटर्न फाइलिंग और कर भुगतान की सुविधा शुरू कर दी है. जीएसटीएन के चेयरमैन नवीन कुमार ने कहा, जीएसटीआर-3बी फाइल करने के लिये खिड़की पांच अगस्त को खुल गयी और अब यह पूरी तरह काम कर रही है.

    करदाता जीएसटी पोर्टल पर अपने खाते को खोलकर जीएसटीआर-3बी रिटर्न किसी भी समय भर सकते हैं. वे पोर्टल पर इंटरनेट बैंकिंग के जरिये कर भुगतान भी कर सकते हैं. जुलाई और अगस्त के लिये जीएसटी रिटर्न माल एवं सेवा कर नेटवर्क जीएसटीएन पोर्टल पर जीएसटीआर 3बी फार्म भरकर भरा जाएगा.

    इसमें करदाता को आपूर्ति और इनपुट क्रेडिट का पूरा ब्योरा उपलब्ध कराने की जरूरत है. करदाता को स्व-आकलन कर देनदारी, इनपुट टैक्स क्रेडिट आईटीसी तथा कर भुगतान का ब्योरा देना है. जुलाई 2017 के लिए जीएसटीआर-3बी भरने की अंतिम तारीख 20 अगस्त 2017 तथा अगस्त के लिये 20 सितंबर 2017 है.

    जीएसटीएन ने कहा कि जीएसटीआर-3बी करदाता को तीन खंडों में पूरा ब्योरा देना है. इसके अंतर्गत आपूर्ति इनपुट टैक्स क्रेडिट तथा कर भुगतान का ब्योरा देना होगा.

    उत्पाद शुल्क, सेवा कर तथा वैट भुगतान करने वाले 71.30 लाख से अधिक इकाइयां जीएसटीएन पोर्टल से जुड़ी हैं. इसके अलावा 15 लाख नये करदाताओं ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है. इन इकाइयों को जुलाई के लिये अंतिम जीएसटी रिटर्न 10 अगस्त के बजाए पांच सितंबर तक देना है. कंपनियों को बिक्री चालान को जीएसटी नेटवर्क पर 10 सितंबर के बजाए अब 20 सितंबर तक भरना है. सितंबर के लिये बिक्री रिटर्न 10 अक्टूबर तक भरनी होगी.

    10 लाख बैंक कर्मचारी करेंगे हड़ताल, कैश-चेक ट्रांजैक्‍शन पर पड़ सकता है असर

    बैंकों के 10 लाख कर्मचारी और अधिकारी 22 अगस्त को निजीकरण, बैंक विलय, एनपीए की सख्ती से वसूली और जीएसटी के बाद बढ़ी हुई सेवाओं के प्रभार सहित 17 मुद्दों के विरोध में बैंक कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे. स्ट्राइक से कैश लेनदेन और चेक क्‍लीयरेंस होने जैसी सेवाएं प्रभावित होंगी. हालांकि, मोबाइल बैंकिंग और एटीएम सेवा पर इसका कोई प्रभाव नहीं होगा.

    9 बैंक यूनियन स्ट्राइक पर
    यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियनों में सभी 9 बैंक यूनियन (एआईबीईए, एआईबीओसी, एनसीबीई, एआईबीओ, बीईएफआई, आईएनबीईएफ, आईएनबीओसी, नोबीडब्ल्यू, एनओओ) ने हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है. यह स्ट्राइक कैश लेनदेन और चेक क्‍लीयर होने जैसी सेवाओं को प्रभावित कर सकती है.

    15 सितंबर को बड़ी रैली की जाएगी
    यूनियन के महासचिव सी एच वेंकटचलम ने कहा कि नौ बैंक यूनियनों तथा सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है. वेंकटचलम ने बताया कि 22 अगस्‍त की हड़ताल के बाद  15 सितंबर को बड़े पैमाने पर रैली आयोजित की जाएगी.

    एसोसिएशन की मांगें
    एसोसिएशन की खास मांगों में बैंक चार्ज में वृद्धि की वापसी, एनपीए की सख्ती से वसूली नहीं करना, संसदीय समितियों की अनुशंसाओं को लागू करना, एफआरडीआई बिल वापस लेना, सभी संवर्गों में समुचित भर्ती, बोर्ड-ब्यूरो को खत्म करना, बड़े बकायेदारों को अपराधी घोषित करना और जीएसटी का बोझ ग्राहकों पर नहीं डालना आदि हैं.
     
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