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Saturday, February 10, 2018

जब सारे दरवाजे बंद होते तब प्रभु का दरबाजा खुलता

जब सारे दरवाजे बंद होते तब प्रभु का दरबाजा खुलता

                       दर्शन राजपूत की खबर



कन्नौज बिशुनगढ़ के सरदामई मौजा के चित्तरपुर कछपुरा के बीच गमा देवी मंदिर पर सार्वजनिक श्रीमद् भागवत कथा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर अदभुत् एवं अलौकिक छटा बिखेरी और कथा पंडाल में उपस्थित भक्तगण श्रोता बधाई गीतों पर नृत्य करते हुए झूम उठे कथा वाचक कर्मकांडी पंडित जितेंद्र जी महाराज  (वृंदावन धाम ) ने कहा कि जब संसार के दरवाजे बंद हो जाते हैं तब भगवान का दरवाजा खुलता है इसलिए मनुष्य को सारे संसारी सहारा छोड़कर परमात्मा के नाम का सहारा लेना चाहिए इससे बड़ा जादू तो भगवान के नाम में है भक्ती और समर्पण से भगवान भक्ती के बंधन में बंध जाता है उन्होंने ने कहा कि जो तुम्हारे पापों को रॊगों को दोषों और दुर्गुणों को हरण कर ले उसी का नाम हरि है और कहा कि जो सबकी कुशलता चाहे वही कौशल्या है उसी की गोद में राम खेलते हैं हमारा शरीर भी अयोध्या है बस इसमें राम को प्रकट करना है ऐसा तब होगा जब दशरथ और अयोध्या वासियों की तरह हमारा अंत करण ब्रह्मा वृत्ति से परिपूर्ण होगा उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं कि सिर्फ एक ही अयोध्या और एक ही वृंदावन हो जहां भी भक्ती उपज जाऐ वही अयोध्या और वृंदावन बन जाता है जैसे आज यह गमा देवी मंदिर ब्रजमंडल बन गया है

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