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Friday, February 2, 2018

पुलिस अधीक्षक ने कराया अभ्यास

आज पुलिस अधीक्षक कन्नौज श्री हरीश चंद्र ने पुलिस लाइन परेड ग्राउंड पर सलामी बाद परेड निरीक्षण किया तथा अभ्यास कराया तथा  पुलिसकर्मियों को सर्चिंग ऑपरेशन के बारे में बताया गया।डायल100 पर तैनात पुलिसकर्मियों को घटना स्थल पर तुरंत पहुचकर उचित कार्यवाही के निर्देश दिये।भोजनालय में भोजन की गुणवत्ता को परखा। भोजनालय में साफ सफाई न पाए जाने पर मेस इंचार्ज को हटाने का आदेश दिया।

Thursday, February 1, 2018

कासगंज हिंसा: चंदन के परिजनों को मिली धमकी, CM योगी से की लाइसेंसी हथियार की मांग


तिरंगा यात्रा के दौरान कासगंज में भड़की हिंसा में मारे गए चंदन गुप्ता के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उन्हें धमकी दी जा रही है. मृतक चंदन के पिता सुशील गुप्ता ने बताया कि जब वे घर के बाहर बैठे थे, इसी बीच कुछ लोग बाइक पर सवार होकर उनके घर आए. उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि आरोपी जेल जा रहे हैं लेकिन दूसरे लोग अभी भी यहां हैं.

चंदन के पिता ने बताया,  "उन लोगों ने कहा कि हमसे दुश्मनी मत लो, वरना देख लेंगे." सुशील गुप्ता ने प्रदेश सरकार से सुरक्षा की भी मांग की है. साथ ही उन्होंने सीएम योगी से परिवार की सुरक्षा के लिए लाइसेंसी हथियार की भी मांग की है.

बता दे कि गणतंत्र दिवस के मौके पर तिरंगा यात्रा के दौरान विश्व हिन्दू परिषद और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा निकाली जा रही मोटरसाइकिल रैली पर पथराव के बाद हिंसा भड़क उठी थी. इसके बाद हुई आगजनी और फायरिंग में एक किशोर चंदन की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए थे.

उधर, यूपी सरकार ने कासगंज हिंसा मामले में अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट केंद्र को भेज दी है. रिपोर्ट में कानून व्यवस्था को लेकर पैदा हुई स्थिति, मौजूदा स्थिति और कार्रवाई के बारे में बताया गया है.
अब तक इस मामले में 118 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. हिंसा में दर्ज 5 एफआईआर के तहत 37 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 81 लोगों को धारा-144 के उल्लंघन के आरोप में अरेस्ट किया गया है. कासगंज हिंसा के दौरान शहर में आगजनी की 7 एफआईआर भी दर्ज की गई हैं.

चंदन हत्याकांड के नामज़द आरोपियों की लिस्ट में सलीम, वसीम, नसीम मुख्य आरोपी हैं. इनके अलावा जाहिद जग्गा, आसिफ़ हिटलर को भी आरोपी बनाया गया है. असलम, असीम, नसरुद्दीन, आकरम, तौफीक, खिल्लन, शबाब, राहत, सलमान, मोहसिन, साकिब, बब्लू, नीशू और वासिफ को भी आरोपी बनाया गया है.

मैं 'खिलजी' का किरदार ज़रा अलग तरीके से निभाता : शाहिद कपूर


विवादों में घिरी फिल्म पद्मावत की चर्चा अभी थमी नहीं थी की इस फिल्म को लेकर शाहिद ने एक बड़ा बयान दिया है. फिल्म के अंदर राजपूत राजा महारावल रतन सिंह का किरदार निभा रहे शाहिद ने कहा है कि उन्हें मौका मिलता तो वो खिलजी का किरदार निभाना चाहते.

निर्देशक संजय लीला भसाली की पीरियड फिल्म पद्मावत का नाम भले ही रानी पद्मावती की ओर इशारा करता है लेकिन इस फिल्म का सबसे मजबूत किरदार अलाउद्दीन खिलजी का किरदार है और इस बात की पुष्टि शाहिद के इस बयान ने कर दी है.

शाहिद ने एक ग्रुप इंटरव्यू के दौरान कहा कि वो इस किरदार को निभाते तो कुछ अलग निभाते,"संजय लीला भंसाली की इस फिल्म में खिलजी वाला किरदार कौन नहीं करना चाहेगा? मुझे अगर मौका मिलता तो मैं भी इसी किरदार को निभाता और शायद कुछ अलग करता."

क्या वो इसे रणवीर से बेहतर निभाते, इसे साफ करते हुए शाहिद कहते हैं,"कॉफी विद करन के एक एपिसोड में रणवीर सिंह ने कहा था कि वो मेरे 'कमीने' वाले किरदार को शायद ज्यादा बेहतर निभा सकते थे, उसी तरह से मुझे भी लगता है कि मैं खिलजी के किरदार को थोड़ा अलग तरीके से निभाता."
शाहिद ने यह बिल्कुल साफ नहीं किया कि वो रणवीर के किरदार से खुश थे या नहीं लेकिन अपने किरदार को लेकर उनकी अरुचि इस फिल्म की शुरुआत से ही नज़र आई है. फिल्म क्रिटिक्स ने भी माना कि फिल्म में शाहिद अपने रोल को जैसे तैसे निभा देते हैं वहीं रणवीर इस फिल्म की जान निकल कर आते हैं.

इस फिल्म का नाम भले ही पद्मावत है और भले ही संजय लीला भंसाली ने इसे राजपूतों की शान दिखाने के लिए बनाने का दावा किया हो, सभी जानते हैं कि इस फिल्म में अलाउद्दीन खिलजी का किरदार सबसे मज़बूत किरदार रहा. बॉक्स ऑफिस पर 150 करोड़ के लगभग की कमाई करने वाली पद्मावत में शाहिद ने अपने और रणवीर के बीच के कई किस्से भी साझा किए.

"मैं रतन सिंह के किरदार में था जो ज्यादा बात नहीं करता है, इसलिए सेट पर भी मैं चुप ही रहता था लेकिन रणवीर और मेरे दृश्यों पर मैंने खास काम किया है क्योंकि मैं जानता हूं कि वो फिल्म के सबसे मजबूत दृश्यों में से एक थे." शाहिद ने जोड़ा,"संजय लीला भंसाली की फिल्मों में किरदार उनके होते हैं और कलाकार सिर्फ उन्हें निभाते हैं. इसलिए मेरे या रणवीर के किरदार का श्रेय उनको जाता है. लेकिन बतौर एक एक्टर, मैं रणवीर से अलग हूं और इसलिए मैं अलग तरीके से खिलजी के पागलपन को पर्दे पर जीवित करता."

पद्मावत पर भले ही कितने विवाद हो गए हैं, ये तो साफ है कि फिल्म लगातार अच्छा बिज़नेस कर रही है और अगर फिल्म दो हफ़्ते और चलती है तो यह फिल्म 200 करोड़ भी कमा सकती है.

वनडे में टीम इंडिया की जीत से शुरुआत, ये हुई ना चैंपियनों वाली बात


जिस डरबन में रिकॉर्ड हारते रहने का था, उसी डरबन में विराट कोहली और उनकी टीम ऐसे खेली जैसे होम टीम दक्षिण अफ्रीका नहीं, बल्कि इंडिया ही हो. झूमके बरसे विराट और शतक जमाकर रच डाला एक नया इतिहास. इतना ही नहीं, इतिहास एक और तरीके से रचा गया. डरबन में टीम इंडिया ने कभी ढाई सौ रन नहीं बनाए थे, इस बार वो भी हो गया.

भारतीय टीम के सामने बौना हो गया 270 रनों का लक्ष्य. रोहित शर्मा सिर्फ 20 रन बनाकर आउट हो गए. विराट के लिए शिखर को अपना विकेट कुर्बान करना पड़ा. मगर कैप्टन कोहली ने शिखर की कुर्बानी को जाया नहीं जाने दिया. अजिंक्य रहाणे ने भी मौके को खूब भुनाया. शायद उन्होंने भांप लिया था कि कोहली ने उन्हें ट्रायल पर रखा है. लिहाजा खेल गए एक ऐसी पारी जिसने आगे के वनडे मैचों के लिए भी प्लेइंग इलेवन में उनकी जगह सुरक्षित कर दी.

सेट होने के बाद विराट भी किसी को कहां बख्शते हैं? और उस दक्षिण अफ्रीका को क्यों बख्शते, जिसने टेस्ट सीरीज में उन्हें हार की सौगात दी थी. इस बार बदले में विराट ने अपने 33वें शतक से दक्षिण अफ्रीका को सौगात दी. एक पल के लिए भी विराट और रहाणे ने दक्षिण अफ्रीका को मैच में वापस आने ही नहीं दिया. एक होती है हार और एक होती है हाहाकार. दक्षिण अफ्रीकी टीम के लिए ये हाहाकार ही है.
अगर खुद को बेस्ट बॉलिंग अटैक कहने वाली टीम इस कदर टांय-टांय फिस्स हो जाए, तो हवा बदल ही जाती है. इस जीत के साथ ही भारत ने छह मैचों की श्रृंखला में 1-0 से बढ़त बना ली है. दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट पर 269 रन बनाए. भारत ने 45.3 ओवर में चार विकेट पर 270 रन बनाकर जीत दर्ज की.

कहीं खुशी-कहीं गम: आम आदमी को यहां हुआ घाटा और फायदा


नई दिल्ली, मोदी सरकार ने गुरुवार को अपना चौथा बजट पेश किया. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट में कई नई घोषणाएं की. लेकिन टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया, जिससे मिडिल क्लास में नाराज़गी है. हालांकि, सरकार का ध्यान पूरी तरह से खेती, किसान और ग्रामीण इलाकों पर ही रहा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बजट की जमकर तारीफ की और न्यू इंडिया का बजट बताया. बजट में ऐसी कई चीज़ें हैं जो आम आदमी के फायदे की हैं, लेकिन कुछ ने आम आदमी को झटका भी दिया है.
आम आदमी के फायदे की बात...

# किसानों को 1.5 गुना समर्थन मूल्य
# 10 करोड़ गरीब परिवारों को 5 लाख रुपए का सालाना बीमा
# 40 हज़ार रुपए मानक कटौती की घोषणा से नौकरी पेशा लोगों को फायदा
# 8 करोड़ महिलाओं को उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन
# 6 करोड़ शौचालय बने, 2 करोड़ और बनाएंगे.

आम आदमी पर यहां पड़ी मार...

# 1 फीसदी स्वास्थ्य व शिक्षा उपकर बढ़ाया, अब तीन से बढ़ाकर चार फीसदी कर दिया गया.
# 10 हज़ार से अधिक भुगतान पर ट्रस्ट को देना होगा टैक्स
# 31 जनवरी 2018 के बाद खरीदे शेयरों पर 10 फीसदी टैक्स
# लॉन्ग टर्म कैपिटल पर 10 फीसदी टैक्स
# टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं
# कस्टम ड्यूटी बढ़ाने से कई चीज़ें महंगी. खाद्य तेल, बाइक, मोबाइल, टीवी समेत कई चीज़ों के दाम बढ़े.

बजट पर मनमोहन का वार

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार को पेश किए गए बजट में किसानों की आय दोगुनी करने को लेकर किए गए दावों पर खारिज कर दिया. विश्व प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ने कहा कि ये संभव ही नहीं कि 2022 तक किसानों की आय दो गुनी कर दी जाए. मनमोहन सिंह ने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दोगुना करना तब तक संभव नहीं है जब तक कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 12 प्रतिशत तक नहीं पहुंच जाती. और जब तक हम इसे पा नहीं लेते, यह केवल जुमला ही है.

मोदी का सांसदों को निर्देश घर-घर पहुंचाओ बजट की बातें

मोदी सरकार अपने आखिरी पूर्णकालिक बजट को आम जन तक पहुंचाने के लिए अभियान चलाएगी. पीएम मोदी ने आज संसदीय दल की बैठक में बजट को ‘सबका साथ सबका विकास’ का डॉक्यूमेंट बताते हुए अपने सभी सांसदों से कहा है कि वे इसकी खूबियों के बारे में जन-जन को बताएं. पीएम ने इस काम के लिए बाकायदा सभी सांसदों को निर्देश भी दिया कि वे इस काम के लिए सोशल मीडिया का भरपूर प्रयोग करें.

मनमोहन ने कहा- 2022 तक किसानों की आय दोगुना करना असंभव


पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार को पेश किए गए बजट में किसानों की आय दोगुनी करने को लेकर किए गए दावों पर खारिज कर दिया. विश्व प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ने कहा कि ये संभव ही नहीं कि 2022 तक किसानों की आय दो गुनी कर दी जाए.
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा कि साल 2022 तक किसानों की आय दो गुनी करने को लेकर केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है. लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री और ख्यात अर्थशास्त्री  मनमोहन जेटली के दावों से असहमति जताई.
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दोगुना करना तब तक संभव नहीं है जब तक कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 12 प्रतिशत तक नहीं पहुंच जाती. और जब तक हम इसे पा नहीं लेते, यह केवल जुमला ही है.

नई दिल्ली में विपक्ष की बैठक के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने मनमोहन सिंह का बयान पब्लिक के सामने रखा.
पूर्व प्रधानमंत्री ने मनमोहन सिंह ने यह भी कहा कि, 'राजकोषीय घाटे में वृद्धि हुई है.' इससे पहले, सिंह ने कहा था कि यह देखना होगा कि सरकार अपने वादों को कैसे पूरा करेगी.

उन्होंने कहा, 'मैं नहीं समझता कि मैं यह कह सकता हूं कि यह बजट चुनावों में फायदा हासिल करने की मंशा से पेश किया गया है, लेकिन मुझे इस बात की चिंता है कि वित्तीय अंकगणित में कुछ गड़बड़ है.'
जब पूर्व प्रधानमंत्री ये यह पूछा गया कि क्या बजट रिफॉर्म के एजेंडे को आगे बढ़ाता दिख रहा है? इस पर मनमोहन सिंह ने कहा कि इस शब्द का कई बार उपयोग और दुरुपयोग हुआ है.
क्या कृषि संकट पिछली सरकारों की वजह से है और यदि नहीं तो इसे किस तरह डील किया जाना चाहिए के सवाल पर उन्होंने किसी तरह की टिप्पणी करने से इंकार कर दिया.

बजट के बाद शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 300 अंक गिरकर धड़ाम


नई दिल्ली, बजट में इक्विटी पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स लगाए जाने से बाजार का सेंटीमेंट कमजोर हुआ है. इसकी वजह से शुक्रवार को बाजार में इस महीने की अब तक की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली है.
इस कारोबारी हफ्ते के आख‍िरी दिन शेयर बाजार ने भारी गिरावट के साथ शुरुआत की है. शुक्रवार को सेंसेक्स 300 अंक गिरकर खुला. वहीं, निफ्टी भी 10950 के स्तर के नीचे आ गया है.

फिलहाल सेंसेक्स 269.56 अंकों की गिरावट के साथ 35,637.10 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. वहीं, निफ्टी 50 79.20 अंकों की गिरावट के साथ 10,937.70 के स्तर पर कारोबार कर रहा है.
जनवरी महीने में लगातार 11000 के पार रहने के बाद निफ्टी पहली बार इस स्तर से नीचे आया है. सेंसेक्स भी 36000 के नीचे आ गया है.

शेयर बाजार को बजट से काफी उम्मीदें थीं, लेक‍िन इक्व‍िटी पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स लगाए जाने से निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर हुआ है. इसका असर गुरुवार को बंद होने के दौरान ही बाजार पर दिख गया था.
गुरुवार को सुबह बजट से बेहतर उम्मीदें पाले शेयर बजार में सकारात्मक रुख दिखा. इसकी वजह से बजट भाषण से पहले सेंसेक्स में जहां 136 अंकों की तेजी देखने को मिली. वहीं, निफ्टी में भी बढ़त रही और यह 40 अंकों की बढ़ोतरी के साथ आगे बढ़ रहा था.  बंद होने के दौरान भी बाजार में गिरावट का दौर दिखा.
 
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